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जंगल बचाने से लेकर गांव संवारने तक, सतपुड़ा में आईसीआईसीआई फाउंडेशन की संरक्षण मुहिम से जंगल, वन्यजीव और गांव—तीनों को संबल
Digital Desk
बैंक की सीएसआर शाखा आईसीआईसीआई फाउंडेशन फॉर इन्क्लूसिव ग्रोथ ने नर्मदापुरम जिले में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और उसके आसपास वन्यजीवों की सुरक्षा, वन आवास के पुनरुद्धार और ग्रामीण समुदायों के सहयोग के लिए कई पहल शुरू की हैं।
बैंक की वित्त वर्ष 2026 की ईएसजी रिपोर्ट के अनुसार, यह पहल व्यापक संरक्षण प्रयास का हिस्सा है। बैंक ने वित्त वर्ष 2025 में कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी पर 8.01 अरब रुपये खर्च किए थे, जिसे वित्त वर्ष 2026 में बढ़ाकर 9.94 अरब रुपये कर दिया। 31 मार्च 2026 तक बैंक के कार्यक्रमों से पूरे भारत में 1.983 करोड़ लोगों को लाभ मिला है। इन कार्यक्रमों के तहत 21 राज्यों के 83 जंगलों और टाइगर रिजर्व में संरक्षण कार्यों को सहयोग दिया गया, वित्त वर्ष 2022 से अब तक 50 लाख से अधिक पेड़ लगाने में मदद की गई और सालाना 34.37 अरब लीटर जल भंडारण क्षमता तैयार की गई।
वर्ष 2022 से आईसीआईसीआई फाउंडेशन मध्य प्रदेश राज्य वन विभाग के साथ मिलकर रिजर्व के भीतर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और इसके आसपास रहने वाले परिवारों की मदद करने का काम कर रहा है। इस कार्य से 89 गांवों के 16,000 से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं और सालाना 42.4 करोड़ लीटर जल भंडारण क्षमता तैयार हुई है।
इसके सबसे स्पष्ट परिणामों में से एक 'हार्ड ग्राउंड बारासिंघा' की वापसी है, जो एक संकटग्रस्त दलदली हिरण और मध्य प्रदेश का राज्य पशु है। पचमढ़ी बायोस्फीयर रिजर्व के भीतर 1,800 मीटर बाड़ (फेन्सिंग) और 14.34 लाख लीटर के तालाब के साथ 20 हेक्टेयर का एक बाड़ा (एन्क्लोजर) बनाया गया था। 2022 के बाद से, वहां बारासिंघा की संख्या पांच गुना बढ़कर 79 हो गई है।
जानवरों को पूरे साल पानी उपलब्ध कराने के लिए फाउंडेशन ने 79 तालाबों का पुनरुद्धार किया और 74 नए तालाब बनाए। इन सभी में मिलाकर सालाना 25 करोड़ लीटर पानी का भंडारण हो सकता है। 2,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि से तेजी से फैलने वाली झाड़ियों और खरपतवार को हटाया गया। जंगल में गश्त और आग से बचाव की व्यवस्था को दो गश्ती वाहनों, 20 फायर ब्लोअर और 270 ट्रैप कैमरों की मदद से बेहतर किया गया। गश्ती शिविरों में सात बोरवेल और जंगल के भीतर 27 सौर ऊर्जा संचालित बोरवेल अब बिना किसी बिजली ग्रिड कनेक्शन के पानी और ऊर्जा उपलब्ध करा रहे हैं। वन गाइड के रूप में प्रशिक्षित 75 स्थानीय लोगों को अब पचमढ़ी बायोस्फीयर रिजर्व में रोजगार मिला हुआ है।
गांवों में भी इसी के साथ काम आगे बढ़ाया गया है। फाउंडेशन ने 111 तालाब बनाए और किसानों को बेहतर खेती तथा फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने में मदद के लिए 1,200 स्प्रेयर पंप, 700 सोलर ट्रैप, 2,700 फसल सफाई मशीनें और 3,300 अनाज भंडारण इकाइयां उपलब्ध कराईं। इसके अलावा 13 स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 126 महिलाओं को भी सहायता दी गई। इन गांवों के किसानों की औसत अतिरिक्त वार्षिक आय अब 37,000 रुपये हो गई है।
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