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NEET-UG री एग्जाम 2026: लेट पहुंचने वाले छात्रों को एंट्री नहीं, कड़ी सुरक्षा
Digital Desk
NEET-UG री-एग्जाम आज 564 शहरों के 5440 केंद्रों पर हो रहा है। भोपाल समेत कई जगह लेट आने वाले स्टूडेंट्स को बाहर रखा गया। IAF ने पेपर पहुंचाए।
रविवार को देशभर में NEET-UG 2026 की री-एग्जाम के दौरान सख्त नियमों का पालन किया गया। 1:30 बजे गेट बंद होने के बाद पहुंचने वाले कई छात्र-छात्राओं को एंट्री नहीं मिली।
भोपाल के सरोजिनी सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय और पीएम श्री सेंट्रल स्कूल समेत कई केंद्रों पर कुछ छात्र महज 30-40 सेकंड लेट होने पर बाहर रह गए। बेंगलुरु में कुछ स्टूडेंट्स रो पड़े। भोपाल और छतरपुर में कुछ कैंडिडेट्स गलत केंद्र चले गए और सही जगह पहुंचने तक गेट बंद हो चुके थे।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अनुसार, 564 शहरों के 5,440 परीक्षा केंद्रों पर करीब 22.79 लाख उम्मीदवार परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू हुई और 5:15 बजे तक चलेगी — 15 मिनट अतिरिक्त समय दिया गया है।
पेपर पहुंचाने के लिए पहली बार भारतीय वायुसेना के विमानों और हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया। 200 से ज्यादा सॉर्टी की गईं। देशभर में दो लाख से अधिक सुरक्षा कर्मी, ऑब्जर्वर और कोऑर्डिनेटर तैनात हैं। श्रीनगर में सुबह से पुलिस मौजूद रही, दिल्ली में केंद्रों को पिछले दिन शाम से सील कर दिया गया था।
NEET-UG की मूल परीक्षा 3 मई को हुई थी, लेकिन 12 मई को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई। CBI जांच कर रही है और कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों से बिना तनाव के परीक्षा देने की अपील की।
री-एग्जाम ने कई अभ्यर्थियों की मानसिक स्थिति प्रभावित की है। दिल्ली की एक उम्मीदवार सुप्रिया ने कहा कि पिछली परीक्षा अच्छी गई थी और सीट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन रद्द होने से सब बर्बाद हो गया। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने शिक्षा मंत्रालय पर निशाना साधते हुए इसे अक्षम बताया।
केंद्रों के बाहर कूलिंग जोन, ORS, पानी और मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। मुंबई में बस हड़ताल के बावजूद 180 स्पेशल बसें चलाई गईं। वाराणसी में 47 केंद्रों पर 25,000 से ज्यादा छात्र परीक्षा दे रहे हैं।
NTA ने अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले की सुनवाई चल रही है।
परीक्षा के नतीजों और जांच की आगे की जानकारी का इंतजार है।
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NEET-UG री एग्जाम 2026: लेट पहुंचने वाले छात्रों को एंट्री नहीं, कड़ी सुरक्षा
Digital Desk
रविवार को देशभर में NEET-UG 2026 की री-एग्जाम के दौरान सख्त नियमों का पालन किया गया। 1:30 बजे गेट बंद होने के बाद पहुंचने वाले कई छात्र-छात्राओं को एंट्री नहीं मिली।
भोपाल के सरोजिनी सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय और पीएम श्री सेंट्रल स्कूल समेत कई केंद्रों पर कुछ छात्र महज 30-40 सेकंड लेट होने पर बाहर रह गए। बेंगलुरु में कुछ स्टूडेंट्स रो पड़े। भोपाल और छतरपुर में कुछ कैंडिडेट्स गलत केंद्र चले गए और सही जगह पहुंचने तक गेट बंद हो चुके थे।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अनुसार, 564 शहरों के 5,440 परीक्षा केंद्रों पर करीब 22.79 लाख उम्मीदवार परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू हुई और 5:15 बजे तक चलेगी — 15 मिनट अतिरिक्त समय दिया गया है।
पेपर पहुंचाने के लिए पहली बार भारतीय वायुसेना के विमानों और हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया। 200 से ज्यादा सॉर्टी की गईं। देशभर में दो लाख से अधिक सुरक्षा कर्मी, ऑब्जर्वर और कोऑर्डिनेटर तैनात हैं। श्रीनगर में सुबह से पुलिस मौजूद रही, दिल्ली में केंद्रों को पिछले दिन शाम से सील कर दिया गया था।
NEET-UG की मूल परीक्षा 3 मई को हुई थी, लेकिन 12 मई को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई। CBI जांच कर रही है और कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों से बिना तनाव के परीक्षा देने की अपील की।
री-एग्जाम ने कई अभ्यर्थियों की मानसिक स्थिति प्रभावित की है। दिल्ली की एक उम्मीदवार सुप्रिया ने कहा कि पिछली परीक्षा अच्छी गई थी और सीट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन रद्द होने से सब बर्बाद हो गया। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने शिक्षा मंत्रालय पर निशाना साधते हुए इसे अक्षम बताया।
केंद्रों के बाहर कूलिंग जोन, ORS, पानी और मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। मुंबई में बस हड़ताल के बावजूद 180 स्पेशल बसें चलाई गईं। वाराणसी में 47 केंद्रों पर 25,000 से ज्यादा छात्र परीक्षा दे रहे हैं।
NTA ने अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले की सुनवाई चल रही है।
परीक्षा के नतीजों और जांच की आगे की जानकारी का इंतजार है।
