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एमपीसीए का बड़ा फैसला, पूर्व महिला खिलाड़ियों को मिलेगा मासिक भत्ता, अंपायर-स्कोरर के लिए परीक्षा देना जरूरी
इंदौर (म.प्र.)
मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की बैठक में महिला खिलाड़ियों को मासिक सहायता देने, अंपायर-स्कोरर के लिए परीक्षा अनिवार्य करने और मानदेय बढ़ाने जैसे अहम फैसले लिए गए।
मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) की हाल ही में आयोजित प्रबंध समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनका उद्देश्य राज्य में क्रिकेट के विकास को नई दिशा देना है। इस बैठक में महिला खिलाड़ियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करने, क्रिकेट से जुड़े अधिकारियों के मानदेय में वृद्धि करने और संरचनात्मक विकास को आगे बढ़ाने जैसे अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
महिला खिलाड़ियों को मिलेगा मासिक सहयोग
बैठक में सबसे अहम निर्णय पूर्व महिला खिलाड़ियों के लिए मासिक सहायता योजना को लेकर लिया गया। इस प्रस्ताव को एसोसिएशन के अध्यक्ष महानआर्यमन सिंधिया ने प्रस्तुत किया। योजना के तहत उन खिलाड़ियों को शामिल किया जाएगा जिन्हें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से कोई वित्तीय सहायता प्राप्त नहीं हो रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टेस्ट और एकदिवसीय मैच खेल चुकी खिलाड़ियों को प्रति माह 12,500 रुपये की राशि दी जाएगी। वहीं घरेलू क्रिकेट खेलने वाली खिलाड़ियों को उनके अनुभव और मैचों की संख्या के आधार पर 6,000 से 10,000 रुपये तक का मासिक सहयोग मिलेगा। 75 वर्ष की आयु पार कर चुकी खिलाड़ियों को अतिरिक्त 7,500 रुपये की सहायता भी दी जाएगी। इस योजना का लाभ उठाने के लिए खिलाड़ियों को आवेदन करना अनिवार्य होगा।
मानदेय में वृद्धि का निर्णय
बैठक में चयनकर्ताओं, अंपायर, स्कोरर और प्रशिक्षकों के मानदेय में बढ़ोतरी करने का निर्णय भी लिया गया। इसके साथ ही प्रोत्साहन राशि को भी संशोधित किया जाएगा ताकि क्रिकेट से जुड़े सभी व्यक्तियों को बेहतर आर्थिक सहयोग मिल सके। एसोसिएशन पहले से जिन खिलाड़ियों और अंपायरों को सहायता दे रहा है, उनकी राशि में भी वृद्धि की जाएगी।
अंपायर और स्कोरर के लिए परीक्षा अनिवार्य
क्रिकेट में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने के उद्देश्य से अंपायर और स्कोरर के लिए मूल्यांकन प्रणाली को सख्त करने पर चर्चा हुई। यह तय किया गया कि नए अंपायर और स्कोरर को पैनल में शामिल करने से पहले परीक्षा देनी होगी। इससे चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनेगी।
नए पवेलियन और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास
एमपीसीए ने मुरैना और नर्मदापुरम स्थित अपने क्रिकेट मैदानों में पवेलियन ब्लॉक बनाने की मंजूरी भी दी है। इन परियोजनाओं को 2026-27 वित्तीय वर्ष तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा एसोसिएशन ने सभी मैदानों पर क्रिकेट अकादमी स्थापित करने की योजना भी तैयार की है, जिससे युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं मिल सकें।
तकनीक के इस्तेमाल पर जोर
बैठक में क्रिकेट संचालन को अधिक आधुनिक बनाने के लिए तकनीक के उपयोग पर भी चर्चा हुई। एसोसिएशन ने आगामी सत्र से संभागीय मैचों में ऑनलाइन स्कोरिंग व्यवस्था लागू करने पर विचार किया है। इससे मैचों की निगरानी और डेटा प्रबंधन अधिक प्रभावी हो सकेगा।
बैठक में अन्य महत्वपूर्ण चर्चाएं
करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में महिला विश्व कप और न्यूजीलैंड के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मैच के सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त किया गया। बैठक की शुरुआत में पिछली बैठक के कार्यवृत्त को मंजूरी दी गई और विभिन्न समितियों के प्रस्तावों पर विस्तार से विचार किया गया।
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एमपीसीए का बड़ा फैसला, पूर्व महिला खिलाड़ियों को मिलेगा मासिक भत्ता, अंपायर-स्कोरर के लिए परीक्षा देना जरूरी
इंदौर (म.प्र.)
मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) की हाल ही में आयोजित प्रबंध समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनका उद्देश्य राज्य में क्रिकेट के विकास को नई दिशा देना है। इस बैठक में महिला खिलाड़ियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करने, क्रिकेट से जुड़े अधिकारियों के मानदेय में वृद्धि करने और संरचनात्मक विकास को आगे बढ़ाने जैसे अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
महिला खिलाड़ियों को मिलेगा मासिक सहयोग
बैठक में सबसे अहम निर्णय पूर्व महिला खिलाड़ियों के लिए मासिक सहायता योजना को लेकर लिया गया। इस प्रस्ताव को एसोसिएशन के अध्यक्ष महानआर्यमन सिंधिया ने प्रस्तुत किया। योजना के तहत उन खिलाड़ियों को शामिल किया जाएगा जिन्हें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से कोई वित्तीय सहायता प्राप्त नहीं हो रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टेस्ट और एकदिवसीय मैच खेल चुकी खिलाड़ियों को प्रति माह 12,500 रुपये की राशि दी जाएगी। वहीं घरेलू क्रिकेट खेलने वाली खिलाड़ियों को उनके अनुभव और मैचों की संख्या के आधार पर 6,000 से 10,000 रुपये तक का मासिक सहयोग मिलेगा। 75 वर्ष की आयु पार कर चुकी खिलाड़ियों को अतिरिक्त 7,500 रुपये की सहायता भी दी जाएगी। इस योजना का लाभ उठाने के लिए खिलाड़ियों को आवेदन करना अनिवार्य होगा।
मानदेय में वृद्धि का निर्णय
बैठक में चयनकर्ताओं, अंपायर, स्कोरर और प्रशिक्षकों के मानदेय में बढ़ोतरी करने का निर्णय भी लिया गया। इसके साथ ही प्रोत्साहन राशि को भी संशोधित किया जाएगा ताकि क्रिकेट से जुड़े सभी व्यक्तियों को बेहतर आर्थिक सहयोग मिल सके। एसोसिएशन पहले से जिन खिलाड़ियों और अंपायरों को सहायता दे रहा है, उनकी राशि में भी वृद्धि की जाएगी।
अंपायर और स्कोरर के लिए परीक्षा अनिवार्य
क्रिकेट में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने के उद्देश्य से अंपायर और स्कोरर के लिए मूल्यांकन प्रणाली को सख्त करने पर चर्चा हुई। यह तय किया गया कि नए अंपायर और स्कोरर को पैनल में शामिल करने से पहले परीक्षा देनी होगी। इससे चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनेगी।
नए पवेलियन और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास
एमपीसीए ने मुरैना और नर्मदापुरम स्थित अपने क्रिकेट मैदानों में पवेलियन ब्लॉक बनाने की मंजूरी भी दी है। इन परियोजनाओं को 2026-27 वित्तीय वर्ष तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा एसोसिएशन ने सभी मैदानों पर क्रिकेट अकादमी स्थापित करने की योजना भी तैयार की है, जिससे युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं मिल सकें।
तकनीक के इस्तेमाल पर जोर
बैठक में क्रिकेट संचालन को अधिक आधुनिक बनाने के लिए तकनीक के उपयोग पर भी चर्चा हुई। एसोसिएशन ने आगामी सत्र से संभागीय मैचों में ऑनलाइन स्कोरिंग व्यवस्था लागू करने पर विचार किया है। इससे मैचों की निगरानी और डेटा प्रबंधन अधिक प्रभावी हो सकेगा।
बैठक में अन्य महत्वपूर्ण चर्चाएं
करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में महिला विश्व कप और न्यूजीलैंड के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मैच के सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त किया गया। बैठक की शुरुआत में पिछली बैठक के कार्यवृत्त को मंजूरी दी गई और विभिन्न समितियों के प्रस्तावों पर विस्तार से विचार किया गया।
