Mangal Gochar 2026: 23 फरवरी को मंगल का कुंभ में प्रवेश, तीन राशियों के लिए बढ़ेगा टकराव

धर्म डेस्क

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मंगल-शनि की शत्रुता से वृषभ, वृश्चिक और कुंभ राशि वालों को सतर्क रहने की सलाह

फरवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में होने वाला मंगल ग्रह का गोचर कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। वैदिक ज्योतिष के मुताबिक, 23 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजकर 33 मिनट पर मंगल ग्रह कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। कुंभ राशि शनि की मानी जाती है और मंगल व शनि के बीच शत्रुता का भाव बताया गया है। इसी कारण यह गोचर वृषभ, वृश्चिक और कुंभ राशि के जातकों के लिए सावधानी का संकेत दे रहा है।

क्या है मंगल गोचर और क्यों है अहम?
मंगल को ज्योतिष शास्त्र में साहस, ऊर्जा, पराक्रम और क्रोध का कारक ग्रह माना जाता है। वहीं, शनि कर्म, अनुशासन और धैर्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। जब मंगल शनि की राशि में प्रवेश करता है, तो स्वभाव में उग्रता और परिस्थितियों में टकराव की संभावना बढ़ जाती है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, यह गोचर व्यक्तिगत, पेशेवर और पारिवारिक जीवन में असंतुलन ला सकता है।

वृषभ राशि: कार्यक्षेत्र में बढ़ सकता है तनाव
मंगल का यह गोचर वृषभ राशि के लोगों के लिए पेशेवर मोर्चे पर दबाव बढ़ा सकता है। नौकरीपेशा जातकों को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मतभेद का सामना करना पड़ सकता है। जल्दबाजी में लिया गया कोई भी निर्णय नुकसानदायक साबित हो सकता है। इस दौरान संयम और धैर्य से काम लेने की सलाह दी जा रही है। गुस्से पर नियंत्रण न रखा गया, तो बने हुए कार्य भी बिगड़ सकते हैं।

वृश्चिक राशि: रिश्तों में बढ़ेगी खटास
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह गोचर पारिवारिक और निजी रिश्तों में तनाव ला सकता है। मानसिक बेचैनी और चिड़चिड़ापन निर्णय क्षमता को प्रभावित कर सकता है। संपत्ति, वाहन और साझेदारी से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सतर्कता जरूरी होगी। जीवनसाथी या व्यापारिक साझेदार के साथ मतभेद बढ़ने की आशंका जताई गई है। छोटी बातों को तूल देना रिश्तों में दूरी पैदा कर सकता है।

कुंभ राशि: गुस्सा और आत्मविश्वास बन सकता है बाधा
कुंभ राशि में ही मंगल का गोचर होने से इन जातकों में ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ेगा, लेकिन यही स्थिति टकराव की वजह भी बन सकती है। अत्यधिक आत्मविश्वास और जल्दबाजी नुकसान का कारण बन सकती है। बिना सोचे-समझे फैसले लेने से विवाद और नुकसान की स्थिति बन सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय शांत रहना और संवाद में संयम बरतना जरूरी है।

ज्योतिषियों का कहना है कि यह गोचर अस्थायी है, लेकिन इसके प्रभाव को कम करने के लिए सोच-समझकर निर्णय लेना, क्रोध पर नियंत्रण और जोखिम भरे कदमों से बचना आवश्यक है।

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