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सावन के पहले सोमवार को जरूर करें ये विशेष उपाय: भगवान शिव की कृपा से दूर होंगी परेशानियां और चमकेगा भाग्य
धर्म डेस्क
श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर जलाभिषेक, शिवामूठ, और महामृत्युंजय मंत्र जाप से प्राप्त करें अखंड सौभाग्य, सुख-समृद्धि और मानसिक शांति।
सनातन धर्म में श्रावण मास (सावन) का अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण स्थान है। यह पूरा महीना देवों के देव महादेव और माता पार्वती की आराधना के लिए समर्पित होता है। सावन मास में पड़ने वाले सभी सोमवारों का विशेष महात्म्य माना गया है, परंतु सावन का पहला सोमवार अत्यंत मंगलकारी और ऊर्जावान होता है। शास्त्रों के अनुसार, सावन के सोमवार पर किए गए व्रत, जलाभिषेक और ज्योतिषीय उपाय वर्षभर किए जाने वाले अन्य सोमवार व्रतों की तुलना में कई गुना अधिक फलदायी होते हैं। यदि आप जीवन में लंबे समय से आर्थिक तंगी, नौकरी-करियर में बाधा, विवाह में देरी या स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं, तो सावन के पहले सोमवार पर कुछ सरल और अचूक उपाय (उपचार) करके भगवान आशुतोष को शीघ्र प्रसन्न कर सकते हैं।
सावन के पहले सोमवार को किए जाने वाले मुख्य उपाय
1. शिवामूठ उपाय (अक्षत और कच्चे चावल का दान)
सावन के प्रत्येक सोमवार को 'शिवामूठ' का विशेष उपाय किया जाता है। सावन के पहले सोमवार के दिन पूजा के दौरान एक मुट्ठी साबुत कच्चे चावल (अक्षत) शिवलिंग पर अर्पित करने का विधान है।
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लाभ: धार्मिक मान्यता है कि बिना टूटे हुए चावल शिवलिंग पर अर्पित करने से धन-धान्य की वृद्धि होती है और घर में आ रही आर्थिक बाधाएं स्वतः समाप्त हो जाती हैं।
2. बेलपत्र पर 'ॐ नमः शिवाय' का महाउपाय
भगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय है। सावन के पहले सोमवार को 11 या 21 निर्दोष (बिना कटे-फटे) बेलपत्र लें।
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विधि: बेलपत्र की तीनों पत्तियों को जल से धोने के बाद, उसके चिकने भाग पर पीले या सफेद चंदन से "ॐ नमः शिवाय" लिखें। इसके बाद अपनी मनोकामना का स्मरण करते हुए एक-एक बेलपत्र शिवलिंग पर उल्टी दिशा (चिकना भाग शिवलिंग को स्पर्श करे) में अर्पित करें।
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लाभ: यह उपाय वर्षों से अटकी हुई मनोकामनाओं को शीघ्र पूरा करने में सहायक माना जाता है।
3. गाय के कच्चे दूध और गंगाजल से अभिषेक
सावन सोमवार के दिन प्रातः स्नान के पश्चात तांबे के लोटे में शुद्ध जल और गंगाजल मिलाकर शिवलिंग पर जल धारा अर्पित करें। इसके बाद चाँदी या पीतल के पात्र से गाय का कच्चा दूध अर्पित करें।
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लाभ: यदि आपकी कुंडली में चंद्रमा कमजोर है या मन में तनाव व अशांति बनी रहती है, तो कच्चे दूध से अभिषेक करने पर मानसिक शक्ति और शांति प्राप्त होती है।
4. शमीपत्र और धतूरा अर्पण (रोग व ग्रह दोष शांति)
यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य लंबे समय से किसी बीमारी से पीड़ित है या शनि/राहु की महादशा से परेशान है, तो सावन के प्रथम सोमवार पर जल अर्पित करने के बाद शमी के पत्ते, धतूरा और आक के सफेद फूल भगवान शिव को अवश्य चढ़ाएं।
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लाभ: इससे गंभीर रोगों से राहत मिलती है और जीवन से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है।
पूजा की सही विधि और नियम
सावन के पहले सोमवार पर सर्वोत्तम फल प्राप्ति के लिए शास्त्रों में दी गई पूजा विधि का पालन करना आवश्यक है:
| समय/चरण | पूजा विधि व नियम |
| प्रातःकाल (स्नान) | सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और स्वच्छ सात्विक (सफेद या हल्के रंग के) वस्त्र धारण करें। |
| संकल्प | हाथ में जल और अक्षत लेकर भगवान शिव के समक्ष व्रत व पूजन का संकल्प लें। |
