सीरियाई सेना में विलय के समझौते के बाद कुर्द नेतृत्व वाली SDF का स्वतंत्र सैन्य रोल खत्म

Sandeep Patel

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कुर्द नेतृत्व वाली SDF ने सीरियाई सरकार से समझौते के बाद स्वतंत्र सैन्य भूमिका समाप्त कर दी है। उसके लड़ाकों और संस्थानों को सीरियाई सेना में शामिल किया जा रहा है।

डेमोक्रेटिक फोर्सेज (SDF) ने दमिश्क के साथ समझौते के बाद स्वतंत्र सैन्य संगठन के रूप में अपनी भूमिका समाप्त कर दी है। संगठन के लड़ाकों और संस्थानों को सीरियाई राज्य की संरचना में शामिल किया जा रहा है।कुर्द नेतृत्व वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज (SDF) ने सीरियाई सरकार के साथ समझौते के बाद स्वतंत्र सैन्य संगठन के रूप में अपना अस्तित्व समाप्त करने की घोषणा की है। SDF ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट (IS) के खिलाफ अमेरिका समर्थित अभियान में लंबे समय तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। SDF कमांडर मजलूम अब्दी ने मंगलवार को दमिश्क स्थित राष्ट्रपति भवन से प्रसारित टेलीविजन संबोधन में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि संगठन की सेनाओं को सीरियाई सेना की ब्रिगेड में शामिल करने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। यह फैसला उत्तरी और उत्तर-पूर्वी सीरिया में वर्षों से प्रभावशाली रही SDF के लिए बड़ा बदलाव है।

SDF का स्वतंत्र सैन्य रोल खत्म

मजलूम अब्दी ने कहा कि समझौते के तहत SDF ने स्वतंत्र सैन्य बल के रूप में अपना मिशन समाप्त कर दिया है। उन्होंने बताया कि संगठन के लड़ाकों को सीरियाई सेना की ब्रिगेड में शामिल किया गया है। इससे एक दशक से अधिक समय तक स्वतंत्र सैन्य शक्ति के रूप में काम करने वाली SDF की अलग सैन्य संरचना खत्म हो गई है। अब उन इलाकों में भी सुरक्षा व्यवस्था बदलने की संभावना है, जहां SDF का लंबे समय तक नियंत्रण या प्रभाव रहा था।

2015 में हुआ था गठन

SDF का गठन 2015 में अमेरिकी समर्थन से हुआ था। अमेरिका ने इसे इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ाई में एक भरोसेमंद स्थानीय सैन्य साझेदार के रूप में विकसित किया था। संगठन में कुर्द लड़ाकों की प्रमुख भूमिका रही, लेकिन इसमें बड़ी संख्या में अरब लड़ाके भी शामिल थे। SDF ने अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ मिलकर इस्लामिक स्टेट के खिलाफ कई बड़े अभियान चलाए। उसकी सैन्य कार्रवाई ने सीरिया में IS के क्षेत्रीय कब्जे को खत्म करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। हालांकि, क्षेत्रीय नियंत्रण खोने के बाद भी IS के लड़ाके अलग-अलग इलाकों में आतंकी हमले करते रहे।

तेल समृद्ध इलाकों पर नियंत्रण

अपने प्रभाव के चरम पर SDF के पास करीब 1 लाख लड़ाके होने का अनुमान था। संगठन ने उत्तरी और उत्तर-पूर्वी सीरिया के बड़े इलाकों पर नियंत्रण स्थापित किया था। इनमें देश के तेल समृद्ध उत्तर-पूर्वी क्षेत्र भी शामिल थे। SDF ने अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में अलग सुरक्षा और प्रशासनिक संस्थाएं भी विकसित की थीं। तुर्किये के साथ SDF का संबंध लगातार तनावपूर्ण रहा। अंकारा SDF के प्रमुख कुर्द घटक पीपुल्स प्रोटेक्शन यूनिट्स (YPG) को कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (PKK) से जुड़ा मानता है। तुर्किये PKK को आतंकवादी संगठन मानता है।

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दमिश्क का 'एक सेना' मॉडल

SDF का सीरियाई सेना में विलय दमिश्क के उस प्रयास को मजबूत करता है, जिसके तहत देश की सैन्य शक्ति को केंद्रीय सरकार के अधीन लाने की कोशिश की जा रही है। सीरिया और इराक के लिए अमेरिकी विशेष दूत टॉम बराक ने SDF के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने इस समझौते को पूर्व विरोधियों के बीच कूटनीतिक समाधान बताया और “एक सेना, एक सरकार और एक राज्य” के सिद्धांत को सीरिया की संप्रभुता मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। यदि यह प्रक्रिया सफल रहती है तो सीरिया में अलग-अलग स्वतंत्र सशस्त्र समूहों की भूमिका कम हो सकती है।

