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री-NEET 2026: रीवा में प्लास से निकाली चेन-बटन, भोपाल में सेकंडों की देरी पर नहीं मिली एंट्री
Digital Desk
एमपी में री-NEET परीक्षा सख्त सुरक्षा के बीच। रीवा में मेटल बटन निकालने के लिए प्लास-पेचकस का इस्तेमाल। भोपाल में सेकंडों की देरी पर छात्र बाहर।
एमपी के 30 जिलों के 283 केंद्रों पर एक लाख से अधिक अभ्यर्थी दे रहे परीक्षा, सख्त सुरक्षा के बीच 1:30 बजे बंद हुए गेट
रविवार को मध्य प्रदेश में री-NEET UG 2026 परीक्षा अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की गई। प्रदेश के 30 जिलों के 283 परीक्षा केंद्रों पर एक लाख से अधिक मेडिकल अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं।
भोपाल में 32 केंद्रों पर 13,774 अभ्यर्थी हैं, जबकि इंदौर में सबसे अधिक 14,000 से अधिक अभ्यर्थी हैं। जबलपुर में 23 केंद्रों पर 10,426, ग्वालियर में 25 केंद्रों पर 5,000 अभ्यर्थी हैं। छिंदवाड़ा में 4,303, गुना में 1,839, विदिशा में 1,709, नर्मदापुरम में 1,283 और अशोकनगर में 865 अभ्यर्थी हैं।
परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक पेन-पेपर मोड में हो रही है। सुबह 11 बजे से रिपोर्टिंग, बायोमेट्रिक सत्यापन और फ्रिस्किंग शुरू हुई, जो 1:30 बजे तक जारी रहेगी। 1:30 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
अभ्यर्थियों को मोबाइल, ब्लूटूथ, ईयरफोन, स्मार्ट वॉच या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को केंद्र में ले जाने की सख्त मनाही है।
रीवा: प्लास-पेचकस से निकाली गईं पैंट की चेन और बटन
रीवा जिले में 13 केंद्रों पर 5,399 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। सुबह 11:30 बजे से प्रवेश शुरू हुआ। अभ्यर्थियों की मेटल डिटेक्टर और मैनुअल फ्रिस्किंग के जरिए सघन जांच की गई।
सुरक्षा इतनी सख्त थी कि कई अभ्यर्थियों की पैंट की चेन और बटन तक प्लास और पेचकस की मदद से निकाले गए, उसके बाद ही उन्हें प्रवेश मिला। चेन, धातु के बटन, कलावा, गहने और अन्य धातु की वस्तुएं बाहर उतरवा ली गईं। कड़ी जांच के कारण कुछ केंद्रों पर अफरा-तफरी भी देखने को मिली। 50% महिला पुलिसकर्मी तैनात की गईं।
भोपाल: सेकंडों की देरी पर छात्रों को नहीं मिली एंट्री
भोपाल के सरोजिनी सुभाष उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय में महज 30-40 सेकंड की देरी पर अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया। परिजनों ने नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि केंद्र के बाहर मार्गदर्शन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी।
एडिशनल एसपी ने कहा, "इन्हें अंदर भेजना मेरे हाथ में नहीं है।" पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नंबर 2 में ठीक 1:30 बजे गेट बंद कर दिए गए। गेट बंद होने के बाद भी तीन अभ्यर्थी बाहर खड़े रहे।