| जलाभिषेक | सर्वप्रथम गंगाजल व जल चढ़ाएं, फिर पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) से अभिषेक करें। |
| श्रृंगार व भोग | चंदन, भस्म, बेलपत्र, धतूरा और ऋतु फल चढ़ाकर शिव-पार्वती को सात्विक भोग लगाएं। |
| मंत्र जाप | "ॐ नमः शिवाय" या महामृत्युंजय मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। |
विशेष सिद्ध मंत्र जिनका करें जाप
सावन के पहले सोमवार को पूजा करते समय या पूरे दिन मन ही मन निम्नलिखित मंत्रों का स्मरण करने से अद्भुत आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है:
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पंचाक्षरी मंत्र: "ॐ नमः शिवाय" (सर्वश्रेष्ठ और सरल मंत्र)
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महामृत्युंजय मंत्र:
"ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥"
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रुद्र गायत्री मंत्र:
"ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥"
सावन सोमवार पर क्या न करें (सावधानियां)
महत्वपूर्ण चेतावनी: सावन सोमवार का व्रत व पूजा करते समय कुछ गलतियों से बचना चाहिए।
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शिवलिंग पर कभी भी तुलसी के पत्ते, हल्दी, केतकी के फूल या सिंदूर न चढ़ाएं।
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पूजा में तांबे के बर्तन से दूध न चढ़ाएं (तांबे के पात्र में केवल जल अर्पित करें, दूध के लिए पीतल या चाँदी का पात्र प्रयोग करें)।
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पूरे सावन मास में और विशेषकर सोमवार के दिन लहसुन, प्याज, मांस, मदिरा जैसे तामसिक भोजन का पूर्ण त्याग करें।
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किसी के प्रति मन में द्वेष, क्रोध या असत्य भाषण से बचें।
श्रावण सोमवार पर श्रद्धा, भक्ति और पवित्र मन से की गई भगवान भोलेनाथ की पूजा से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और घर में सुख, शांति तथा समृद्धि का वास होता है।
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सावन के पहले सोमवार को जरूर करें ये विशेष उपाय: भगवान शिव की कृपा से दूर होंगी परेशानियां और चमकेगा भाग्य
धर्म डेस्क
सनातन धर्म में श्रावण मास (सावन) का अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण स्थान है। यह पूरा महीना देवों के देव महादेव और माता पार्वती की आराधना के लिए समर्पित होता है। सावन मास में पड़ने वाले सभी सोमवारों का विशेष महात्म्य माना गया है, परंतु सावन का पहला सोमवार अत्यंत मंगलकारी और ऊर्जावान होता है। शास्त्रों के अनुसार, सावन के सोमवार पर किए गए व्रत, जलाभिषेक और ज्योतिषीय उपाय वर्षभर किए जाने वाले अन्य सोमवार व्रतों की तुलना में कई गुना अधिक फलदायी होते हैं। यदि आप जीवन में लंबे समय से आर्थिक तंगी, नौकरी-करियर में बाधा, विवाह में देरी या स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं, तो सावन के पहले सोमवार पर कुछ सरल और अचूक उपाय (उपचार) करके भगवान आशुतोष को शीघ्र प्रसन्न कर सकते हैं।
सावन के पहले सोमवार को किए जाने वाले मुख्य उपाय
1. शिवामूठ उपाय (अक्षत और कच्चे चावल का दान)
सावन के प्रत्येक सोमवार को 'शिवामूठ' का विशेष उपाय किया जाता है। सावन के पहले सोमवार के दिन पूजा के दौरान एक मुट्ठी साबुत कच्चे चावल (अक्षत) शिवलिंग पर अर्पित करने का विधान है।
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लाभ: धार्मिक मान्यता है कि बिना टूटे हुए चावल शिवलिंग पर अर्पित करने से धन-धान्य की वृद्धि होती है और घर में आ रही आर्थिक बाधाएं स्वतः समाप्त हो जाती हैं।
2. बेलपत्र पर 'ॐ नमः शिवाय' का महाउपाय
भगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय है। सावन के पहले सोमवार को 11 या 21 निर्दोष (बिना कटे-फटे) बेलपत्र लें।
