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पश्चिम बंगाल में 7 न्यायिक अधिकारी बंधक, पुलिस ने कराया रेस्क्यू; केरल में UDF का चुनावी घोषणापत्र जारी
नेशनल न्यूज
मालदा में वोटर लिस्ट विवाद से चुनाव अधिकारी 9 घंटे फंसे; केरल छात्राओं को UDF ने 1,000 महीने का वादा किया
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में बुधवार को सात न्यायिक अधिकारियों को 9 घंटे तक बंधक बनाए जाने की घटना सामने आई। अधिकारियों को स्थानीय प्रदर्शनकारियों ने उनके ऑफिस में रोके रखा, जबकि बाहर खड़ी गाड़ियों में तोड़-फोड़ भी हुई। पुलिस ने स्थिति संभालते हुए अधिकारियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
पश्चिम बंगाल के माताबारी क्षेत्र में यह घटना वोटर लिस्ट में नाम कटने को लेकर हुई। सात इलेक्शन ऑब्जर्वर सुबह BDO ऑफिस पहुंचे थे, तभी प्रदर्शनकारी सैकड़ों की संख्या में इकट्ठा हो गए और अधिकारियों को बाहर नहीं निकलने दिया। इस दौरान सड़कें ब्लॉक कर दी गईं और हंगामा देर रात तक जारी रहा।
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने इस घटना को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि लगातार भड़काऊ बयानबाजी ने स्थिति को नियंत्रण से बाहर कर दिया। भाजपा ने भी यह दावा किया कि यदि मुस्लिम वोटर अपनी पसंद से कोई नेता चुनते हैं, तो ममता की पार्टी बंगाल में 30 सीटें भी नहीं जीत पाएगी।
उधर, केरल में विपक्षी गठबंधन यूडीएफ ने अपना चुनावी घोषणापत्र जारी किया। कांग्रेस नेतृत्व वाले इस गठबंधन ने कॉलेज जाने वाली छात्राओं को प्रति माह ₹1,000 की आर्थिक मदद देने का वादा किया है। इसके अलावा, वेलफेयर पेंशन में प्रत्येक पात्र नागरिक को ₹3,000 प्रतिमाह देने का प्रस्ताव भी शामिल है।
पश्चिम बंगाल के भवानीपुर में गृह मंत्री अमित शाह के रोड शो की तैयारियां भी पूरी हो चुकी हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क किनारे पोस्टर लगाए और ढोल बजाने की तैयारियां की। शाह का यह रोड शो भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के नॉमिनेशन के मौके पर आयोजित किया जाएगा।
तमिलनाडु में भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। अभिनेता और TVK पार्टी के अध्यक्ष विजय आज तिरुचिरापल्ली ईस्ट सीट से अपने नॉमिनेशन दाखिल करेंगे। सुरक्षा बढ़ा दी गई है और विशेष फ्लाइट का इंतजाम किया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम बंगाल की घटना चुनाव प्रक्रिया की स्वतंत्रता और सुरक्षा के लिए गंभीर संकेत देती है। अधिकारियों के बंधक बनाए जाने से मतदाता विश्वास प्रभावित हो सकता है, जबकि केरल में घोषणापत्र से युवा और महिला मतदाताओं पर केंद्रित अभियान की झलक मिलती है।
देश के पांच राज्यों में चुनाव प्रक्रिया जारी है और परिणाम 4 मई को घोषित होंगे। मालदा की घटना, भवानीपुर रोड शो और केरल के घोषणापत्र जैसे घटनाक्रम आगामी चुनावी रणनीतियों को प्रभावित कर सकते हैं।
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पश्चिम बंगाल में 7 न्यायिक अधिकारी बंधक, पुलिस ने कराया रेस्क्यू; केरल में UDF का चुनावी घोषणापत्र जारी
नेशनल न्यूज
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में बुधवार को सात न्यायिक अधिकारियों को 9 घंटे तक बंधक बनाए जाने की घटना सामने आई। अधिकारियों को स्थानीय प्रदर्शनकारियों ने उनके ऑफिस में रोके रखा, जबकि बाहर खड़ी गाड़ियों में तोड़-फोड़ भी हुई। पुलिस ने स्थिति संभालते हुए अधिकारियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
पश्चिम बंगाल के माताबारी क्षेत्र में यह घटना वोटर लिस्ट में नाम कटने को लेकर हुई। सात इलेक्शन ऑब्जर्वर सुबह BDO ऑफिस पहुंचे थे, तभी प्रदर्शनकारी सैकड़ों की संख्या में इकट्ठा हो गए और अधिकारियों को बाहर नहीं निकलने दिया। इस दौरान सड़कें ब्लॉक कर दी गईं और हंगामा देर रात तक जारी रहा।
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने इस घटना को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि लगातार भड़काऊ बयानबाजी ने स्थिति को नियंत्रण से बाहर कर दिया। भाजपा ने भी यह दावा किया कि यदि मुस्लिम वोटर अपनी पसंद से कोई नेता चुनते हैं, तो ममता की पार्टी बंगाल में 30 सीटें भी नहीं जीत पाएगी।
उधर, केरल में विपक्षी गठबंधन यूडीएफ ने अपना चुनावी घोषणापत्र जारी किया। कांग्रेस नेतृत्व वाले इस गठबंधन ने कॉलेज जाने वाली छात्राओं को प्रति माह ₹1,000 की आर्थिक मदद देने का वादा किया है। इसके अलावा, वेलफेयर पेंशन में प्रत्येक पात्र नागरिक को ₹3,000 प्रतिमाह देने का प्रस्ताव भी शामिल है।
पश्चिम बंगाल के भवानीपुर में गृह मंत्री अमित शाह के रोड शो की तैयारियां भी पूरी हो चुकी हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क किनारे पोस्टर लगाए और ढोल बजाने की तैयारियां की। शाह का यह रोड शो भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के नॉमिनेशन के मौके पर आयोजित किया जाएगा।
तमिलनाडु में भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। अभिनेता और TVK पार्टी के अध्यक्ष विजय आज तिरुचिरापल्ली ईस्ट सीट से अपने नॉमिनेशन दाखिल करेंगे। सुरक्षा बढ़ा दी गई है और विशेष फ्लाइट का इंतजाम किया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम बंगाल की घटना चुनाव प्रक्रिया की स्वतंत्रता और सुरक्षा के लिए गंभीर संकेत देती है। अधिकारियों के बंधक बनाए जाने से मतदाता विश्वास प्रभावित हो सकता है, जबकि केरल में घोषणापत्र से युवा और महिला मतदाताओं पर केंद्रित अभियान की झलक मिलती है।
देश के पांच राज्यों में चुनाव प्रक्रिया जारी है और परिणाम 4 मई को घोषित होंगे। मालदा की घटना, भवानीपुर रोड शो और केरल के घोषणापत्र जैसे घटनाक्रम आगामी चुनावी रणनीतियों को प्रभावित कर सकते हैं।
