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मकर संक्रांति के बाद पड़ने वाला सूर्य ग्रहण इन तीन राशियों के लिए बढ़ा सकता है मुश्किलें
धर्म डेस्क
17 फरवरी 2026 को कुंभ राशि में लगने वाले सूर्य ग्रहण को लेकर ज्योतिषीय चेतावनी, स्वास्थ्य और धन को लेकर बरतनी होगी सतर्कता
साल 2026 की शुरुआत खगोलीय घटनाओं के लिहाज से खास मानी जा रही है। मकर संक्रांति के ठीक एक महीने बाद, 17 फरवरी 2026 को वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। यह ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में होगा, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से काफी प्रभावशाली माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस ग्रहण का असर सभी राशियों पर किसी न किसी रूप में पड़ेगा, लेकिन तीन राशियों के जातकों के लिए यह समय विशेष सावधानी की मांग करेगा।
हिंदू पंचांग के अनुसार, यह सूर्य ग्रहण सुबह से लेकर दोपहर तक प्रभावी रहेगा। धनिष्ठा नक्षत्र में सूर्य और चंद्रमा की युति से ऊर्जा संतुलन में बदलाव होने की संभावना है। जानकारों का कहना है कि ऐसे ग्रहण के दौरान निर्णय क्षमता, मानसिक स्थिरता और भावनात्मक संतुलन प्रभावित हो सकता है।
सिंह राशि के लिए यह सूर्य ग्रहण चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। इस दौरान कार्यक्षेत्र में गलतफहमी और टकराव की स्थिति बन सकती है। जल्दबाजी में लिया गया कोई भी निर्णय नुकसानदायक हो सकता है। पारिवारिक जीवन में भी तनाव के संकेत हैं। स्वास्थ्य को लेकर थकान, सिरदर्द या नींद की कमी जैसी समस्याएं उभर सकती हैं। ज्योतिषीय सलाह है कि इस समय संयम बनाए रखें और विवादों से दूरी रखें।
वृश्चिक राशि वालों के लिए यह ग्रहण आर्थिक मामलों में सतर्कता का संकेत दे रहा है। अचानक खर्च बढ़ सकते हैं, जिससे बजट असंतुलित हो सकता है। उधार, निवेश या किसी भी तरह के आर्थिक समझौते को टालना बेहतर रहेगा। मानसिक दबाव और बेचैनी महसूस हो सकती है। साथ ही, यात्रा या वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
कुंभ राशि, जिसमें यह सूर्य ग्रहण लग रहा है, उसके जातकों पर इसका प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक रहने की संभावना है। व्यक्तिगत संबंधों में खटास आ सकती है। मित्रों या जीवनसाथी के साथ मतभेद गहराने का खतरा है। भावनाओं में बहकर लिए गए फैसले बाद में परेशानी का कारण बन सकते हैं। इस दौरान धैर्य और संवाद बनाए रखना जरूरी माना जा रहा है।
ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि ग्रहण काल में किसी भी शुभ कार्य, नई शुरुआत या बड़े निर्णय से बचना चाहिए। ध्यान, प्रार्थना और आत्मसंयम इस समय सबसे प्रभावी उपाय माने जाते हैं। ग्रहण के बाद धीरे-धीरे स्थितियां सामान्य होने लगेंगी।
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