सोमवार को पारंपरिक रूप से साधना, संयम और आत्मशुद्धि का दिन माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन नियमित पूजा, दान और अनुशासित जीवनशैली अपनाने से व्यक्ति के कार्यों में स्थिरता आती है और मानसिक संतुलन मजबूत होता है। धार्मिक परंपराओं में वर्णित कुछ सरल उपायों को अपनाकर साधक अपने लक्ष्य, संबंध और आजीविका से जुड़े प्रयासों में सकारात्मक बदलाव अनुभव कर सकता है।
1. नियमित पूजन और मंत्र-जप
दिन की शुरुआत स्नान के बाद शांत मन से पूजन करें। स्वच्छ आसन पर बैठकर एकाग्रता के साथ मंत्र-जप करने से मन स्थिर होता है और निर्णय क्षमता मजबूत होती है। कम से कम 108 बार जप करने का संकल्प रखें।
2. अभिषेक और जल अर्पण
प्रातःकाल पवित्र जल से अभिषेक करने और शीतल द्रव्यों से अर्पण करने की परंपरा प्रचलित है। यह अभ्यास संयम और समर्पण की भावना को पुष्ट करता है, साथ ही दिनभर की गतिविधियों के लिए सकारात्मक मनोदशा बनाता है।
3. दान और सेवा
सोमवार को मीठे पदार्थ या दुग्धजन्य वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। सामर्थ्य अनुसार जरूरतमंदों की सहायता करना, सेवा-भाव को प्रबल करता है और सामाजिक सद्भाव को बढ़ाता है।
4. सात्विक आहार और सरल वेश
इस दिन हल्का, सात्विक भोजन ग्रहण करने तथा शांत रंगों के स्वच्छ वस्त्र धारण करने की परंपरा है। सादगी अपनाने से मन में स्थिरता और दिनचर्या में अनुशासन आता है।
5. ध्यान और आत्मचिंतन
दिन में कुछ समय मौन रहकर ध्यान करें। सप्ताह की योजनाओं की समीक्षा, लक्ष्य निर्धारण और कृतज्ञता का अभ्यास मानसिक स्पष्टता बढ़ाता है।
सोमवार के ये उपाय आस्था के साथ-साथ जीवनशैली में अनुशासन और संतुलन लाने पर बल देते हैं। नियमित अभ्यास से व्यक्ति अपने दायित्वों को अधिक स्पष्टता और धैर्य के साथ निभाने की दिशा में प्रेरित हो सकता है।
------------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
