क्या सोशल मीडिया का एल्गोरिदम नए क्रिएटर्स को मौका देता है? वायरल कंटेंट की रेस में टैलेंट बनाम फेम की असली कहानी

Priyanka Mathur

On

प्लेटफॉर्म दावा करते हैं कि कंटेंट की पहुंच यूजर की पसंद और वीडियो के प्रदर्शन पर निर्भर करती है, लेकिन पहले से लोकप्रिय क्रिएटर्स को शुरुआती बढ़त मिलने की बहस अब भी कायम है

सोशल मीडिया पर नए क्रिएटर के लिए चुनौती सिर्फ अच्छा कंटेंट बनाना नहीं, बल्कि उसे सही दर्शकों तक पहुंचाना भी है। इंस्टाग्राम, यूट्यूब और टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्म हर दिन बड़ी संख्या में पोस्ट और वीडियो के बीच यह तय करते हैं कि किस यूजर को कौन-सा कंटेंट दिखाया जाए। इसी से सवाल उठता है कि क्या एल्गोरिदम नए टैलेंट को मौका देता है या पहले से मशहूर क्रिएटर्स को ही ज्यादा बढ़त मिलती है।

नए क्रिएटर के लिए भी मौका

प्लेटफॉर्म की सार्वजनिक जानकारी के मुताबिक, सिफारिशें सिर्फ फॉलोअर्स की संख्या पर आधारित नहीं होतीं। यूट्यूब यूजर की वॉच हिस्ट्री, सर्च, लाइक, शेयर, सब्सक्रिप्शन, वीडियो पर प्रतिक्रिया और दर्शकों की संतुष्टि जैसे संकेतों को देखता है। टिकटॉक भी यूजर की गतिविधियों, जैसे वीडियो देखना, लाइक, शेयर और कमेंट के साथ कैप्शन, साउंड और हैशटैग जैसी जानकारी को सिफारिशों में इस्तेमाल करता है। इसका मतलब है कि नया क्रिएटर भी बिना बड़े फैन बेस के दर्शकों तक पहुंच सकता है। अगर उसका कंटेंट किसी खास दर्शक समूह को पसंद आता है और लोग उसे लगातार देखते या शेयर करते हैं, तो उसकी पहुंच बढ़ सकती है।

मशहूर क्रिएटर्स को शुरुआती बढ़त

पहले से लोकप्रिय क्रिएटर के पास बड़ा दर्शक वर्ग, ब्रांड पहचान और सोशल नेटवर्क होता है। नया वीडियो पोस्ट होते ही उसे शुरुआती व्यूज और प्रतिक्रियाएं मिल सकती हैं। यही शुरुआती प्रदर्शन आगे की पहुंच को मजबूत करने में मदद कर सकता है। इसलिए एल्गोरिदम सीधे तौर पर बड़े नामों को प्राथमिकता न भी दे, फिर भी लोकप्रियता एक अप्रत्यक्ष फायदा देती है। नए क्रिएटर को वही शुरुआती दर्शक हासिल करने में ज्यादा समय लग सकता है।

क्या यह नेपोटिज्म है?

क्रिएटर इकोनॉमी में नेपोटिज्म की बहस सिर्फ एल्गोरिदम तक सीमित नहीं है। सेलिब्रिटी परिवार, मीडिया नेटवर्क, ब्रांड और एजेंसियां किसी नए चेहरे को शुरुआत में ही ज्यादा प्रचार और दर्शक दे सकते हैं। दूसरी ओर, सामान्य क्रिएटर को अपना समुदाय खुद बनाना पड़ता है। यानी कई मामलों में असमानता एल्गोरिदम से पहले ही शुरू हो जाती है। बाद में यही शुरुआती लोकप्रियता सोशल मीडिया पर कंटेंट की पहुंच को प्रभावित कर सकती है।

Also Read:  क्या शहरों में निजी इमारतों की छतों को ‘कूल’ बनाना अनिवार्य होना चाहिए? जानें पेंट, सोलर और ग्रीन रूफ के फायदे-नुकसान

