Shani Sade Sati 2026-27: मेष, कुंभ और मीन राशि वालों की बढ़ेंगी चुनौतियां

धर्म डेस्क

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शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव 2027 तक जारी, ज्योतिषियों ने दी सतर्क रहने की सलाह

वर्ष 2026 ही नहीं बल्कि 2027 तक भी शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव तीन राशियों—मेष, कुंभ और मीन—पर बना रहेगा। ज्योतिषियों का मानना है कि यह समय इन राशि के जातकों के लिए परीक्षा और परिपक्वता का दौर साबित हो सकता है। शनि की यह अवधि जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में दबाव, विलंब और अतिरिक्त परिश्रम की मांग करती है।

क्या है साढ़ेसाती और किन पर असर?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब शनि जन्म राशि से 12वें, उसी राशि और दूसरे भाव में गोचर करता है, तो इसे साढ़ेसाती कहा जाता है। वर्तमान में शनि की स्थिति ऐसी है कि मेष, कुंभ और मीन राशि इसके प्रभाव में हैं। यह स्थिति वर्ष 2027 तक रहने की संभावना जताई जा रही है।

मेष राशि: खर्च और तनाव बढ़ा सकते हैं मुश्किलें
मेष राशि वालों के लिए यह समय धैर्य की परीक्षा लेने वाला है। कार्यक्षेत्र में निर्णय लेने से पहले अनुभवियों की सलाह जरूरी मानी जा रही है। अनियोजित खर्च और जल्दबाजी आर्थिक असंतुलन पैदा कर सकती है। पारिवारिक और व्यक्तिगत रिश्तों में भी खटास देखने को मिल सकती है। ज्योतिषियों की सलाह है कि शॉर्टकट से बचें और नियमित मेहनत पर भरोसा रखें।

कुंभ राशि: सेहत और निवेश में सावधानी जरूरी
कुंभ राशि के जातकों को 2026-27 में स्वास्थ्य संबंधी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। विदेश यात्रा, निवेश और व्यापार से जुड़े फैसलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। पारिवारिक गलतफहमियां और प्रेम संबंधों में बाधाएं मानसिक दबाव बढ़ा सकती हैं। विशेषज्ञ जल्दबाजी से बचने और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने की सलाह दे रहे हैं।

मीन राशि: कानूनी और आर्थिक अड़चनें संभव
मीन राशि वालों के लिए यह दौर चुनौतियों भरा रह सकता है। नए लोगों पर भरोसा करने से पहले सावधानी बरतने की जरूरत है। आर्थिक तंगी, वाहन या संपत्ति से जुड़े फैसलों में देरी और सरकारी कार्यों में रुकावटें सामने आ सकती हैं। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में भी मानसिक तनाव बढ़ने की आशंका जताई गई है।

क्यों अहम है यह समय?
ज्योतिषियों के मुताबिक, साढ़ेसाती केवल कष्ट का काल नहीं बल्कि आत्ममंथन और अनुशासन सिखाने का समय भी है। यह दौर व्यक्ति को जिम्मेदार बनाता है और लंबे समय में स्थायी परिणाम देता है।

कैसे करें प्रभाव को संतुलित?
विशेषज्ञ नियमित पूजा, दान और संयमित जीवनशैली अपनाने की सलाह देते हैं। शनिवार के दिन शनि से जुड़े उपाय करने से मानसिक संतुलन और नकारात्मक प्रभाव में कमी आ सकती है।

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