होली पर बस किराया उछाला: भोपाल-लखनऊ टिकट ₹8,899, सीएम की चेतावनी के बावजूद निजी ऑपरेटरों की मनमानी जारी

Digital Desk

MP में होली पर बस किराया बढ़ोतरी: भोपाल-लखनऊ ₹8,899, सतना-रीवा ₹4,500। CM के आदेश के बावजूद निजी बस ऑपरेटरों की मनमानी जारी, जानें ताजा दरें।

मध्य प्रदेश में होली के त्योहार के दौरान घर जाने वाले यात्रियों से निजी बस ऑपरेटर मनमाना किराया वसूल रहे हैं। ऑनलाइन बुकिंग ऐप्स पर भोपाल-लखनऊ का किराया 8,899 रुपये तक पहुंच गया है, जो सामान्य दिनों के मुकाबले 4 से 5 गुना अधिक है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के एक दिन पहले दिए गए सख्त निर्देशों के बावजूद निजी ऑपरेटरों की यह मनमानी जारी है।

होली के त्योहार पर घर जाने का जुनून हर किसी के मन में होता है, लेकिन मध्य प्रदेश में यात्रियों के लिए यह खुशी भारी पड़ती दिख रही है। राज्य में होली के कारण यात्रियों की भारी भीड़ का फायदा उठाकर निजी बस ऑपरेटरों ने किराए में जबरदस्त उछाल दिया है। ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म पर भोपाल से लखनऊ जैसे लंबे रूट पर किराया 8,899 रुपये तक पहुंच गया है, जो आम दिनों के किराए से कई गुना अधिक है। यह होली पर बस किराया बढ़ोतरी मध्य प्रदेश ने आम यात्रियों की जेब पर भारी बोझ डाला है।

चार गुना तक बढ़ा किराया, जानें ताजा दरें

परी्वहन विभाग और बुकिंग ऐप्स के अनुसार, निजी बस ऑपरेटरों की मनमानी ने सामान्य यात्रा को महंगा सौदा बना दिया है। विभिन्न रूटों पर किराए में भारी उछाल दर्ज किया गया है :

भोपाल-लखनऊ: बेटवंटी ट्रैवल्स ने किराया ₹8,899 किया है, जबकि सामान्य दिनों में यह ₹1,400 से ₹1,800 के बीच होता है।

भोपाल-मुंबई: रतन टूर एंड ट्रैवल्स ₹6,006 वसूल रहा है, जबकि सामान्य किराया ₹1,400 से ₹1,700 है।

भोपाल-सतना: रेड बस ऐप पर किराया ₹4,500 तक पहुंच गया है, जो सामान्य ₹1,000-1,200 से लगभग चार गुना ज्यादा है।

भोपाल-रीवा: सुनील टूर एंड ट्रैवल्स ₹6,000, देव हाई स्पीड ट्रैवल्स ₹4,500 और अंजुमन ट्रैवल्स ₹5,000 तक किराया ले रहे हैं, जबकि सामान्य दरें ₹900 से ₹1,200 हैं।

भोपाल से बाहर जाने वाली बसों पर दोगुना किराया वसूला जा रहा है। उदाहरण के लिए, जयपुर का किराया सामान्य ₹700-800 से बढ़कर ₹1,600-2,000 हो गया है। पुणे का किराया ₹1,300-1,500 से बढ़कर ₹1,600-1,800 और अहमदाबाद का किराया ₹800-1,000 से बढ़कर ₹1,200-1,600 तक पहुंच गया है ।

परिवहन विभाग के हाथ क्यों हैं बंधे?

सबसे बड़ी समस्या यह है कि ऑनलाइन बुकिंग ऐप्स पर प्रदर्शित किराए पर परिवहन विभाग का कोई सीधा नियंत्रण नहीं है। टिकट की कीमतें सीधे तौर पर बस ऑपरेटरों द्वारा निर्धारित की जाती हैं, और ऐप्स उन्हीं दरों को प्रदर्शित करते हैं। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने पर ये दरें अपने आप बढ़ जाती हैं।

भोपाल के आरटीओ जितेंद्र शर्मा ने बताया कि यदि कोई यात्री अधिक किराया वसूले जाने की शिकायत दर्ज कराना चाहता है, तो वह सीधे परिवहन विभाग से संपर्क कर सकता है ।

बस मालिक संघ का क्या कहना है?

मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन के महासचिव जय कुमार जैन ने इस पूरे मामले में अपने संगठन को अलग बताया है। उनका कहना है कि जो बसें स्टेज कैरिज (नियमित यात्री बस) के रूप में चल रही हैं, वे किसी भी प्रकार की किराये की अनियमितता में शामिल नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाली गाड़ियां अवैध रूप से स्टेज कैरिज की तरह चलाई जा रही हैं और वे ही अधिक किराया वसूल रही हैं। इन वाहनों पर कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं है ।

सीएम का आदेश नजरअंदाज

उल्लेखनीय है कि मात्र एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुलिस अधीक्षकों और आईजी को निर्देश दिए थे कि वे त्योहारी भीड़ के दौरान होने वाली अवैध किराया वसूली पर सख्ती से रोक लगाएं। उन्होंने अफसरों से त्योहारों के दौरान विशेष संवेदनशीलता दिखाने और मनमानी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा था । इसके बावजूद, CM मोहन यादव का आदेश धरातल पर नजर नहीं आ रहा है और निजी ऑपरेटरों की मनमानी जारी है।

बैतूल में सामने आया ताजा मामला

बैतूल बस स्टैंड का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें भोपाल से आ रही ऑल इंडिया परमिट वाली बस पर अधिक किराया वसूलने का आरोप लगा है। स्टेज कैरिज बस संचालकों ने जब यात्रियों से किराए की जानकारी ली तो पता चला कि ₹259 के तय किराए के बदले उनसे ₹500 से ₹650 तक वसूले गए थे। एक यात्री ने बताया कि दो सीटों के लिए उससे 1000 रुपये से अधिक लिए गए ।

हड़ताल का उल्टा असर

गौरतलब है कि 2 मार्च को प्रस्तावित बस हड़ताल की घोषणा के बाद स्थानीय रूटों पर बसें खाली चल रही हैं, क्योंकि यात्रियों ने असमंजस में अपनी यात्राएं टाल दी हैं। लेकिन दूसरे राज्यों में जाने वाली बसों के लिए यात्रियों से दोगुना किराया वसूला जा रहा है, जिससे यात्रियों पर दोहरी मार पड़ रही है ।

यात्रियों के लिए सुझाव: यदि आप अधिक किराया वसूले जाने के शिकार होते हैं, तो तुरंत इसका स्क्रीनशॉट और भुगतान रसीद सुरक्षित रखें और संबंधित आरटीओ कार्यालय या परिवहन विभाग के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

 

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