वायरल होना और अच्छा कंटेंट अलग बात

किसी वीडियो का वायरल होना यह साबित नहीं करता कि वह सबसे बेहतर या सबसे उपयोगी कंटेंट है। प्लेटफॉर्म मुख्य रूप से यह समझने की कोशिश करते हैं कि दर्शक किस सामग्री को देखना और उसके साथ जुड़ना पसंद करते हैं। ट्रेंडिंग विषय, मनोरंजन और विवादित कंटेंट कई बार तेजी से ध्यान खींच सकते हैं, जबकि उपयोगी लेकिन सीमित दर्शक वाला कंटेंट उतनी तेजी से नहीं फैलता। नए क्रिएटर के लिए इसलिए सिर्फ एल्गोरिदम को समझना पर्याप्त नहीं है। विषय, प्रस्तुति, दर्शकों की जरूरत और लगातार बेहतर कंटेंट बनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

Also Read:  GLP-1 दवाओं की कवरेज पर नई बहस: क्या मोटापे की रोकथाम के लिए भी बीमा में शामिल हों वजन घटाने वाले इंजेक्शन?

असली सवाल क्या है?

सोशल मीडिया को पूरी तरह टैलेंट बनाम फेम की लड़ाई मानना सही नहीं होगा। एल्गोरिदम दर्शकों की पसंद और कंटेंट के प्रदर्शन को महत्व देते हैं, लेकिन पहले से मिली लोकप्रियता नए कंटेंट को शुरुआती बढ़त दे सकती है। यही वजह है कि बहस अब इस बात पर है कि क्या प्लेटफॉर्म नए क्रिएटर्स को पर्याप्त शुरुआती मौका दे सकते हैं, ताकि उनकी सामग्री की वास्तविक गुणवत्ता और दर्शकों की प्रतिक्रिया के आधार पर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिले।

Also Read:  क्या ई-स्पोर्ट्स को मिलना चाहिए पारंपरिक खेलों जैसा सम्मान? गेमिंग अब सिर्फ मनोरंजन नहीं, बन रहा प्रोफेशन

दैनिक जागरण से जुड़ें:

देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:

नवीनतम समाचार

CSIR-NET जून 2026 का रिजल्ट जारी, स्कोरकार्ड डाउनलोड लिंक एक्टिव; यहां चेक करें अपना परिणाम

NTA ने 29 अगस्त को जारी किए स्कोरकार्ड, 1.50 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने दी थी परीक्षा; एप्लीकेशन नंबर और...
शिक्षा एवं कैरियर 
CSIR-NET जून 2026 का रिजल्ट जारी, स्कोरकार्ड डाउनलोड लिंक एक्टिव; यहां चेक करें अपना परिणाम

NEET-PG 2026 परीक्षा संपन्न, 2.65 लाख से ज्यादा उम्मीदवार हुए शामिल; जयपुर में 2,445 अभ्यर्थियों का 5 सितंबर को री-एग्जाम

देशभर के 1,111 केंद्रों पर हुई परीक्षा, जयपुर के दो केंद्रों पर बिजली आपूर्ति में तकनीकी दिक्कत के कारण परीक्षा...
शिक्षा एवं कैरियर 
NEET-PG 2026 परीक्षा संपन्न, 2.65 लाख से ज्यादा उम्मीदवार हुए शामिल; जयपुर में 2,445 अभ्यर्थियों का 5 सितंबर को री-एग्जाम

रक्षाबंधन पर साथ दिखा गोविंदा का परिवार, लेकिन नजर नहीं आए एक्टर; कृष्णा अभिषेक ने टीना-हर्षवर्धन संग मनाया त्योहार

सुनीता आहूजा भी सेलिब्रेशन में शामिल हुईं, सोशल मीडिया पर सामने आईं तस्वीरों और वीडियो में आरती सिंह समेत परिवार...
मनोरंजन 
रक्षाबंधन पर साथ दिखा गोविंदा का परिवार, लेकिन नजर नहीं आए एक्टर; कृष्णा अभिषेक ने टीना-हर्षवर्धन संग मनाया त्योहार

क्या सोशल मीडिया का एल्गोरिदम नए क्रिएटर्स को मौका देता है? वायरल कंटेंट की रेस में टैलेंट बनाम फेम की असली कहानी

प्लेटफॉर्म दावा करते हैं कि कंटेंट की पहुंच यूजर की पसंद और वीडियो के प्रदर्शन पर निर्भर करती है, लेकिन...
ओपीनियन 
क्या सोशल मीडिया का एल्गोरिदम नए क्रिएटर्स को मौका देता है? वायरल कंटेंट की रेस में टैलेंट बनाम फेम की असली कहानी

बिजनेस