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BRICS Summit में कई नेताओं से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे PM Modi
Digital Desk
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी BRICS Summit 2026 के दौरान कई वैश्विक नेताओं से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। रूस-यूक्रेन संघर्ष समेत कई मुद्दों पर चर्चा होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई दिल्ली में होने वाले BRICS Summit के दौरान कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।
MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि सम्मेलन में शामिल होने वाले नेताओं और प्रधानमंत्री मोदी की अलग-अलग बैठकों का विस्तृत कार्यक्रम बाद में जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मोदी की द्विपक्षीय बैठकों में जारी रूस-यूक्रेन संघर्ष भी चर्चा के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहेगा।
भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें BRICS Summit की मेजबानी कर रहा है। विस्तारित BRICS समूह के नेता ऐसे समय राजधानी में जुटेंगे, जब दुनिया भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं से जूझ रही है।
मोदी का द्विपक्षीय कार्यक्रम
रणधीर जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सम्मेलन के दौरान कई नेताओं के साथ बातचीत करेंगे। हालांकि, विदेश मंत्रालय ने अभी सभी प्रस्तावित द्विपक्षीय बैठकों की पूरी सूची जारी नहीं की है।
MEA के अनुसार, अलग-अलग नेताओं की भागीदारी और बैठकों के समय की जानकारी अलग से साझा की जाएगी।
इन बैठकों के जरिए भारत को द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर प्रमुख देशों के साथ विचार-विमर्श का अवसर मिलेगा।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी की द्विपक्षीय बातचीत में रूस-यूक्रेन संघर्ष के भी शामिल होने की पुष्टि MEA ने की है।
भारत लगातार यह रुख दोहराता रहा है कि युद्ध का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए होना चाहिए। विदेश मंत्रालय ने हाल में कहा था कि भारत मॉस्को और कीव दोनों के संपर्क में है और संघर्ष समाप्त करने में योगदान देने वाले विचारों पर विचार कर रहा है।
मोदी की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ प्रस्तावित बैठक को देखते हुए यह मुद्दा खास महत्व रखता है।
पुतिन से मुलाकात पर नजर
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन BRICS Summit में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंच रहे हैं और शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी से उनकी मुलाकात प्रस्तावित है।
दोनों नेताओं के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों पर बातचीत होने की संभावना है। ऊर्जा और रक्षा सहयोग महत्वपूर्ण विषयों में शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा रूस-यूक्रेन संघर्ष और व्यापक अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी दोनों पक्ष विचार साझा कर सकते हैं।
यह बैठक ऐसे समय होगी जब भारत रूस के साथ अपने लंबे रणनीतिक संबंधों को बनाए रखते हुए यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की वकालत कर रहा है।
चीन से संपर्क पर नजर
प्रधानमंत्री मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ संभावित बातचीत पर भी कूटनीतिक नजर रहेगी।
शी के नई दिल्ली BRICS Summit में शामिल होने की उम्मीद है। भारत और चीन के बीच हाल के समय में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर संवाद बेहतर करने के प्रयास हुए हैं।
6 और 7 सितंबर को दोनों देशों ने LAC के पूर्वी क्षेत्र में पहली वरिष्ठ सैन्य कमांडर स्तर की बैठक की। विदेश मंत्रालय ने भारत-चीन संबंधों में धीरे-धीरे सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के संकेत दिए हैं।
दिल्ली में BRICS Summit
भारत की अध्यक्षता में 18वां BRICS Summit 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होगा।
भारत ने 2026 के BRICS एजेंडे में resilience, innovation, cooperation और sustainability को प्रमुख आधार बनाया है।
सम्मेलन में आर्थिक सहयोग, व्यापार, तकनीक, स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा, जलवायु कार्रवाई और डिजिटल विकास जैसे विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इसके साथ प्रमुख भू-राजनीतिक मुद्दे भी नेताओं के एजेंडे में रहेंगे।
विस्तारित BRICS समूह में अब 11 पूर्ण सदस्य हैं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और कूटनीति में इसका महत्व और बढ़ गया है।
वैश्विक मुद्दों पर बातचीत
रूस-यूक्रेन संघर्ष के अलावा मोदी की द्विपक्षीय बैठकों में व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी सहयोग, क्षेत्रीय स्थिरता और अन्य अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी चर्चा हो सकती है।
BRICS Summit ऐसे समय आयोजित हो रहा है जब वैश्विक व्यापार व्यवस्था में बदलाव और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं।
भारत अपनी BRICS अध्यक्षता के जरिए व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा देने के साथ समूह को उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच संवाद के महत्वपूर्ण मंच के रूप में मजबूत करना चाहता है।
इस लिहाज से नेताओं के साथ होने वाली द्विपक्षीय बैठकें औपचारिक BRICS चर्चाओं जितनी ही महत्वपूर्ण हो सकती हैं।
भारत की संतुलित कूटनीति
प्रधानमंत्री मोदी की प्रस्तावित बैठकें भारत की उस कूटनीतिक रणनीति को दर्शाती हैं, जिसमें नई दिल्ली प्रमुख वैश्विक शक्तियों के साथ संवाद बनाए रखते हुए अपने रणनीतिक और आर्थिक हितों को आगे बढ़ा रही है।
हालांकि, MEA ने अभी द्विपक्षीय बैठकों का पूरा कार्यक्रम जारी नहीं किया है। इसलिए किसी विशेष बैठक के एजेंडे को आधिकारिक घोषणा से पहले अंतिम नहीं माना जा सकता।
फिलहाल यह स्पष्ट है कि रूस-यूक्रेन संघर्ष मोदी की द्विपक्षीय बातचीत में शामिल मुद्दों में रहेगा। नई दिल्ली में दुनिया के प्रमुख उभरते देशों के नेता जुटने जा रहे हैं और ऐसे में प्रधानमंत्री की द्विपक्षीय कूटनीति BRICS Summit के दौरान भारत के अंतरराष्ट्रीय संवाद का अहम हिस्सा होगी।
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