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जब भाषा नहीं, हौसला बना पहचान: पीडब्ल्यू ने NEET 2026 के हिंदी माध्यम छात्रों का किया सम्मान
Digital desk
फिज़िक्सवाला (पीडब्ल्यू) ने हाल ही में नोएडा में एक सम्मानसमारोह आयोजित कर NEET 2026 में उल्लेखनीय सफलता हासिल करने वाले हिंदी माध्यम केछात्रों का सम्मान किया। इस अवसर पर पीडब्ल्यू की टीम ने छात्रों और उनके परिवारों से मुलाकातकी तथा उनके संघर्ष, दृढ़ संकल्प और सफलता की प्रेरक कहानियों को साझा किया।
सम्मानित छात्रों में कोमल कांखेरिया, विक्रम, पायल मेधावी सहित कई छात्र शामिल रहे, जिनकीसंघर्षपूर्ण यात्राएं देशभर के हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा हैं। सम्मानित छात्रों में से कईने अपनी NEET की तैयारी पीडब्ल्यू के विभिन्न हिंदी माध्यम बैचों से की, जिनमें कक्षा 11 काअर्जुना बैच, कक्षा 12 का लक्ष्य बैच तथा ड्रॉपर्स के लिए यकीन बैच शामिल हैं।
कोमल कांखेरिया ने कहा, "NEET क्वालिफाई करने में मुझे चार प्रयास लगे। एक समय ऐसा भीआया जब 511 अंक आने के बाद कई लोगों ने मुझे MBBS का सपना छोड़कर दूसरे विकल्प चुननेकी सलाह दी, लेकिन मेरे पापा ने हमेशा मुझ पर विश्वास बनाए रखा। मैंने हार मानने के बजायपीडब्ल्यू के साथ अपनी तैयारी की, अपनी गलतियों पर काम किया और शिक्षकों के मार्गदर्शन सेखुद को बेहतर बनाया।"
विक्रम ने कहा, "मैं हमेशा से पढ़ाई में एक औसत छात्र था और 11वीं में मेरी पढ़ाई भी काफीप्रभावित हुई। 12वीं के बाद जब तैयारी का सही तरीका चुनने का समय आया, तब मैंने पीडब्ल्यू केऑनलाइन बैच के साथ अपनी तैयारी शुरू की। शिक्षकों के मार्गदर्शन, नियमित अभ्यास औरलगातार मेहनत ने मेरा आत्मविश्वास बढ़ाया और आज मैं डॉक्टर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा हूं।"
पायल मेधावी ने कहा, "मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी थी कि कई बार अच्छी कॉपियां याअतिरिक्त अध्ययन सामग्री खरीदना भी संभव नहीं था। मैंने सीमित संसाधनों में केवल पीडब्ल्यू केबैच और वहीं उपलब्ध टेस्ट्स के सहारे अपनी पूरी तैयारी की और कभी अपने लक्ष्य से समझौता नहींकिया। आज की यह सफलता मेरे परिवार के भरोसे, शिक्षकों के मार्गदर्शन और मेरी मेहनत कापरिणाम है।"
समारोह के दौरान छात्रों की संघर्षपूर्ण यात्राओं और उपलब्धियों को रेखांकित किया गया। यहअवसर इस बात का भी प्रतीक बना कि किसी छात्र की क्षमता उसकी भाषा नहीं, बल्कि उसकेसपने, मेहनत और दृढ़ संकल्प तय करते हैं। हिंदी माध्यम के इन छात्रों की सफलता ऐसे समय मेंसामने आई है, जब प्रतियोगी परीक्षाओं में मातृभाषा और क्षेत्रीय भाषाओं का महत्व लगातार बढ़रहा है। हिंदी सहित कई भारतीय भाषाओं में आयोजित होने वाली NEET परीक्षा लाखोंविद्यार्थियों को अपनी सहज भाषा में परीक्षा देने का अवसर प्रदान करती है।
पीडब्ल्यू उन चुनिंदा शैक्षणिक संस्थानों में शामिल है जो हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए NEET कीविशेष तैयारी, अध्ययन सामग्री, मेंटरशिप और डाउट-रिजॉल्यूशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं।
यह सम्मान समारोह केवल परीक्षा परिणामों का उत्सव नहीं था, बल्कि उन संघर्षों, त्याग और सपनोंका भी सम्मान था जिन्होंने इन छात्रों की सफलता की नींव रखी। ऐसी प्रेरक कहानियों के माध्यम सेपीडब्ल्यू गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को देश के हर छात्र तक पहुंचाने और भाषा को कभी भी सफलता कीबाधा न बनने देने के अपने संकल्प को आगे बढ़ा रहा है.
