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रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं AGM 19 जून को, ₹6 डिविडेंड पर लग सकती है मुहर
Digital Desk
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी सालाना बैठक, रिकॉर्ड डेट 5 जून तय; निवेशकों की नजरें जियो, रिटेल और भविष्य की योजनाओं पर टिकीं
देश की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने अपनी 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) की तारीख का ऐलान कर दिया है। कंपनी की यह महत्वपूर्ण बैठक 19 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। रिलायंस ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में बताया कि AGM दोपहर 2 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यमों के जरिए आयोजित होगी। इस बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए घोषित ₹6 प्रति शेयर के डिविडेंड को मंजूरी मिलने की संभावना है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की AGM हमेशा निवेशकों, बाजार विशेषज्ञों और उद्योग जगत के लिए बेहद अहम मानी जाती है। इसकी वजह यह है कि कंपनी केवल पेट्रोकेमिकल्स और एनर्जी सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि टेलीकॉम, डिजिटल सर्विसेज, रिटेल और ग्रीन एनर्जी जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में भी मजबूत उपस्थिति रखती है। ऐसे में AGM के दौरान कंपनी की भविष्य की रणनीति, निवेश योजनाओं और नए बिजनेस विस्तार पर निवेशकों की खास नजर रहती है।
कंपनी ने डिविडेंड के लिए 5 जून 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। इसका मतलब है कि इस तारीख तक जिन निवेशकों के पास रिलायंस के शेयर होंगे, वही डिविडेंड पाने के पात्र माने जाएंगे। इसके अलावा कंपनी ने AGM में रखे जाने वाले प्रस्तावों पर वोटिंग के लिए 12 जून 2026 को कट-ऑफ डेट घोषित किया है। इस तारीख तक जिन शेयरधारकों के नाम कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, वे ही ई-वोटिंग के जरिए अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की AGM इस बार इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कंपनी पिछले कुछ समय से कई बड़े सेक्टर्स में विस्तार कर रही है। जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस रिटेल और न्यू एनर्जी बिजनेस को लेकर कंपनी लगातार नए निवेश कर रही है। बाजार को उम्मीद है कि AGM के दौरान कंपनी भविष्य की डिजिटल और ग्रीन एनर्जी योजनाओं पर कुछ बड़े ऐलान कर सकती है।
हालांकि कंपनी ने अभी AGM के विस्तृत एजेंडे की जानकारी सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि बैठक में वित्तीय प्रदर्शन, आगामी निवेश, बिजनेस विस्तार और शेयरधारकों के हित से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा होगी। रिलायंस की AGM में कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी का संबोधन भी निवेशकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि वे अक्सर कंपनी के भविष्य की दिशा और बड़े विजन को लेकर संकेत देते हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का कारोबार कई अहम क्षेत्रों में फैला हुआ है। कंपनी तेल और गैस, पेट्रोकेमिकल्स, रिटेल, टेलीकॉम और डिजिटल सेवाओं में मजबूत पकड़ रखती है। जियो के जरिए कंपनी भारत के डिजिटल बाजार में अग्रणी बनी हुई है, जबकि रिलायंस रिटेल देश के सबसे बड़े रिटेल नेटवर्क में शामिल हो चुका है। इसके अलावा कंपनी ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर एनर्जी और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से निवेश बढ़ा रही है।
हालांकि हालिया वित्तीय नतीजों में कंपनी के मुनाफे पर दबाव देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 13 प्रतिशत घटकर ₹16,971 करोड़ रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹19,407 करोड़ था। इसके बावजूद कंपनी की कुल आय में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 13 प्रतिशत बढ़कर लगभग ₹2.98 लाख करोड़ पहुंच गया।
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मार्जिन पर दबाव का असर कंपनी के मुनाफे पर पड़ा है। हालांकि रिलायंस के डिजिटल और रिटेल कारोबार ने कंपनी की आय को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है। यही वजह है कि बाजार में रिलायंस के शेयर को लेकर निवेशकों का भरोसा अब भी कायम है।
बुधवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर ₹4 की गिरावट के साथ ₹1352 पर बंद हुआ। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि AGM से पहले निवेशकों की निगाह कंपनी के डिविडेंड, भविष्य की योजनाओं और संभावित नए ऐलानों पर बनी रहेगी। यदि कंपनी डिजिटल, AI, रिटेल या ग्रीन एनर्जी सेक्टर में नए निवेश की घोषणा करती है, तो इसका असर शेयर बाजार में भी देखने को मिल सकता है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की AGM केवल एक औपचारिक बैठक नहीं मानी जाती, बल्कि यह देश के कॉर्पोरेट सेक्टर के लिए दिशा तय करने वाले बड़े मंच के रूप में देखी जाती है। हर साल लाखों निवेशक और इस बैठक पर नजर रखते हैं। इस बार भी उम्मीद की जा रही है कि कंपनी आने वाले वर्षों के लिए अपनी रणनीतिक योजनाओं की झलक पेश करेगी। निवेशकों के लिए यह AGM इसलिए भी महत्वपूर्ण होगी क्योंकि कंपनी लगातार नए क्षेत्रों में विस्तार कर रही है और भारतीय अर्थव्यवस्था के कई प्रमुख सेक्टर्स में उसकी मजबूत भूमिका बनी हुई है। ऐसे में 19 जून की यह बैठक शेयर बाजार और निवेशकों के लिए कई अहम संकेत लेकर आ सकती है।
