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अप्रैल-मई में मध्यप्रदेश में पड़ेगी भीषण गर्मी, भोपाल-इंदौर-ग्वालियर में मार्च में बारिश की संभावना
Digital Desk
मध्यप्रदेश में अप्रैल-मई में भीषण गर्मी और हीटवेव की संभावना, मार्च में भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में हल्की बारिश का पूर्वानुमान।
मार्च से ही बढ़ने लगी गर्मी
मध्यप्रदेश में इस साल गर्मी का असर जल्दी दिखने लगा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अप्रैल और मई में भीषण हीटवेव की स्थिति बनेगी। मार्च में फिलहाल हीटवेव अलर्ट नहीं है, लेकिन कई शहरों में तापमान 40°C तक पहुंच सकता है।
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, मार्च में गर्मी सामान्य रहेगी लेकिन भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, विदिशा, सागर, सीधी और सिंगरौली में तापमान ऊँचा रहेगा।
बारिश का पूर्वानुमान
गर्मी के बीच राहत की खबर यह है कि भोपाल, इंदौर और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में हल्की बारिश की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवातीय गतिविधियों के कारण 4 और 6 मार्च को वर्षा हो सकती है।
इससे दिन और रात के तापमान में 2–4 डिग्री की बढ़ोतरी भी दर्ज की जाएगी।
मार्च का मौसम: तीनों ऋतुओं का असर
मार्च में मध्यप्रदेश का मौसम अक्सर गर्मी, ठंड और बारिश तीनों का मिश्रण दिखाता है।
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भोपाल: दिन का तापमान 41°C तक पहुंचा, जबकि रातें कभी 6°C तक ठंडी रही हैं।
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इंदौर: 1892 में मार्च में 41.1°C दर्ज हुआ, वहीं रात का न्यूनतम तापमान 5°C तक गया।
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ग्वालियर: 2022 में 41.8°C दिन का तापमान, जबकि 1972 में रात का न्यूनतम 5.4°C रहा।
इस साल भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिलेगी।
अप्रैल-मई: सबसे ज्यादा गर्मी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अप्रैल और मई सबसे गर्म महीने होंगे, जब तापमान कई जिलों में 45°C से ऊपर जा सकता है। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में भीषण गर्मी रहेगी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम भी इससे अछूते नहीं रहेंगे।
इस बार हीटवेव का असर 15–20 दिनों तक रह सकता है, जबकि सामान्यतः यह 1–2 दिन ही रहता है।
फरवरी का असर
फरवरी में चार बार ओलावृष्टि और बारिश हुई, जिससे फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे भी कराया। यह मौसम का असामान्य बदलाव जलवायु परिवर्तन की ओर इशारा करता है।
क्यों है यह खबर अहम
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किसानों के लिए: सिंचाई और फसल सुरक्षा की योजना बनाना जरूरी।
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नागरिकों के लिए: हीटवेव से बचाव और स्वास्थ्य पर ध्यान देना आवश्यक।
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प्रशासन के लिए: पानी और बिजली की मांग को संभालने की चुनौती।
मध्यप्रदेश इस साल एक अस्थिर गर्मी के मौसम का सामना करेगा। मार्च में गर्मी और बारिश का मिश्रण रहेगा, जबकि अप्रैल-मई में तापमान रिकॉर्ड तोड़ सकता है। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर के लोग दिन में तपती धूप और अचानक होने वाली बारिश दोनों के लिए तैयार रहें।