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विधि: बेलपत्र की तीनों पत्तियों को जल से धोने के बाद, उसके चिकने भाग पर पीले या सफेद चंदन से "ॐ नमः शिवाय" लिखें। इसके बाद अपनी मनोकामना का स्मरण करते हुए एक-एक बेलपत्र शिवलिंग पर उल्टी दिशा (चिकना भाग शिवलिंग को स्पर्श करे) में अर्पित करें।
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लाभ: यह उपाय वर्षों से अटकी हुई मनोकामनाओं को शीघ्र पूरा करने में सहायक माना जाता है।
3. गाय के कच्चे दूध और गंगाजल से अभिषेक
सावन सोमवार के दिन प्रातः स्नान के पश्चात तांबे के लोटे में शुद्ध जल और गंगाजल मिलाकर शिवलिंग पर जल धारा अर्पित करें। इसके बाद चाँदी या पीतल के पात्र से गाय का कच्चा दूध अर्पित करें।
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लाभ: यदि आपकी कुंडली में चंद्रमा कमजोर है या मन में तनाव व अशांति बनी रहती है, तो कच्चे दूध से अभिषेक करने पर मानसिक शक्ति और शांति प्राप्त होती है।
4. शमीपत्र और धतूरा अर्पण (रोग व ग्रह दोष शांति)
यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य लंबे समय से किसी बीमारी से पीड़ित है या शनि/राहु की महादशा से परेशान है, तो सावन के प्रथम सोमवार पर जल अर्पित करने के बाद शमी के पत्ते, धतूरा और आक के सफेद फूल भगवान शिव को अवश्य चढ़ाएं।
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लाभ: इससे गंभीर रोगों से राहत मिलती है और जीवन से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है।
पूजा की सही विधि और नियम
सावन के पहले सोमवार पर सर्वोत्तम फल प्राप्ति के लिए शास्त्रों में दी गई पूजा विधि का पालन करना आवश्यक है:
| समय/चरण | पूजा विधि व नियम |
| प्रातःकाल (स्नान) | सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और स्वच्छ सात्विक (सफेद या हल्के रंग के) वस्त्र धारण करें। |
| संकल्प | हाथ में जल और अक्षत लेकर भगवान शिव के समक्ष व्रत व पूजन का संकल्प लें। |
| जलाभिषेक | सर्वप्रथम गंगाजल व जल चढ़ाएं, फिर पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) से अभिषेक करें। |
| श्रृंगार व भोग | चंदन, भस्म, बेलपत्र, धतूरा और ऋतु फल चढ़ाकर शिव-पार्वती को सात्विक भोग लगाएं। |
| मंत्र जाप | "ॐ नमः शिवाय" या महामृत्युंजय मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। |
विशेष सिद्ध मंत्र जिनका करें जाप
सावन के पहले सोमवार को पूजा करते समय या पूरे दिन मन ही मन निम्नलिखित मंत्रों का स्मरण करने से अद्भुत आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है:
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पंचाक्षरी मंत्र: "ॐ नमः शिवाय" (सर्वश्रेष्ठ और सरल मंत्र)
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महामृत्युंजय मंत्र:
"ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥"
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रुद्र गायत्री मंत्र:
"ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥"
सावन सोमवार पर क्या न करें (सावधानियां)
महत्वपूर्ण चेतावनी: सावन सोमवार का व्रत व पूजा करते समय कुछ गलतियों से बचना चाहिए।
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शिवलिंग पर कभी भी तुलसी के पत्ते, हल्दी, केतकी के फूल या सिंदूर न चढ़ाएं।
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पूजा में तांबे के बर्तन से दूध न चढ़ाएं (तांबे के पात्र में केवल जल अर्पित करें, दूध के लिए पीतल या चाँदी का पात्र प्रयोग करें)।
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पूरे सावन मास में और विशेषकर सोमवार के दिन लहसुन, प्याज, मांस, मदिरा जैसे तामसिक भोजन का पूर्ण त्याग करें।
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किसी के प्रति मन में द्वेष, क्रोध या असत्य भाषण से बचें।
श्रावण सोमवार पर श्रद्धा, भक्ति और पवित्र मन से की गई भगवान भोलेनाथ की पूजा से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और घर में सुख, शांति तथा समृद्धि का वास होता है।
