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NEET UG 2026 परीक्षा रद्द, CBI करेगी जांच, पेपर लीक के शक में NTA ने दिया फैसला
नेशनल डेस्क
NEET UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी गई है। पेपर लीक के शक में CBI जांच करेगी। 22 लाख छात्रों पर असर, नई परीक्षा तिथि बाद में घोषित होगी।
NEET UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया गया है, और इसकी जांच अब सीबीआई करेगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जो कि 3 मई 2026 को आयोजित होने वाली थी। पेपर लीक के गंभीर आरोप लगने के बाद एनटीए ने ये निर्णय लिया है। इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है, और नई परीक्षा की तारीख जल्द ही बताई जाएगी।
एनटीए ने एक नोटिस में बताया कि कुछ दिन पहले पेपर लीक से संबंधित शिकायतें मिल रही थीं, जिसे उन्होंने 8 मई को केंद्रीय एजेंसियों के पास जांच के लिए भेजा। प्रारंभिक निष्कर्षों और सुरक्षा एजेंसियों की राय के बाद, यह तय किया गया कि मौजूदा परीक्षा प्रक्रिया को जारी रखना सही नहीं होगा। इसीलिए NEET UG 2026 को रद्द करने का निर्णय लिया गया।
इस फैसले से लाखों छात्रों में हलचल मच गई है। खबरें हैं कि इस बार लगभग 22.05 लाख उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होने वाले थे। यह परीक्षा मेडिकल, डेंटल और आयुष कोर्स जैसे एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस और बीएचएमएस में दाखिले के लिए आयोजित की जाती है, इसलिए इसका असर पूरे देश के मेडिकल एडमिशन सिस्टम पर पड़ने वाला है।
मामला और गंभीर तब हो गया जब राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने यह दावा किया कि परीक्षा से पहले एक 'गेस पेपर' मार्केट में था, जिसमें करीब 410 सवाल शामिल थे। जांच में यह पता चला है कि इनमें से लगभग 120 सवाल ठीक उसी तरह के थे जो परीक्षा में पूछे गए थे। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी आया है कि कई छात्रों को पहले से ही वही सवाल मिल चुके थे, जिससे पेपर लीक का संदेह और बढ़ गया।
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क विभिन्न राज्यों में फैला हुआ था। कहा जा रहा है कि यह गेस पेपर केरल से निकल कर राजस्थान तक पहुंचा। राजस्थान के सीकर और झुंझुनूं जैसे क्षेत्रों में यह कुछ कंसल्टेंसी और कोचिंग नेटवर्क के जरिए फैलाया गया। एसओजी ने देहरादून, सीकर और झुंझुनूं से 20 से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनमें अधिकांश करियर काउंसलर और कोचिंग से जुड़े लोग बताए जा रहे हैं।
एनटीए ने अपने नोटिस में यह भी स्पष्ट किया है कि सीबीआई इस मामले की पूरी गहराई से जांच करेगी। एजेंसी ने यह भी कहा है कि वह जांच में पूरा सहयोग देगी और सभी जरूरी रिकॉर्ड और दस्तावेज उपलब्ध कराएगी। यह निर्णय छात्रों के हित और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए लिया गया है, हालांकि दोबारा परीक्षा होने से छात्रों और अभिभावकों को कुछ असुविधा होगी।
एनटीए ने साफ किया है कि दोबारा परीक्षा के लिए छात्रों को नए सिरे से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। पहले से किया गया पंजीकरण और परीक्षा केंद्र की जानकारी मान्य रहेगी। इसके अलावा, कोई अतिरिक्त फीस भी नहीं ली जाएगी। जो शुल्क पहले जमा किया गया है, उसे वापस किया जाएगा। नई परीक्षा की तारीख और एडमिट कार्ड से संबंधित जानकारी एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।
इस पूरे मामले ने मेडिकल प्रवेश प्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं और जांच एजेंसियां यह पता लगाने में लगी हुई हैं कि पेपर लीक का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन शामिल था।