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अमेरिका की नीति में बदलाव

SDF का स्वतंत्र सैन्य रोल ऐसे समय खत्म हुआ है जब सीरिया को लेकर अमेरिकी नीति में भी बड़ा बदलाव आया है। कई वर्षों तक वॉशिंगटन ने इस्लामिक स्टेट के खिलाफ अभियान में SDF पर महत्वपूर्ण रूप से भरोसा किया। लेकिन लंबे समय तक सीरिया के राष्ट्रपति रहे बशर अल-असद के 2024 के अंत में सत्ता से हटने के बाद अमेरिका ने दमिश्क की नई सत्ता के साथ अपने संबंधों पर अधिक ध्यान देना शुरू किया। इस बदलाव से SDF की अमेरिकी रणनीति में पहले जैसी केंद्रीय भूमिका कम हो गई। अब सीरियाई सेना में उसका विलय दमिश्क, कुर्द नेतृत्व वाली ताकतों और अमेरिका के बीच संबंधों में एक और बड़ा बदलाव दर्शाता है।

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अब्दी ने गिनाया SDF का योगदान

अपने संबोधन में अब्दी ने सीरिया के लंबे संघर्ष के दौरान SDF की भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा कि संगठन के लड़ाकों ने देश के सबसे कठिन दौर में बड़ी जिम्मेदारी निभाई। अब्दी ने SDF को सीरिया के कई शहरों और कस्बों को मुक्त कराने का श्रेय दिया। उनके अनुसार, संगठन ने पहले पूर्व बाथ शासन की ताकतों और बाद में इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ाई में भूमिका निभाई। उनका बयान SDF के सैन्य योगदान को रेखांकित करने के साथ उसके नए राज्य सुरक्षा ढांचे में शामिल होने का संकेत भी देता है।

कुर्द अधिकारों पर सवाल

सैन्य एकीकरण के बावजूद सीरिया के कुर्द समुदाय के राजनीतिक और सांस्कृतिक अधिकारों से जुड़े सवाल पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। गृहयुद्ध के दौरान उत्तर-पूर्वी सीरिया में SDF के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में अलग राजनीतिक, प्रशासनिक और सुरक्षा संस्थाएं विकसित हुई थीं। अब इन संस्थाओं को केंद्रीय सरकार के ढांचे में शामिल करने के दौरान स्थानीय शासन, सुरक्षा जिम्मेदारियों और प्रशासनिक अधिकारों को लेकर जटिल बातचीत हो सकती है। इसलिए समझौते की सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि कुर्द समुदाय के राजनीतिक और प्रशासनिक हितों को किस तरह संबोधित किया जाता है।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर

SDF के स्वतंत्र सैन्य ढांचे का अंत सीरिया और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा पर असर डाल सकता है। एकीकृत सीरियाई सैन्य ढांचा दमिश्क के क्षेत्रीय नियंत्रण को मजबूत कर सकता है और अलग-अलग सशस्त्र समूहों के बीच प्रतिस्पर्धा को कम कर सकता है। तुर्किये इस प्रक्रिया पर करीबी नजर रखेगा, खासकर अपनी सीमा के पास कुर्द नेतृत्व वाली सैन्य ताकतों के भविष्य को लेकर। अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए यह भी महत्वपूर्ण होगा कि SDF के एकीकरण के दौरान इस्लामिक स्टेट के खिलाफ अभियान कमजोर न हो।

आगे क्या होगा

अब सबसे बड़ी चुनौती SDF के लड़ाकों और संस्थानों को सीरियाई राज्य की संरचना में पूरी तरह शामिल करने की होगी। इसके लिए सैन्य कमांड, हथियारों, स्थानीय सुरक्षा बलों और उत्तर-पूर्वी सीरिया के प्रशासन से जुड़े कई मुद्दों पर आगे निर्णय लेने पड़ सकते हैं।

दमिश्क के लिए सफल एकीकरण पूरे सीरिया में केंद्रीय सरकार की सत्ता मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम होगा। वहीं, SDF के लिए यह एक ऐसे दौर का अंत है जिसमें संगठन ने वर्षों तक स्वतंत्र सैन्य शक्ति के रूप में काम किया और सीरिया के बड़े हिस्से पर प्रभाव बनाए रखा।हालांकि, इस समझौते का वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि एकीकरण की प्रक्रिया कितनी शांतिपूर्ण और प्रभावी ढंग से लागू होती है और दमिश्क तथा कुर्द प्रतिनिधि लंबित राजनीतिक एवं प्रशासनिक मुद्दों को किस तरह सुलझाते हैं।

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