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रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं AGM 19 जून को, ₹6 डिविडेंड पर लग सकती है मुहर
Digital Desk
देश की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने अपनी 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) की तारीख का ऐलान कर दिया है। कंपनी की यह महत्वपूर्ण बैठक 19 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। रिलायंस ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में बताया कि AGM दोपहर 2 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यमों के जरिए आयोजित होगी। इस बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए घोषित ₹6 प्रति शेयर के डिविडेंड को मंजूरी मिलने की संभावना है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की AGM हमेशा निवेशकों, बाजार विशेषज्ञों और उद्योग जगत के लिए बेहद अहम मानी जाती है। इसकी वजह यह है कि कंपनी केवल पेट्रोकेमिकल्स और एनर्जी सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि टेलीकॉम, डिजिटल सर्विसेज, रिटेल और ग्रीन एनर्जी जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में भी मजबूत उपस्थिति रखती है। ऐसे में AGM के दौरान कंपनी की भविष्य की रणनीति, निवेश योजनाओं और नए बिजनेस विस्तार पर निवेशकों की खास नजर रहती है।
कंपनी ने डिविडेंड के लिए 5 जून 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। इसका मतलब है कि इस तारीख तक जिन निवेशकों के पास रिलायंस के शेयर होंगे, वही डिविडेंड पाने के पात्र माने जाएंगे। इसके अलावा कंपनी ने AGM में रखे जाने वाले प्रस्तावों पर वोटिंग के लिए 12 जून 2026 को कट-ऑफ डेट घोषित किया है। इस तारीख तक जिन शेयरधारकों के नाम कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, वे ही ई-वोटिंग के जरिए अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की AGM इस बार इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कंपनी पिछले कुछ समय से कई बड़े सेक्टर्स में विस्तार कर रही है। जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस रिटेल और न्यू एनर्जी बिजनेस को लेकर कंपनी लगातार नए निवेश कर रही है। बाजार को उम्मीद है कि AGM के दौरान कंपनी भविष्य की डिजिटल और ग्रीन एनर्जी योजनाओं पर कुछ बड़े ऐलान कर सकती है।
हालांकि कंपनी ने अभी AGM के विस्तृत एजेंडे की जानकारी सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि बैठक में वित्तीय प्रदर्शन, आगामी निवेश, बिजनेस विस्तार और शेयरधारकों के हित से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा होगी। रिलायंस की AGM में कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी का संबोधन भी निवेशकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि वे अक्सर कंपनी के भविष्य की दिशा और बड़े विजन को लेकर संकेत देते हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का कारोबार कई अहम क्षेत्रों में फैला हुआ है। कंपनी तेल और गैस, पेट्रोकेमिकल्स, रिटेल, टेलीकॉम और डिजिटल सेवाओं में मजबूत पकड़ रखती है। जियो के जरिए कंपनी भारत के डिजिटल बाजार में अग्रणी बनी हुई है, जबकि रिलायंस रिटेल देश के सबसे बड़े रिटेल नेटवर्क में शामिल हो चुका है। इसके अलावा कंपनी ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर एनर्जी और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से निवेश बढ़ा रही है।
हालांकि हालिया वित्तीय नतीजों में कंपनी के मुनाफे पर दबाव देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 13 प्रतिशत घटकर ₹16,971 करोड़ रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹19,407 करोड़ था। इसके बावजूद कंपनी की कुल आय में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 13 प्रतिशत बढ़कर लगभग ₹2.98 लाख करोड़ पहुंच गया।
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मार्जिन पर दबाव का असर कंपनी के मुनाफे पर पड़ा है। हालांकि रिलायंस के डिजिटल और रिटेल कारोबार ने कंपनी की आय को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है। यही वजह है कि बाजार में रिलायंस के शेयर को लेकर निवेशकों का भरोसा अब भी कायम है।
बुधवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर ₹4 की गिरावट के साथ ₹1352 पर बंद हुआ। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि AGM से पहले निवेशकों की निगाह कंपनी के डिविडेंड, भविष्य की योजनाओं और संभावित नए ऐलानों पर बनी रहेगी। यदि कंपनी डिजिटल, AI, रिटेल या ग्रीन एनर्जी सेक्टर में नए निवेश की घोषणा करती है, तो इसका असर शेयर बाजार में भी देखने को मिल सकता है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की AGM केवल एक औपचारिक बैठक नहीं मानी जाती, बल्कि यह देश के कॉर्पोरेट सेक्टर के लिए दिशा तय करने वाले बड़े मंच के रूप में देखी जाती है। हर साल लाखों निवेशक और इस बैठक पर नजर रखते हैं। इस बार भी उम्मीद की जा रही है कि कंपनी आने वाले वर्षों के लिए अपनी रणनीतिक योजनाओं की झलक पेश करेगी। निवेशकों के लिए यह AGM इसलिए भी महत्वपूर्ण होगी क्योंकि कंपनी लगातार नए क्षेत्रों में विस्तार कर रही है और भारतीय अर्थव्यवस्था के कई प्रमुख सेक्टर्स में उसकी मजबूत भूमिका बनी हुई है। ऐसे में 19 जून की यह बैठक शेयर बाजार और निवेशकों के लिए कई अहम संकेत लेकर आ सकती है।
