बिजली कर्मचारियों की मांगों पर सरकार के फैसलों का महासंघ ने जताया आभार, संविदा व आउटसोर्स कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग दोहराई

Digital Desk

मध्यप्रदेश बिजली कर्मचारी महासंघ ने कर्मचारी हित में लिए गए फैसलों के लिए प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला ने कहा कि सरकार द्वारा कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिए जाने से बिजली कर्मचारियों में खुशी का माहौल है।

महासंघ की ओर से जारी पत्र के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यकाल में भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री कुलदीप गुर्जर के नेतृत्व में पिछले दो वर्षों के दौरान मध्यप्रदेश बिजली कर्मचारी महासंघ की करीब 26 मांगों पर कर्मचारी हित में आदेश जारी किए जा चुके हैं। महासंघ ने इन निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री और ऊर्जा विभाग का धन्यवाद किया है।

संविदा व अनुकंपा कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग

महासंघ ने संविदा, अनुकंपा एवं अन्य श्रेणी के कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर सरकार से जल्द ठोस कदम उठाने का अनुरोध किया है। महासंघ का कहना है कि संविदा अनुकंपा कर्मचारियों के संबंध में बिजली कंपनियों द्वारा अचानक सीपीसीटी की अनिवार्यता लागू करने का फरमान उचित नहीं है।

महासंघ ने मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री से मांग की है कि संविदा अनुकंपा कर्मचारियों को सीपीसीटी की अनिवार्यता के लिए नियमों के तहत तीन वर्ष का समय दिया जाए। साथ ही कर्मचारियों को एक बार वितरण कंपनी से दूसरी वितरण कंपनी में स्थानांतरण की सुविधा भी प्रदान की जाए।

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आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति की मांग

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महासंघ ने प्रदेश की बिजली कंपनियों में लंबे समय से आउटसोर्स कंपनियों के माध्यम से काम कर रहे कर्मचारियों के लिए भी स्थायी नीति बनाने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि प्रदेश की लगभग सभी विद्युत कंपनियों में 5 से 20 वर्षों तक आउटसोर्स कंपनियों के माध्यम से कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं।

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महासंघ का कहना है कि लंबे समय से बिजली विभाग के कार्यों में योगदान दे रहे इन कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार को जल्द स्थायी नीति बनानी चाहिए। संगठन ने मुख्यमंत्री और ऊर्जा विभाग से इस दिशा में शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया है।

महासंघ ने उम्मीद जताई कि सरकार कर्मचारियों की लंबित मांगों पर भी सकारात्मक रुख अपनाएगी और संविदा, अनुकंपा तथा आउटसोर्स कर्मचारियों के हित में आवश्यक कदम उठाएगी।

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