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घर में एक्वेरियम रखने से पहले जान लें वास्तु नियम, वरना हो सकता है नुकसान
धर्म डेस्क
Aquarium Vastu के अनुसार घर में एक्वेरियम रखने की सही दिशा, मछलियों की संख्या और वास्तु नियम जानिए, जो सुख-समृद्धि से जुड़े माने जाते हैं।
एक्वेरियम वास्तु (Aquarium Vastu) को लेकर लोगों में दिलचस्पी लगातार बढ़ी है, क्योंकि अब घरों में एक्वेरियम सिर्फ सजावट का हिस्सा नहीं रह गया, इसे वास्तु से जोड़कर भी देखा जाने लगा है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर में रखा मछली का एक्वेरियम पानी तत्व का प्रतिनिधित्व करता है और पानी को धन, प्रवाह और शांति का कारक माना गया है। यही वजह है कि सही दिशा में रखा गया एक्वेरियम घर के माहौल पर अच्छा असर डालता है। माना जाता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और घर में हलचल के बीच भी एक संतुलन बना रहता है। कई लोग इसे सिर्फ सुंदरता के लिए रखते हैं, लेकिन वास्तु जानकारों का कहना है कि इसकी दिशा और देखभाल दोनों का असर घर की ऊर्जा पर पड़ता है।
वास्तु शास्त्र में एक्वेरियम रखने के लिए उत्तर और पूर्व दिशा सबसे उपयुक्त मानी गई है। उत्तर दिशा को धन और करियर से जोड़कर देखा जाता है, जबकि पूर्व दिशा को नई ऊर्जा और मानसिक शांति की दिशा माना जाता है। ऐसे में वास्तु के अनुसार अगर एक्वेरियम इन दिशाओं में रखा जाए तो घर में सकारात्मकता का प्रवाह बेहतर बना रहता है। वहीं दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम या रसोई के आसपास इसे रखने से बचने की सलाह दी जाती है। ऐसा कहा जाता है कि गलत दिशा में रखा गया एक्वेरियम आर्थिक रुकावट और मानसिक बेचैनी बढ़ा सकता है। बेडरूम में भी इसे रखने से मना किया जाता है, क्योंकि पानी का लगातार सक्रिय तत्व वहां की शांति को प्रभावित कर सकता है। ड्राइंग रूम या लिविंग एरिया इसके लिए बेहतर जगह मानी जाती है, जहां इसका असर भी संतुलित रहता है और देखने में भी अच्छा लगता है।
मछलियों की संख्या को लेकर भी वास्तु में खास बात कही गई है। आमतौर पर 9 मछलियां रखना शुभ माना जाता है। इसमें 8 रंगीन और 1 काली मछली रखने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि काली मछली नकारात्मक प्रभाव को अपने ऊपर ले लेती है, जबकि बाकी मछलियां घर में सौभाग्य और ऊर्जा का संतुलन बनाए रखती हैं। हालांकि इसके साथ देखभाल सबसे जरूरी मानी जाती है। अगर एक्वेरियम का पानी गंदा हो, मछलियां बीमार हों या टैंक की सफाई न हो तो इसका असर उल्टा भी माना जाता है। मान्यताओं के मुताबिक साफ पानी, सक्रिय मछलियां और नियमित देखभाल ही एक्वेरियम के शुभ प्रभाव को बनाए रखती है। ऐसे में अगर घर में एक्वेरियम रखना है तो सिर्फ सजावट के तौर पर नहीं, बल्कि उसकी दिशा, मछलियों की संख्या और साफ-सफाई तीनों बातों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है।
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घर में एक्वेरियम रखने से पहले जान लें वास्तु नियम, वरना हो सकता है नुकसान
धर्म डेस्क
एक्वेरियम वास्तु (Aquarium Vastu) को लेकर लोगों में दिलचस्पी लगातार बढ़ी है, क्योंकि अब घरों में एक्वेरियम सिर्फ सजावट का हिस्सा नहीं रह गया, इसे वास्तु से जोड़कर भी देखा जाने लगा है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर में रखा मछली का एक्वेरियम पानी तत्व का प्रतिनिधित्व करता है और पानी को धन, प्रवाह और शांति का कारक माना गया है। यही वजह है कि सही दिशा में रखा गया एक्वेरियम घर के माहौल पर अच्छा असर डालता है। माना जाता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और घर में हलचल के बीच भी एक संतुलन बना रहता है। कई लोग इसे सिर्फ सुंदरता के लिए रखते हैं, लेकिन वास्तु जानकारों का कहना है कि इसकी दिशा और देखभाल दोनों का असर घर की ऊर्जा पर पड़ता है।
वास्तु शास्त्र में एक्वेरियम रखने के लिए उत्तर और पूर्व दिशा सबसे उपयुक्त मानी गई है। उत्तर दिशा को धन और करियर से जोड़कर देखा जाता है, जबकि पूर्व दिशा को नई ऊर्जा और मानसिक शांति की दिशा माना जाता है। ऐसे में वास्तु के अनुसार अगर एक्वेरियम इन दिशाओं में रखा जाए तो घर में सकारात्मकता का प्रवाह बेहतर बना रहता है। वहीं दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम या रसोई के आसपास इसे रखने से बचने की सलाह दी जाती है। ऐसा कहा जाता है कि गलत दिशा में रखा गया एक्वेरियम आर्थिक रुकावट और मानसिक बेचैनी बढ़ा सकता है। बेडरूम में भी इसे रखने से मना किया जाता है, क्योंकि पानी का लगातार सक्रिय तत्व वहां की शांति को प्रभावित कर सकता है। ड्राइंग रूम या लिविंग एरिया इसके लिए बेहतर जगह मानी जाती है, जहां इसका असर भी संतुलित रहता है और देखने में भी अच्छा लगता है।
मछलियों की संख्या को लेकर भी वास्तु में खास बात कही गई है। आमतौर पर 9 मछलियां रखना शुभ माना जाता है। इसमें 8 रंगीन और 1 काली मछली रखने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि काली मछली नकारात्मक प्रभाव को अपने ऊपर ले लेती है, जबकि बाकी मछलियां घर में सौभाग्य और ऊर्जा का संतुलन बनाए रखती हैं। हालांकि इसके साथ देखभाल सबसे जरूरी मानी जाती है। अगर एक्वेरियम का पानी गंदा हो, मछलियां बीमार हों या टैंक की सफाई न हो तो इसका असर उल्टा भी माना जाता है। मान्यताओं के मुताबिक साफ पानी, सक्रिय मछलियां और नियमित देखभाल ही एक्वेरियम के शुभ प्रभाव को बनाए रखती है। ऐसे में अगर घर में एक्वेरियम रखना है तो सिर्फ सजावट के तौर पर नहीं, बल्कि उसकी दिशा, मछलियों की संख्या और साफ-सफाई तीनों बातों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है।
