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बिलासपुर सुसाइड केस: शादी से इनकार पर प्रेमी के घर फांसी, आरोपी गिरफ्तार
Digital Desk
बिलासपुर सुसाइड केस में शादी से इनकार के बाद युवती ने प्रेमी के घर फांसी लगाई, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार।
बिलासपुर सुसाइड केस: प्रेमी के घर मिली युवती की लाश, मचा हड़कंप
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सामने आया बिलासपुर सुसाइड केस पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। शादी से इनकार किए जाने के बाद एक युवती ने अपने प्रेमी के घर में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना मस्तूरी थाना क्षेत्र के मल्हार चौकी इलाके की है।
पुलिस ने मामले में आरोपी प्रेमी राजू लहरिया (33), निवासी ग्राम धनगवा, को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, मल्हार क्षेत्र की रहने वाली युवती का राजू लहरिया के साथ प्रेम संबंध था। दोनों लंबे समय से एक-दूसरे से मिलते थे। युवती लगातार शादी का दबाव बना रही थी, लेकिन आरोपी टालमटोल करता रहा।
24 फरवरी को युवती राजू के घर पहुंची और वहीं रहने लगी। इस दौरान दोनों के बीच शारीरिक संबंध भी बने। जब युवती ने दोबारा शादी की बात की तो आरोपी ने साफ इनकार कर दिया।
बताया जा रहा है कि इसके बाद राजू घर छोड़कर चला गया और फोन उठाना भी बंद कर दिया। इससे युवती मानसिक तनाव में आ गई।
रोशनदान से लटकी मिली युवती
26 फरवरी की रात युवती ने आरोपी के माता-पिता के साथ भोजन किया और अपने कमरे में सोने चली गई। अगली सुबह जब दरवाजा नहीं खुला तो परिवार ने खिड़की से झांककर देखा।
युवती कमरे के रोशनदान के एंगल में दुपट्टा बांधकर फंदे से लटकी मिली। सूचना मिलते ही बिलासपुर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।
परिजनों ने की हत्या का केस दर्ज करने की मांग
घटना के बाद युवती के परिजन चौकी पहुंचे और हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ पहुंचे परिजनों ने सख्त कार्रवाई की मांग की।
हालांकि शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और दुष्कर्म की धाराओं में मामला दर्ज किया।
आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की और उसे बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र से 1 मार्च को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है।
अधिकारियों का कहना है कि कॉल डिटेल्स और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। यह मामला अब छत्तीसगढ़ क्राइम न्यूज में प्रमुखता से चर्चा में है।
क्यों अहम है यह मामला?
यह बिलासपुर सुसाइड केस कई गंभीर सवाल खड़े करता है:
क्या शादी के झूठे वादे पर बनाए गए संबंध अपराध की श्रेणी में आते हैं?
रिश्तों में भावनात्मक दबाव कितना खतरनाक हो सकता है?
युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता कितनी जरूरी है?
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि शादी का झांसा देकर संबंध बनाए गए हों, तो भारतीय कानून में इसे गंभीर अपराध माना जा सकता है। वहीं मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, भावनात्मक टूटन और सामाजिक दबाव कई बार युवाओं को चरम कदम उठाने पर मजबूर कर देता है।
बिलासपुर सुसाइड केस केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि समाज के सामने रिश्तों की जिम्मेदारी और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक बड़ा सवाल भी है।
जरूरत है कि युवाओं को कानूनी अधिकारों, भावनात्मक सुरक्षा और मानसिक सहयोग के बारे में जागरूक किया जाए। यदि कोई भी व्यक्ति मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो समय रहते परिवार, मित्र या विशेषज्ञ की मदद लेना बेहद जरूरी है।

