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वास्तु टिप्स: घर में कूड़ेदान की सही दिशा अपनाएं, आर्थिक संतुलन पर पड़ सकता है असर
धर्म डेस्क
मुख्य द्वार, पूजा-स्थान और रसोई से दूर रखें डस्टबिन; दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा मानी जाती है उपयुक्त
घर की साफ-सफाई के साथ वस्तुओं की सही जगह भी दैनिक जीवन की सुव्यवस्था से जुड़ी मानी जाती है। पारंपरिक वास्तु मान्यताओं के अनुसार कूड़ेदान को अनुचित स्थान पर रखने से घर के वातावरण और आर्थिक प्रवाह पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए डस्टबिन की दिशा और स्थिति को लेकर कुछ सावधानियां अपनाने की सलाह दी जाती है।
किन जगहों पर न रखें कूड़ेदान
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रसोईघर में नहीं: रसोई को पवित्र और पोषण से जुड़ा स्थान माना जाता है। यहां कूड़ेदान रखने से स्वच्छता और ऊर्जा संतुलन प्रभावित हो सकता है, इसलिए इसे बाहर या अलग कोने में रखना बेहतर माना जाता है।
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पूजा-स्थान से दूर: घर का पूजा-स्थल शांत और स्वच्छ रखा जाता है। इसके आसपास कूड़ेदान रखने से वातावरण में अव्यवस्था बढ़ने की आशंका बताई जाती है।
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मुख्य द्वार पर नहीं: प्रवेश द्वार घर का प्रमुख मार्ग होता है। यहां डस्टबिन रखने से आवाजाही और सकारात्मक वातावरण पर नकारात्मक असर पड़ने की मान्यता है।
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उत्तर-पूर्व और उत्तर-पश्चिम दिशा से बचें: इन दिशाओं को घर में हल्की और सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह से जोड़ा जाता है, इसलिए यहां कूड़ेदान रखने से बचने की सलाह दी जाती है।
कहां रखें कूड़ेदान
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दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा को डस्टबिन के लिए उपयुक्त माना जाता है।
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कूड़ेदान ढक्कन वाला हो और नियमित रूप से खाली किया जाए, ताकि दुर्गंध और अस्वच्छता न फैले।
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संभव हो तो कूड़ेदान को नजर से ओझल स्थान पर रखें, जैसे किसी बंद कैबिनेट या निर्धारित कोने में।
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