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जब भाषा नहीं, हौसला बना पहचान: पीडब्ल्यू ने NEET 2026 के हिंदी माध्यम छात्रों का किया सम्मान
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सम्मानित छात्रों में कोमल कांखेरिया, विक्रम, पायल मेधावी सहित कई छात्र शामिल रहे, जिनकीसंघर्षपूर्ण यात्राएं देशभर के हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा हैं। सम्मानित छात्रों में से कईने अपनी NEET की तैयारी पीडब्ल्यू के विभिन्न हिंदी माध्यम बैचों से की, जिनमें कक्षा 11 काअर्जुना बैच, कक्षा 12 का लक्ष्य बैच तथा ड्रॉपर्स के लिए यकीन बैच शामिल हैं।
कोमल कांखेरिया ने कहा, "NEET क्वालिफाई करने में मुझे चार प्रयास लगे। एक समय ऐसा भीआया जब 511 अंक आने के बाद कई लोगों ने मुझे MBBS का सपना छोड़कर दूसरे विकल्प चुननेकी सलाह दी, लेकिन मेरे पापा ने हमेशा मुझ पर विश्वास बनाए रखा। मैंने हार मानने के बजायपीडब्ल्यू के साथ अपनी तैयारी की, अपनी गलतियों पर काम किया और शिक्षकों के मार्गदर्शन सेखुद को बेहतर बनाया।"
विक्रम ने कहा, "मैं हमेशा से पढ़ाई में एक औसत छात्र था और 11वीं में मेरी पढ़ाई भी काफीप्रभावित हुई। 12वीं के बाद जब तैयारी का सही तरीका चुनने का समय आया, तब मैंने पीडब्ल्यू केऑनलाइन बैच के साथ अपनी तैयारी शुरू की। शिक्षकों के मार्गदर्शन, नियमित अभ्यास औरलगातार मेहनत ने मेरा आत्मविश्वास बढ़ाया और आज मैं डॉक्टर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा हूं।"
पायल मेधावी ने कहा, "मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी थी कि कई बार अच्छी कॉपियां याअतिरिक्त अध्ययन सामग्री खरीदना भी संभव नहीं था। मैंने सीमित संसाधनों में केवल पीडब्ल्यू केबैच और वहीं उपलब्ध टेस्ट्स के सहारे अपनी पूरी तैयारी की और कभी अपने लक्ष्य से समझौता नहींकिया। आज की यह सफलता मेरे परिवार के भरोसे, शिक्षकों के मार्गदर्शन और मेरी मेहनत कापरिणाम है।"
समारोह के दौरान छात्रों की संघर्षपूर्ण यात्राओं और उपलब्धियों को रेखांकित किया गया। यहअवसर इस बात का भी प्रतीक बना कि किसी छात्र की क्षमता उसकी भाषा नहीं, बल्कि उसकेसपने, मेहनत और दृढ़ संकल्प तय करते हैं। हिंदी माध्यम के इन छात्रों की सफलता ऐसे समय मेंसामने आई है, जब प्रतियोगी परीक्षाओं में मातृभाषा और क्षेत्रीय भाषाओं का महत्व लगातार बढ़रहा है। हिंदी सहित कई भारतीय भाषाओं में आयोजित होने वाली NEET परीक्षा लाखोंविद्यार्थियों को अपनी सहज भाषा में परीक्षा देने का अवसर प्रदान करती है।
पीडब्ल्यू उन चुनिंदा शैक्षणिक संस्थानों में शामिल है जो हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए NEET कीविशेष तैयारी, अध्ययन सामग्री, मेंटरशिप और डाउट-रिजॉल्यूशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं।
यह सम्मान समारोह केवल परीक्षा परिणामों का उत्सव नहीं था, बल्कि उन संघर्षों, त्याग और सपनोंका भी सम्मान था जिन्होंने इन छात्रों की सफलता की नींव रखी। ऐसी प्रेरक कहानियों के माध्यम सेपीडब्ल्यू गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को देश के हर छात्र तक पहुंचाने और भाषा को कभी भी सफलता कीबाधा न बनने देने के अपने संकल्प को आगे बढ़ा रहा है.