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NEET UG 2026 परीक्षा रद्द, CBI करेगी जांच, पेपर लीक के शक में NTA ने दिया फैसला
नेशनल डेस्क
NEET UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया गया है, और इसकी जांच अब सीबीआई करेगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जो कि 3 मई 2026 को आयोजित होने वाली थी। पेपर लीक के गंभीर आरोप लगने के बाद एनटीए ने ये निर्णय लिया है। इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है, और नई परीक्षा की तारीख जल्द ही बताई जाएगी।
एनटीए ने एक नोटिस में बताया कि कुछ दिन पहले पेपर लीक से संबंधित शिकायतें मिल रही थीं, जिसे उन्होंने 8 मई को केंद्रीय एजेंसियों के पास जांच के लिए भेजा। प्रारंभिक निष्कर्षों और सुरक्षा एजेंसियों की राय के बाद, यह तय किया गया कि मौजूदा परीक्षा प्रक्रिया को जारी रखना सही नहीं होगा। इसीलिए NEET UG 2026 को रद्द करने का निर्णय लिया गया।
इस फैसले से लाखों छात्रों में हलचल मच गई है। खबरें हैं कि इस बार लगभग 22.05 लाख उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होने वाले थे। यह परीक्षा मेडिकल, डेंटल और आयुष कोर्स जैसे एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस और बीएचएमएस में दाखिले के लिए आयोजित की जाती है, इसलिए इसका असर पूरे देश के मेडिकल एडमिशन सिस्टम पर पड़ने वाला है।
मामला और गंभीर तब हो गया जब राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने यह दावा किया कि परीक्षा से पहले एक 'गेस पेपर' मार्केट में था, जिसमें करीब 410 सवाल शामिल थे। जांच में यह पता चला है कि इनमें से लगभग 120 सवाल ठीक उसी तरह के थे जो परीक्षा में पूछे गए थे। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी आया है कि कई छात्रों को पहले से ही वही सवाल मिल चुके थे, जिससे पेपर लीक का संदेह और बढ़ गया।
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क विभिन्न राज्यों में फैला हुआ था। कहा जा रहा है कि यह गेस पेपर केरल से निकल कर राजस्थान तक पहुंचा। राजस्थान के सीकर और झुंझुनूं जैसे क्षेत्रों में यह कुछ कंसल्टेंसी और कोचिंग नेटवर्क के जरिए फैलाया गया। एसओजी ने देहरादून, सीकर और झुंझुनूं से 20 से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनमें अधिकांश करियर काउंसलर और कोचिंग से जुड़े लोग बताए जा रहे हैं।
एनटीए ने अपने नोटिस में यह भी स्पष्ट किया है कि सीबीआई इस मामले की पूरी गहराई से जांच करेगी। एजेंसी ने यह भी कहा है कि वह जांच में पूरा सहयोग देगी और सभी जरूरी रिकॉर्ड और दस्तावेज उपलब्ध कराएगी। यह निर्णय छात्रों के हित और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए लिया गया है, हालांकि दोबारा परीक्षा होने से छात्रों और अभिभावकों को कुछ असुविधा होगी।
एनटीए ने साफ किया है कि दोबारा परीक्षा के लिए छात्रों को नए सिरे से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। पहले से किया गया पंजीकरण और परीक्षा केंद्र की जानकारी मान्य रहेगी। इसके अलावा, कोई अतिरिक्त फीस भी नहीं ली जाएगी। जो शुल्क पहले जमा किया गया है, उसे वापस किया जाएगा। नई परीक्षा की तारीख और एडमिट कार्ड से संबंधित जानकारी एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।
इस पूरे मामले ने मेडिकल प्रवेश प्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं और जांच एजेंसियां यह पता लगाने में लगी हुई हैं कि पेपर लीक का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन शामिल था।
