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डॉ. के. ए. पॉल की नई दिल्ली में ईरानी प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही और ईरानी राजदूत से मुलाकात, तत्काल युद्धविराम और शांति वार्ता के लिए 72 घंटे का अवसर देने की अपील
डिजिटल डेस्क
कहा — ईरान ने अंततः शांति को एक मौका देने पर सहमति जताई; ईरान, इज़रायल और अमेरिका के बीच वार्ता के लिए दिल्ली, इस्तांबुल और वॉशिंगटन डीसी का प्रस्ताव
अंतरराष्ट्रीय शांति समर्थक और ग्लोबल पीस इनिशिएटिव के अध्यक्ष डॉ. के. ए. पॉल ने शुक्रवार को नई दिल्ली में दिवंगत आयतुल्लाह खामेनेई के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही और ईरान के राजदूत मोहम्मद फ़ाथली से मुलाकात की और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच तत्काल युद्धविराम की अपील की।
यह बैठक दोपहर 2:25 बजे तिलक मार्ग स्थित ईरानी कल्चर हाउस में और शाम 4 बजे ईरानी दूतावास में हुई, जहां इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई के भारत में विशेष प्रतिनिधि आयतुल्लाह इलाही ने डॉ. पॉल से मुलाकात कर ईरान, इज़रायल और अमेरिका से जुड़े मौजूदा संघर्ष पर चर्चा की। ईरानी राजदूत ने भी शांति प्रयासों के लिए डॉ. पॉल का आभार व्यक्त किया।
दोनों बैठकों के बाद डॉ. पॉल ने नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि इन चर्चाओं से शांति वार्ता शुरू करने की दिशा में ईरान की ओर से एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
डॉ. पॉल ने कहा कि ईरानी नेतृत्व और भारत में ईरानी राजदूत के साथ उनकी मुलाकात के दौरान संघर्ष को समाप्त करने के लिए संवाद शुरू करने पर विस्तार से चर्चा हुई। उनके अनुसार, ईरानी पक्ष ने शांति को एक मौका देने पर सहमति जताई है और संकट को कम करने के उद्देश्य से बातचीत के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा, “हम दुनिया के सभी देशों से अपील करते हैं कि वे ईरान की ओर से शांति की दिशा में होने वाली इस प्रगति के लिए प्रार्थना करें, क्योंकि मैं अमेरिका और इज़रायल के नेतृत्व के संपर्क में भी हूं। आज दोपहर 2:15 बजे से 4 बजे के बीच मैंने आयतुल्लाह के विशेष प्रतिनिधि से मुलाकात की। विस्तृत चर्चा और ईरानी राजदूत के साथ बातचीत के बाद ईरानी पक्ष शांति को एक मौका देने पर सहमत हुआ है।”
उन्होंने कहा कि यह पहल अन्य अंतरराष्ट्रीय पक्षों की भागीदारी के साथ कूटनीतिक संवाद का रास्ता खोलती है।
डॉ. पॉल ने शांति के लिए 72 घंटे की अवधि प्रस्तावित करते हुए सभी पक्षों से सैन्य कार्रवाई रोककर बातचीत शुरू करने की अपील की।
उन्होंने कहा, “राजदूत और आयतुल्लाह की मौजूदगी में हमने शांति का आह्वान किया और सभी पक्षों से अगले 72 घंटे तक शांति को एक मौका देने का आग्रह किया। आने वाले कुछ घंटों में मैं अमेरिका और इज़रायल के नेतृत्व से भी संपर्क कर संवाद शुरू करने की कोशिश करूंगा।”
डॉ. पॉल के अनुसार, शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए तीन स्थान प्रस्तावित किए गए हैं — नई दिल्ली, इस्तांबुल और वॉशिंगटन डीसी।
उन्होंने कहा, “मैंने सुझाव दिया है कि शांति वार्ता का पहला दौर दिल्ली में, दूसरा तुर्की में और तीसरा वॉशिंगटन डीसी में आयोजित किया जाए। युद्ध लाखों लोगों की जान ले रहा है, खरबों डॉलर का नुकसान कर रहा है और वैश्विक स्थिरता को नष्ट कर रहा है। शांति वार्ता तुरंत शुरू होनी चाहिए।”
डॉ. पॉल ने इस क्षेत्र में शांति और संवाद की अपील को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान का भी उल्लेख किया और कहा कि इससे कूटनीतिक प्रयासों को मजबूती मिली है।
उन्होंने कहा, “मैं प्रधानमंत्री मोदी द्वारा चुप्पी तोड़कर शांति प्रयासों का समर्थन करने का स्वागत करता हूं। अब यह एक वास्तविक अवसर है कि संघर्ष और अधिक बढ़ने से पहले सभी पक्षों को बातचीत की मेज पर लाया जाए।”
डॉ. पॉल ने अमेरिका, इज़रायल और ईरान के नेताओं से इस अवसर का लाभ उठाने और तुरंत वार्ता शुरू करने की अपील की।
उन्होंने कहा, “युद्ध में हर कोई हारता है और इसका असर दुनिया के हर नागरिक पर पड़ता है। शांति ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है।”
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