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खड़गे के हल्द्वानी मंच के ‘शुद्धिकरण’ पर राहुल गांधी का हमला, पीएम मोदी से FIR की मांग
भारत
कांग्रेस नेता ने इसे छुआछूत से जोड़ा और कहा- खड़गे के साथ ऐसा हो सकता है तो आम दलितों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी में हुई सभा के बाद कथित तौर पर कार्यक्रम स्थल के ‘शुद्धिकरण’ को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कार्रवाई की मांग की। उन्होंने संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग भी उठाई। राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रोजेक्टर पर खड़गे के भाषण से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो दिखाते हुए हल्द्वानी के रामलीला मैदान का मुद्दा उठाया। उनके मुताबिक, खड़गे के वहां कार्यक्रम करने के बाद कथित रूप से शुद्धिकरण की रस्म कराई गई। राहुल ने इस घटना को केवल कांग्रेस अध्यक्ष से जुड़ा मामला न बताते हुए दलित समुदाय के सम्मान और समानता से जोड़ दिया।
हल्द्वानी में क्या हुआ था?
मल्लिकार्जुन खड़गे ने 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की सभा को संबोधित किया था। इसके दो दिन बाद उसी स्थान पर श्रीराम सेना के सदस्यों द्वारा कथित तौर पर शुद्धिकरण हवन किए जाने की खबर सामने आई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई खड़गे की दलित पहचान के कारण की गई। हालांकि, इस आरोप को लेकर भाजपा की ओर से अलग प्रतिक्रिया सामने आई है। भाजपा ने इस रस्म से पार्टी का संबंध होने से इनकार किया है। भाजपा अध्यक्ष और राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने घटना को दुखद और अस्वीकार्य बताते हुए कहा था कि पार्टी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी इसे खड़गे की जाति से जोड़ने पर आपत्ति जताई और कहा कि मामला कार्यक्रम स्थल के राजनीतिक माहौल और वहां लगाए गए नारों से जुड़ा था।
राहुल गांधी ने क्या मांग की?
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड सरकार से मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि किसी कांग्रेस अध्यक्ष के साथ इस तरह की घटना होती है तो इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। राहुल ने मामले में SC/ST Act के तहत FIR दर्ज करने की मांग रखी। राहुल गांधी ने ‘शुद्धिकरण’ को छुआछूत से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएं दलितों को सामाजिक रूप से अलग समझने वाली मानसिकता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि यह विवाद सिर्फ खड़गे तक सीमित नहीं है, बल्कि देश में दलितों के साथ होने वाले भेदभाव के व्यापक सवाल से जुड़ा है।
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने भी उठाया था मुद्दा
यह मामला इससे पहले संसद में भी उठ चुका है। खड़गे ने राज्यसभा में हल्द्वानी की घटना का जिक्र करते हुए कथित शुद्धिकरण को लेकर चिंता जताई थी और इसे छुआछूत से जुड़ा मामला बताया था। कांग्रेस की ओर से इस मामले में जांच और कार्रवाई की मांग लगातार की जा रही है। कांग्रेस ने इससे पहले उत्तराखंड में इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर राज्यपाल से भी मुलाकात की थी। पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया था कि घटना के संबंध में अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
राहुल ने इसे बड़ी राजनीतिक लड़ाई से जोड़ा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने इस विवाद को संविधान और भाजपा-आरएसएस की विचारधारा के बीच संघर्ष के रूप में पेश किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दलितों की सामाजिक स्थिति और सम्मान को लेकर देश में अभी भी भेदभाव की स्थितियां मौजूद हैं। राहुल ने कहा कि अगर एक वरिष्ठ दलित नेता के साथ सार्वजनिक रूप से ऐसी घटना होने का आरोप सामने आ सकता है, तो आम दलित परिवारों और बच्चों के साथ होने वाले भेदभाव की स्थिति पर भी सवाल उठते हैं। उन्होंने स्कूलों, सार्वजनिक स्थानों और सामाजिक जीवन में दलितों के साथ भेदभाव के कई उदाहरणों का जिक्र किया।
BJP का रुख क्या है?
भाजपा ने कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम से खुद को अलग किया है। जेपी नड्डा ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि भाजपा ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। वहीं उत्तराखंड भाजपा नेतृत्व की ओर से कांग्रेस पर इस घटना को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया गया है। इस बीच राहुल गांधी ने साफ किया कि कांग्रेस इस मामले में कार्रवाई की मांग जारी रखेगी। उनका कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि खड़गे के मामले में न्याय सुनिश्चित किया जाए।
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