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Astrology Tips: सोने की अंगूठी पहनने का सही तरीका क्या है? राशि, उंगली और शुभ दिन जानिए
Dharm, Desk
भारतीय ज्योतिष में सोने को केवल आभूषण नहीं, बल्कि ग्रहों की ऊर्जा को संतुलित करने वाली धातु माना गया है। मान्यता है कि जब सोने की अंगूठी सही उंगली, उचित दिन और विधि से पहनी जाती है, तो यह व्यक्ति के जीवन में धन, सम्मान और मानसिक स्थिरता बढ़ाने में सहायक होती है। वहीं गलत नियमों के साथ धारण करने पर इसके विपरीत प्रभाव भी बताए गए हैं।
सोना किस उंगली में पहनना शुभ माना जाता है?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अनामिका उंगली सूर्य तत्व का प्रतिनिधित्व करती है, इसलिए इसी उंगली में सोने की अंगूठी पहनना सबसे उपयुक्त माना गया है। इससे प्रतिष्ठा, आत्मविश्वास और कार्यक्षमता में वृद्धि होती है।
कुछ परंपराओं में विशेष स्थिति में कनिष्ठा (छोटी उंगली) में भी सोना धारण करने की बात कही गई है।
मध्यमा उंगली शनि से जुड़ी होती है, इसलिए इसमें सोना पहनने से आर्थिक रुकावट, तनाव और परिश्रम बढ़ने की मान्यता है।
अंगूठा चंद्रमा का संकेतक है, इस कारण वहां सोने की अंगूठी पहनना शुभ नहीं माना जाता।
सोना पहनने के लिए कौन से दिन अनुकूल हैं?
धार्मिक-ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ये दिन सोना धारण करने के लिए अच्छे माने जाते हैं:
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गुरुवार – बृहस्पति का दिन, सबसे उत्तम
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रविवार – सूर्य से जुड़ा, मान-सम्मान बढ़ाने वाला
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बुधवार व शुक्रवार – सौम्य ग्रहों के कारण सामान्यतः अनुकूल
सोने की अंगूठी पहनने की परंपरागत विधि
सोने की अंगूठी धारण करने से पहले उसका शुद्धिकरण आवश्यक माना जाता है।
✔ अंगूठी को गंगाजल या स्वच्छ जल में रखें
✔ फिर दूध और शहद से शुद्ध करें
✔ भगवान विष्णु या सूर्यदेव के सामने रखकर प्रार्थना करें
✔ “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का 11 बार जाप करें
✔ इसके बाद अनामिका उंगली में अंगूठी धारण करें
किन राशियों के लिए सोना अनुकूल माना जाता है?
ज्योतिष ग्रंथों के अनुसार सामान्यतः इन राशियों को सोने से शुभ फल मिलते हैं:
मेष, कर्क, सिंह, धनु, मीन
जबकि इन राशियों को बिना कुंडली देखे सोना नहीं पहनना चाहिए:
वृषभ, मिथुन, मकर, कुंभ
विशेषज्ञों के अनुसार अंतिम निर्णय हमेशा व्यक्तिगत कुंडली देखकर ही करना चाहिए।
सोना और ग्रहों का संबंध
सोना मुख्य रूप से बृहस्पति ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है, जो ज्ञान, धर्म, संतान और धन का कारक माना जाता है। कुछ मान्यताओं में सोना सूर्य को भी बल देता है, जिससे आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता मजबूत होती है।
धार्मिक दृष्टि से सोने का महत्व
धार्मिक परंपराओं में सोने को महालक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। विश्वास है कि सोना धारण करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और शांति बनी रहती है।
डिस्क्लेमर:
यह लेख ज्योतिषीय मान्यताओं और धार्मिक परंपराओं पर आधारित है। किसी भी धातु या रत्न को धारण करने से पहले योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श लेना उचित माना जाता है।