एक छात्र अपना आधार कार्ड घर भूल गया। उसने व्हाट्सएप पर डिजिटल कॉपी मंगवाई, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने डिजिटल कॉपी स्वीकार नहीं की। उसे मूल आधार कार्ड लाने के लिए वापस जाना पड़ा।
इंदौर: पुलिसकर्मी की मदद से छात्रा समय पर पहुंची केंद्र
इंदौर में रिया नाम की छात्रा अपना आधार कार्ड हॉस्टल में भूल गई थी। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बाल विनय मंदिर में ड्यूटी पर तैनात पलासिया थाने की उपनिरीक्षक अभिरुचि ने छात्रा की मदद की। उन्होंने परिजनों से व्हाट्सएप पर आधार कार्ड की कॉपी मंगवाई और छात्रा को समय पर प्रवेश दिलाया।
एसजीएसआईटीएस केंद्र पर एक छात्र को कान की बाली उतारनी पड़ी। सुरक्षाकर्मियों ने मेटल डिटेक्टर से सघन जांच की।
मुरैना: ग्वालियर से भोपाल बदला सेंटर, छात्र को करनी पड़ी यात्रा
मुरैना निवासी धर्मेंद्र प्रजापति का परीक्षा केंद्र पहले ग्वालियर में था, लेकिन अंतिम समय में एनटीए ने उसे बदलकर भोपाल कर दिया। उन्हें ग्वालियर से भोपाल तक का सफर तय करना पड़ा। "बदलाव से थोड़ी परेशानी हुई, लेकिन समय रहते व्यवस्था कर ली," उन्होंने कहा।
मुरैना में 7 परीक्षा केंद्र हैं और 180 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
छतरपुर: गलत केंद्र पहुंचा छात्र, 22 किमी दूर था असली सेंटर
एक छात्र पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, छतरपुर को अपना केंद्र समझकर पहुंच गया। दस्तावेज जांच के दौरान पता चला कि उसका वास्तविक केंद्र नौगांव में था - 22 किलोमीटर दूर। वह तुरंत बाइक से नौगांव की ओर रवाना हो गया।
सतना: पानी की बोतलों के रैपर हटवाए, टॉप्स उतरवाए
सतना के परीक्षा केंद्रों पर सख्त जांच हुई। पानी की बोतलों के रैपर हटवाए गए। कान में टॉप्स पहनकर पहुंची छात्राओं को उन्हें उतारना पड़ा। एक अभ्यर्थी के जूते बाहर रखवा दिए गए और उसे नंगे पैर ही प्रवेश दिया गया।
छात्रों की आवाज: 'एक प्रतिशत भी भरोसा नहीं'
छात्रों ने पेपर लीक प्रकरण पर चिंता और निराशा व्यक्त की। दिव्यानी परिहार, जो भोपाल में परीक्षा दे रही थीं, ने कहा कि वे तीन साल से तैयारी कर रही हैं और पिछली परीक्षा अच्छी गई थी, लेकिन रद्द होने के बाद वापस आनी पड़ी।
एक छात्र ने कहा: "दोबारा एग्जाम देने में बुरा लग रहा है। ये भी नहीं पता कि इस बार एग्जाम हो पाएगा या ये पेपर भी लीक हो जाएगा।"
गुना में एक छात्र ने कहा: "पिछले डेढ़ महीने तनाव और अनिश्चितता से भरे रहे हैं। पेपर लीक जैसी घटनाओं ने हमारी मेहनत और मानसिक स्थिति पर असर डाला है।"
प्राची ने कहा कि उनकी तैयारी अच्छी है, लेकिन पेपर लीक को लेकर "एक प्रतिशत भी भरोसा नहीं"।
प्रणवी उपाध्याय, जो जेईई की तैयारी कर रही हैं, ने भारतीय शिक्षा प्रणाली को "बहुत गंदी" बताया और कहा कि पेपर लीक लाखों छात्रों के सपने तोड़ते हैं।
री-परीक्षा क्यों?
