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शरीर पर तिल और मस्से भी बताते हैं भाग्य के संकेत, सामुद्रिक शास्त्र में छिपे हैं रहस्य
धर्म डेस्क
तिल का रंग, आकार और स्थान व्यक्ति के स्वभाव और भविष्य से जोड़कर देखे जाते हैं
धर्म और जीवनशैली से जुड़ा एक रोचक विषय चर्चा में है। सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार मानव शरीर पर मौजूद तिल और मस्से केवल शारीरिक निशान नहीं होते, बल्कि इन्हें व्यक्ति के स्वभाव, भाग्य और जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव से जोड़कर देखा जाता है। ज्योतिष में जहां जन्म कुंडली के माध्यम से राजयोग और ग्रह दशाओं का आकलन किया जाता है, वहीं सामुद्रिक शास्त्र शरीर पर मौजूद तिलों के आधार पर शुभ-अशुभ संकेतों की व्याख्या करता है।
क्या कहता है सामुद्रिक शास्त्र
शास्त्रों के अनुसार शरीर पर पाए जाने वाले तिल जन्मजात भी हो सकते हैं और जीवन के दौरान भी उभर सकते हैं। इनका रंग, आकार और स्थान व्यक्ति के जीवन पर प्रभाव डालता है। मान्यता है कि पुरुषों के शरीर के दाहिने भाग पर तिल होना सामान्यतः शुभ माना जाता है, जबकि महिलाओं के लिए शरीर के बाएं हिस्से पर तिल को सौभाग्य का संकेत माना गया है।
रंग और आकार से जुड़ी मान्यताएं
विशेषज्ञों के अनुसार तिल जितना बड़ा होता है, उसका प्रभाव उतना ही अधिक माना जाता है—चाहे वह शुभ हो या अशुभ। छोटे तिलों का प्रभाव अपेक्षाकृत कम होता है। हल्के रंग के तिलों को भाग्यशाली माना जाता है, जबकि काले तिल इस बात की ओर संकेत करते हैं कि व्यक्ति को सफलता कठिनाइयों के बाद मिलती है।यह भी मान्यता है कि चेहरे पर मौजूद काले तिल व्यक्ति को बुरी नजर से बचाते हैं। वहीं तिल का रंग जितना गहरा होता है, वह व्यक्ति को उतनी ही अधिक प्रतिष्ठा या कभी-कभी अपयश दिला सकता है।
बालों वाले तिल और उनके संकेत
सामुद्रिक शास्त्र में तिल पर बाल होना भी महत्वपूर्ण माना गया है। यदि तिल पर बहुत अधिक बाल हों, तो इसे दुर्भाग्य का संकेत माना जाता है। वहीं यदि तिल पर हल्के या कम बाल हों, तो यह सौभाग्य और सामाजिक स्वीकार्यता का प्रतीक माना जाता है। भूरे रंग के तिल को पारिवारिक सुख से जोड़ा जाता है।
चेहरे और आंखों पर तिल का अर्थ
मान्यता के अनुसार आंखों पर तिल होना व्यक्ति के भावनात्मक स्वभाव को दर्शाता है। दाहिनी पुतली पर तिल वाले लोग उच्च विचारों वाले माने जाते हैं, जबकि बाईं पुतली पर तिल वाले व्यक्तियों के विचारों में नकारात्मकता की प्रवृत्ति देखी जाती है। दोनों भौंहों पर तिल होना अधिक यात्रा और परिवर्तनशील जीवन का संकेत माना गया है।
जोड़े तिल और व्यक्तित्व
कुछ लोगों के शरीर के दोनों ओर एक ही स्थान पर तिल पाए जाते हैं, जिन्हें जोड़ा तिल कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार ऐसे लोग दोहरे स्वभाव के हो सकते हैं और परिस्थितियों के अनुसार अपना व्यवहार बदलते हैं।
विशेषज्ञों की राय
धर्म और ज्योतिष से जुड़े जानकारों का कहना है कि ये मान्यताएं परंपरा और विश्वास पर आधारित हैं। इन्हें जीवन का मार्गदर्शन मानकर देखा जा सकता है, लेकिन निर्णय लेते समय व्यावहारिक सोच और आधुनिक चिकित्सा सलाह को भी महत्व देना चाहिए।
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