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मुंबई में बारिश, मानसून फिर हुआ सक्रिय
Digital Desk
मुंबई में सीजन की पहली अच्छी बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार 23 जून के बाद मानसून महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में आगे बढ़ सकता है।
मुंबई में रविवार सुबह आखिरकार वह बारिश हुई, जिसका लोगों को कई दिनों से इंतजार था। शहर और आसपास के इलाकों में सीजन की पहली अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे उमस और गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली। लंबे समय से बादलों की आवाजाही के बावजूद पर्याप्त बारिश नहीं हो रही थी, लेकिन अब मानसून के फिर सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून जल्द ही दोबारा गति पकड़ सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि 23 जून के आसपास अनुकूल परिस्थितियां बनने की संभावना है, जिसके चलते मानसून महाराष्ट्र सहित कई अन्य राज्यों में आगे बढ़ सकता है।
मानसून इस महीने की शुरुआत में दक्षिण कोंकण तक पहुंच गया था, लेकिन 8 जून के बाद से इसकी पश्चिमी शाखा सोलापुर के आसपास ही ठहरी हुई है। वहीं पूर्वी शाखा भी 12 जून के बाद से धीमी पड़ गई थी। इसके कारण देश के कई हिस्सों में बारिश का इंतजार बढ़ गया था।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मुंबई में हुई बारिश के पीछे पश्चिमी घाट की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अरब सागर से आने वाली नमी से भरपूर हवाएं पश्चिमी घाट से टकराकर ऊपर उठती हैं। ऊंचाई पर पहुंचने के बाद ये हवाएं ठंडी होकर घने बादलों का निर्माण करती हैं, जो बाद में तेज हवाओं के साथ मुंबई और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचते हैं और बारिश कराते हैं।
हालांकि देश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं, लेकिन गर्मी का असर अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। शनिवार को देश के आठ राज्यों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।
उत्तर प्रदेश का बांदा देश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिली और अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
मौसम विभाग का कहना है कि हाल के दिनों में बादलों की गतिविधियां बढ़ी हैं और उपग्रह चित्रों में भी व्यापक स्तर पर बादल दिखाई दे रहे हैं। यह संकेत है कि मानसून दोबारा सक्रिय हो रहा है और अगले कुछ दिनों में इसके आगे बढ़ने की संभावना मजबूत हुई है।
IMD के अनुसार 23 जून के आसपास मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में प्रवेश कर सकता है। इससे इन राज्यों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
मध्य भारत के लिए भी मौसम विभाग ने राहत भरा पूर्वानुमान जारी किया है। 21 से 26 जून के बीच मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में बादलों की संख्या बढ़ रही है और मौसम धीरे-धीरे मानसूनी स्वरूप लेता दिखाई दे रहा है।
कृषि क्षेत्र के लिए भी मानसून की यह प्रगति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कई राज्यों में किसान खरीफ फसलों की बुवाई के लिए पर्याप्त बारिश का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में मानसून की रफ्तार बढ़ने से खेती-किसानी गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
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मुंबई में बारिश, मानसून फिर हुआ सक्रिय
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मुंबई में रविवार सुबह आखिरकार वह बारिश हुई, जिसका लोगों को कई दिनों से इंतजार था। शहर और आसपास के इलाकों में सीजन की पहली अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे उमस और गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली। लंबे समय से बादलों की आवाजाही के बावजूद पर्याप्त बारिश नहीं हो रही थी, लेकिन अब मानसून के फिर सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून जल्द ही दोबारा गति पकड़ सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि 23 जून के आसपास अनुकूल परिस्थितियां बनने की संभावना है, जिसके चलते मानसून महाराष्ट्र सहित कई अन्य राज्यों में आगे बढ़ सकता है।
मानसून इस महीने की शुरुआत में दक्षिण कोंकण तक पहुंच गया था, लेकिन 8 जून के बाद से इसकी पश्चिमी शाखा सोलापुर के आसपास ही ठहरी हुई है। वहीं पूर्वी शाखा भी 12 जून के बाद से धीमी पड़ गई थी। इसके कारण देश के कई हिस्सों में बारिश का इंतजार बढ़ गया था।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मुंबई में हुई बारिश के पीछे पश्चिमी घाट की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अरब सागर से आने वाली नमी से भरपूर हवाएं पश्चिमी घाट से टकराकर ऊपर उठती हैं। ऊंचाई पर पहुंचने के बाद ये हवाएं ठंडी होकर घने बादलों का निर्माण करती हैं, जो बाद में तेज हवाओं के साथ मुंबई और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचते हैं और बारिश कराते हैं।
हालांकि देश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं, लेकिन गर्मी का असर अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। शनिवार को देश के आठ राज्यों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।
उत्तर प्रदेश का बांदा देश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिली और अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
मौसम विभाग का कहना है कि हाल के दिनों में बादलों की गतिविधियां बढ़ी हैं और उपग्रह चित्रों में भी व्यापक स्तर पर बादल दिखाई दे रहे हैं। यह संकेत है कि मानसून दोबारा सक्रिय हो रहा है और अगले कुछ दिनों में इसके आगे बढ़ने की संभावना मजबूत हुई है।
IMD के अनुसार 23 जून के आसपास मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में प्रवेश कर सकता है। इससे इन राज्यों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
मध्य भारत के लिए भी मौसम विभाग ने राहत भरा पूर्वानुमान जारी किया है। 21 से 26 जून के बीच मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में बादलों की संख्या बढ़ रही है और मौसम धीरे-धीरे मानसूनी स्वरूप लेता दिखाई दे रहा है।
कृषि क्षेत्र के लिए भी मानसून की यह प्रगति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कई राज्यों में किसान खरीफ फसलों की बुवाई के लिए पर्याप्त बारिश का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में मानसून की रफ्तार बढ़ने से खेती-किसानी गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
