AI के ज़माने में डॉक्टर बनना: क्या एक गुरु अब भी जरूरी है?

Dr. Vaishali Bharambe

आजकल हर छात्र के पास स्मार्टफोन है और AI की मदद से कोई भी जानकारी पलभर में हासिल कर सकता है। YouTube या अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर विषय सीखना आसान हो गया है।

ऐसे में सवाल उठता है — क्या अब डॉक्टर बनने के लिए शिक्षक की जरूरत अब भी बनी हुई है?

सच यह है कि डॉक्टर बनना आज भी लाखों छात्रों का सपना है। यह सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की सेवा का माध्यम है। लेकिन यह मार्ग आसान नहीं — वर्षों की मेहनत, विषय की गहराई और मानसिक संतुलन की आवश्यकता है।

AI मदद करता है, लेकिन दिशा नहीं देता
AI समय बचा सकता है, पढ़ाई आसान बना सकता है और जानकारी तुरंत दे सकता है। लेकिन जब बात एनाटॉमी या क्लिनिकल प्रैक्टिकल जैसी गहन चीजों की होती है, तो सिर्फ जानकारी काफी नहीं होती। समझ, अनुभव और विज़ुअलाइज़ेशन की जरूरत होती है।

डॉ. वैशाली भारंबे का अनुभव
MD, PhD Anatomy और मेडिकल काउंसलर डॉ. वैशाली भारंबे पिछले 30 वर्षों से मेडिकल शिक्षा में सक्रिय हैं। VB Anatomy Academy की संस्थापक के रूप में उन्होंने पारंपरिक और डिजिटल माध्यम दोनों से हजारों छात्रों को आत्मविश्वास, व्यावहारिक दृष्टिकोण और विषय की गहराई सिखाई है। उनका मानना है कि एक शिक्षक केवल जानकारी नहीं देता, बल्कि वह छिपी हुई समझ और अनुभव को महसूस कराना भी सिखाता है।

मोबाइल में खोए छात्रों तक पहुंचने का तरीका
शुरुआत में डॉ. भारंबे ने देखा कि छात्र कक्षा में मोबाइल में व्यस्त रहते हैं। टोकने के बजाय उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म VB Anatomy Academy की शुरुआत की, ताकि छात्र मोबाइल पर ही व्यावहारिक और सरल सीख हासिल कर सकें। उनका मकसद केवल पढ़ाई की अवधि नहीं, बल्कि विषय की गहराई और समझ को प्राथमिकता देना था।

हर छात्र में डॉक्टर छिपा होता है
डॉ. भारंबे का मानना है कि हर छात्र डॉक्टर बन सकता है, अगर उसके पास मेहनत करने का जज़्बा हो और कोई ऐसा हो जो उसे गिरने से पहले थाम सके। उन्होंने हमेशा मार्क्स से ज्यादा समझ, आत्मविश्वास और इंसान के रूप में मजबूती पर जोर दिया।

शिक्षक की जगह AI नहीं ले सकता
AI ज्ञान दे सकता है, लेकिन जिज्ञासा, सोचने की शक्ति और करुणा नहीं दे सकता। यही गुण एक शिक्षक देता है और यही किसी भी मेडिकल छात्र की सबसे बड़ी पूंजी होती है।

डॉ. भारंबे का संदेश है — अगर आप डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं, तो मेहनत करें, समझ को प्राथमिकता दें और ऐसे शिक्षकों से जुड़ें जो केवल किताबें नहीं, बल्कि जीवन पढ़ना भी सिखाएं। AI मदद कर सकता है, लेकिन राह दिखाना और प्रेरित करना केवल एक अच्छा शिक्षक ही कर सकता है।

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13 Aug 2025 By दैनिक जागरण

AI के ज़माने में डॉक्टर बनना: क्या एक गुरु अब भी जरूरी है?

Dr. Vaishali Bharambe

ऐसे में सवाल उठता है — क्या अब डॉक्टर बनने के लिए शिक्षक की जरूरत अब भी बनी हुई है?

सच यह है कि डॉक्टर बनना आज भी लाखों छात्रों का सपना है। यह सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की सेवा का माध्यम है। लेकिन यह मार्ग आसान नहीं — वर्षों की मेहनत, विषय की गहराई और मानसिक संतुलन की आवश्यकता है।

AI मदद करता है, लेकिन दिशा नहीं देता
AI समय बचा सकता है, पढ़ाई आसान बना सकता है और जानकारी तुरंत दे सकता है। लेकिन जब बात एनाटॉमी या क्लिनिकल प्रैक्टिकल जैसी गहन चीजों की होती है, तो सिर्फ जानकारी काफी नहीं होती। समझ, अनुभव और विज़ुअलाइज़ेशन की जरूरत होती है।

डॉ. वैशाली भारंबे का अनुभव
MD, PhD Anatomy और मेडिकल काउंसलर डॉ. वैशाली भारंबे पिछले 30 वर्षों से मेडिकल शिक्षा में सक्रिय हैं। VB Anatomy Academy की संस्थापक के रूप में उन्होंने पारंपरिक और डिजिटल माध्यम दोनों से हजारों छात्रों को आत्मविश्वास, व्यावहारिक दृष्टिकोण और विषय की गहराई सिखाई है। उनका मानना है कि एक शिक्षक केवल जानकारी नहीं देता, बल्कि वह छिपी हुई समझ और अनुभव को महसूस कराना भी सिखाता है।

मोबाइल में खोए छात्रों तक पहुंचने का तरीका
शुरुआत में डॉ. भारंबे ने देखा कि छात्र कक्षा में मोबाइल में व्यस्त रहते हैं। टोकने के बजाय उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म VB Anatomy Academy की शुरुआत की, ताकि छात्र मोबाइल पर ही व्यावहारिक और सरल सीख हासिल कर सकें। उनका मकसद केवल पढ़ाई की अवधि नहीं, बल्कि विषय की गहराई और समझ को प्राथमिकता देना था।

हर छात्र में डॉक्टर छिपा होता है
डॉ. भारंबे का मानना है कि हर छात्र डॉक्टर बन सकता है, अगर उसके पास मेहनत करने का जज़्बा हो और कोई ऐसा हो जो उसे गिरने से पहले थाम सके। उन्होंने हमेशा मार्क्स से ज्यादा समझ, आत्मविश्वास और इंसान के रूप में मजबूती पर जोर दिया।

शिक्षक की जगह AI नहीं ले सकता
AI ज्ञान दे सकता है, लेकिन जिज्ञासा, सोचने की शक्ति और करुणा नहीं दे सकता। यही गुण एक शिक्षक देता है और यही किसी भी मेडिकल छात्र की सबसे बड़ी पूंजी होती है।

डॉ. भारंबे का संदेश है — अगर आप डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं, तो मेहनत करें, समझ को प्राथमिकता दें और ऐसे शिक्षकों से जुड़ें जो केवल किताबें नहीं, बल्कि जीवन पढ़ना भी सिखाएं। AI मदद कर सकता है, लेकिन राह दिखाना और प्रेरित करना केवल एक अच्छा शिक्षक ही कर सकता है।

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