NEET-UG परीक्षा 3 मई 2026 को हुई थी। पेपर लीक के आरोपों के बाद NTA ने 12 मई को इसे रद्द कर दिया। CBI मामले की जांच कर रही है। आज की परीक्षा दोबारा आयोजित की जा रही है।
प्रश्नपत्र ले जाने वाले वाहनों में GPS ट्रैकिंग, CRPF एस्कॉर्ट, CCTV निगरानी, आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन और अतिरिक्त बायोमेट्रिक मशीनें लगाई गई हैं। देशभर के 551 शहरों और 14 विदेशी शहरों में 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं।
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री-NEET 2026: रीवा में प्लास से निकाली चेन-बटन, भोपाल में सेकंडों की देरी पर नहीं मिली एंट्री
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एमपी के 30 जिलों के 283 केंद्रों पर एक लाख से अधिक अभ्यर्थी दे रहे परीक्षा, सख्त सुरक्षा के बीच 1:30 बजे बंद हुए गेट
रविवार को मध्य प्रदेश में री-NEET UG 2026 परीक्षा अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की गई। प्रदेश के 30 जिलों के 283 परीक्षा केंद्रों पर एक लाख से अधिक मेडिकल अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं।
भोपाल में 32 केंद्रों पर 13,774 अभ्यर्थी हैं, जबकि इंदौर में सबसे अधिक 14,000 से अधिक अभ्यर्थी हैं। जबलपुर में 23 केंद्रों पर 10,426, ग्वालियर में 25 केंद्रों पर 5,000 अभ्यर्थी हैं। छिंदवाड़ा में 4,303, गुना में 1,839, विदिशा में 1,709, नर्मदापुरम में 1,283 और अशोकनगर में 865 अभ्यर्थी हैं।
परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक पेन-पेपर मोड में हो रही है। सुबह 11 बजे से रिपोर्टिंग, बायोमेट्रिक सत्यापन और फ्रिस्किंग शुरू हुई, जो 1:30 बजे तक जारी रहेगी। 1:30 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
अभ्यर्थियों को मोबाइल, ब्लूटूथ, ईयरफोन, स्मार्ट वॉच या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को केंद्र में ले जाने की सख्त मनाही है।
रीवा: प्लास-पेचकस से निकाली गईं पैंट की चेन और बटन
रीवा जिले में 13 केंद्रों पर 5,399 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। सुबह 11:30 बजे से प्रवेश शुरू हुआ। अभ्यर्थियों की मेटल डिटेक्टर और मैनुअल फ्रिस्किंग के जरिए सघन जांच की गई।
सुरक्षा इतनी सख्त थी कि कई अभ्यर्थियों की पैंट की चेन और बटन तक प्लास और पेचकस की मदद से निकाले गए, उसके बाद ही उन्हें प्रवेश मिला। चेन, धातु के बटन, कलावा, गहने और अन्य धातु की वस्तुएं बाहर उतरवा ली गईं। कड़ी जांच के कारण कुछ केंद्रों पर अफरा-तफरी भी देखने को मिली। 50% महिला पुलिसकर्मी तैनात की गईं।
भोपाल: सेकंडों की देरी पर छात्रों को नहीं मिली एंट्री
भोपाल के सरोजिनी सुभाष उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय में महज 30-40 सेकंड की देरी पर अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया। परिजनों ने नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि केंद्र के बाहर मार्गदर्शन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी।
एडिशनल एसपी ने कहा, "इन्हें अंदर भेजना मेरे हाथ में नहीं है।" पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नंबर 2 में ठीक 1:30 बजे गेट बंद कर दिए गए। गेट बंद होने के बाद भी तीन अभ्यर्थी बाहर खड़े रहे।
एक छात्र अपना आधार कार्ड घर भूल गया। उसने व्हाट्सएप पर डिजिटल कॉपी मंगवाई, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने डिजिटल कॉपी स्वीकार नहीं की। उसे मूल आधार कार्ड लाने के लिए वापस जाना पड़ा।
इंदौर: पुलिसकर्मी की मदद से छात्रा समय पर पहुंची केंद्र
इंदौर में रिया नाम की छात्रा अपना आधार कार्ड हॉस्टल में भूल गई थी। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बाल विनय मंदिर में ड्यूटी पर तैनात पलासिया थाने की उपनिरीक्षक अभिरुचि ने छात्रा की मदद की। उन्होंने परिजनों से व्हाट्सएप पर आधार कार्ड की कॉपी मंगवाई और छात्रा को समय पर प्रवेश दिलाया।
एसजीएसआईटीएस केंद्र पर एक छात्र को कान की बाली उतारनी पड़ी। सुरक्षाकर्मियों ने मेटल डिटेक्टर से सघन जांच की।
मुरैना: ग्वालियर से भोपाल बदला सेंटर, छात्र को करनी पड़ी यात्रा
मुरैना निवासी धर्मेंद्र प्रजापति का परीक्षा केंद्र पहले ग्वालियर में था, लेकिन अंतिम समय में एनटीए ने उसे बदलकर भोपाल कर दिया। उन्हें ग्वालियर से भोपाल तक का सफर तय करना पड़ा। "बदलाव से थोड़ी परेशानी हुई, लेकिन समय रहते व्यवस्था कर ली," उन्होंने कहा।
मुरैना में 7 परीक्षा केंद्र हैं और 180 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
छतरपुर: गलत केंद्र पहुंचा छात्र, 22 किमी दूर था असली सेंटर
एक छात्र पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, छतरपुर को अपना केंद्र समझकर पहुंच गया। दस्तावेज जांच के दौरान पता चला कि उसका वास्तविक केंद्र नौगांव में था - 22 किलोमीटर दूर। वह तुरंत बाइक से नौगांव की ओर रवाना हो गया।
सतना: पानी की बोतलों के रैपर हटवाए, टॉप्स उतरवाए
सतना के परीक्षा केंद्रों पर सख्त जांच हुई। पानी की बोतलों के रैपर हटवाए गए। कान में टॉप्स पहनकर पहुंची छात्राओं को उन्हें उतारना पड़ा। एक अभ्यर्थी के जूते बाहर रखवा दिए गए और उसे नंगे पैर ही प्रवेश दिया गया।
छात्रों की आवाज: 'एक प्रतिशत भी भरोसा नहीं'
छात्रों ने पेपर लीक प्रकरण पर चिंता और निराशा व्यक्त की। दिव्यानी परिहार, जो भोपाल में परीक्षा दे रही थीं, ने कहा कि वे तीन साल से तैयारी कर रही हैं और पिछली परीक्षा अच्छी गई थी, लेकिन रद्द होने के बाद वापस आनी पड़ी।
एक छात्र ने कहा: "दोबारा एग्जाम देने में बुरा लग रहा है। ये भी नहीं पता कि इस बार एग्जाम हो पाएगा या ये पेपर भी लीक हो जाएगा।"
गुना में एक छात्र ने कहा: "पिछले डेढ़ महीने तनाव और अनिश्चितता से भरे रहे हैं। पेपर लीक जैसी घटनाओं ने हमारी मेहनत और मानसिक स्थिति पर असर डाला है।"
प्राची ने कहा कि उनकी तैयारी अच्छी है, लेकिन पेपर लीक को लेकर "एक प्रतिशत भी भरोसा नहीं"।
प्रणवी उपाध्याय, जो जेईई की तैयारी कर रही हैं, ने भारतीय शिक्षा प्रणाली को "बहुत गंदी" बताया और कहा कि पेपर लीक लाखों छात्रों के सपने तोड़ते हैं।
री-परीक्षा क्यों?
NEET-UG परीक्षा 3 मई 2026 को हुई थी। पेपर लीक के आरोपों के बाद NTA ने 12 मई को इसे रद्द कर दिया। CBI मामले की जांच कर रही है। आज की परीक्षा दोबारा आयोजित की जा रही है।
प्रश्नपत्र ले जाने वाले वाहनों में GPS ट्रैकिंग, CRPF एस्कॉर्ट, CCTV निगरानी, आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन और अतिरिक्त बायोमेट्रिक मशीनें लगाई गई हैं। देशभर के 551 शहरों और 14 विदेशी शहरों में 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं।
