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आज का पंचांग 6 मई 2026: चतुर्थी तिथि, राहुकाल और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी
धर्म डेस्क
आज का पंचांग 6 मई 2026 में ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्थी, नक्षत्र, योग, राहुकाल और शुभ मुहूर्त का पूरा विवरण जानें।
आज का पंचांग 6 मई 2026 को लेकर देशभर में धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से लोगों की खास दिलचस्पी देखने को मिल रही है। ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि से शुरू हुआ यह दिन ग्रह-नक्षत्रों की चाल के हिसाब से कई अहम संकेत दे रहा है। आज की तारीख 06 मई 2026 ई. है और सूर्य उत्तरायण की स्थिति में रहते हुए वसंत ऋतु का प्रभाव बनाए हुए है। सुबह से ही मौसम और समय दोनों ही धार्मिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। राहुकाल का समय दोपहर 12:00 बजे से 01:30 बजे तक रहेगा, जिसे किसी भी शुभ कार्य के लिए टालने की सलाह दी जाती है।
आज तिथि की बात करें तो चतुर्थी तिथि सुबह 07 बजकर 51 मिनट तक ही प्रभावी रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी। यह बदलाव दिन के बीच में एक ज्योतिषीय परिवर्तन की स्थिति बनाता है, जिसे पंचांग में विशेष रूप से देखा जाता है। नक्षत्र की स्थिति भी आज अहम है, जिसमें मूल नक्षत्र दोपहर 03 बजकर 54 मिनट तक रहेगा और इसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव शुरू हो जाएगा। मूल नक्षत्र को केतु का नक्षत्र माना जाता है, जो आत्मचिंतन और गहराई से जुड़ा होता है। इसके बाद आने वाला पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र बृहस्पति ग्रह से संबंधित माना जाता है, जो ज्ञान और विस्तार का प्रतीक है।
आज सिद्ध योग भी बना हुआ है जो रात्रि 01 बजकर 12 मिनट (07 मई) तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद साध्य योग की शुरुआत मानी जाएगी। चंद्रमा पूरे दिन धनु राशि में संचार करता रहेगा, जिससे विचारों में स्पष्टता और निर्णय लेने की क्षमता पर असर देखा जा सकता है। सूर्य और चंद्रमा की यह स्थिति दिन को थोड़ा संतुलित लेकिन आत्ममंथन वाला बनाती है। सूर्योदय आज प्रातः 05 बजकर 37 मिनट पर हुआ है जबकि सूर्यास्त सायं 06 बजकर 59 मिनट पर होगा। वहीं चंद्रोदय रात्रि 11 बजकर 23 मिनट पर और चंद्रास्त प्रातः 08 बजकर 31 मिनट पर रहेगा। दिनभर की यह खगोलीय स्थिति धार्मिक कार्यों के लिए मिश्रित प्रभाव देती है।
अब बात करें आज के शुभ और अशुभ मुहूर्त की तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 07 मिनट से 04 बजकर 52 मिनट तक रहेगा, जिसे ध्यान, पूजा और साधना के लिए बहुत ही उत्तम माना जाता है। वहीं अमृत काल प्रातः 08 बजकर 42 मिनट से 10 बजकर 30 मिनट तक रहेगा, जो किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अच्छा समय माना जाता है। हालांकि आज अभिजीत मुहूर्त उपलब्ध नहीं है, जो सामान्य दिनों में मध्याह्न का शुभ समय माना जाता है। अशुभ समयों में राहुकाल दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक रहेगा, गुलिक काल सुबह 10:30 से 12:00 बजे तक और यमगंड सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक प्रभावी रहेगा। इन समयों में नए कार्य या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जाती है।
आज किसी बड़े व्रत या त्योहार की जानकारी नहीं है, लेकिन ज्योतिषीय दृष्टि से यह दिन आत्मचिंतन और संयम का संकेत देता है। मूल नक्षत्र में जन्मे लोग सामान्यतः गंभीर स्वभाव, अनुशासन और आध्यात्मिक झुकाव वाले माने जाते हैं। वहीं आज के दिन एक सरल उपाय के रूप में गणेश जी को दूर्वा चढ़ाना और “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप करना शुभ माना गया है। साथ ही बुधवार होने के कारण हरी मूंग दाल का दान भी जीवन में शांति और सफलता के लिए लाभकारी बताया जाता है
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आज का पंचांग 6 मई 2026: चतुर्थी तिथि, राहुकाल और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी
धर्म डेस्क
आज का पंचांग 6 मई 2026 को लेकर देशभर में धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से लोगों की खास दिलचस्पी देखने को मिल रही है। ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि से शुरू हुआ यह दिन ग्रह-नक्षत्रों की चाल के हिसाब से कई अहम संकेत दे रहा है। आज की तारीख 06 मई 2026 ई. है और सूर्य उत्तरायण की स्थिति में रहते हुए वसंत ऋतु का प्रभाव बनाए हुए है। सुबह से ही मौसम और समय दोनों ही धार्मिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। राहुकाल का समय दोपहर 12:00 बजे से 01:30 बजे तक रहेगा, जिसे किसी भी शुभ कार्य के लिए टालने की सलाह दी जाती है।
आज तिथि की बात करें तो चतुर्थी तिथि सुबह 07 बजकर 51 मिनट तक ही प्रभावी रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी। यह बदलाव दिन के बीच में एक ज्योतिषीय परिवर्तन की स्थिति बनाता है, जिसे पंचांग में विशेष रूप से देखा जाता है। नक्षत्र की स्थिति भी आज अहम है, जिसमें मूल नक्षत्र दोपहर 03 बजकर 54 मिनट तक रहेगा और इसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव शुरू हो जाएगा। मूल नक्षत्र को केतु का नक्षत्र माना जाता है, जो आत्मचिंतन और गहराई से जुड़ा होता है। इसके बाद आने वाला पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र बृहस्पति ग्रह से संबंधित माना जाता है, जो ज्ञान और विस्तार का प्रतीक है।
आज सिद्ध योग भी बना हुआ है जो रात्रि 01 बजकर 12 मिनट (07 मई) तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद साध्य योग की शुरुआत मानी जाएगी। चंद्रमा पूरे दिन धनु राशि में संचार करता रहेगा, जिससे विचारों में स्पष्टता और निर्णय लेने की क्षमता पर असर देखा जा सकता है। सूर्य और चंद्रमा की यह स्थिति दिन को थोड़ा संतुलित लेकिन आत्ममंथन वाला बनाती है। सूर्योदय आज प्रातः 05 बजकर 37 मिनट पर हुआ है जबकि सूर्यास्त सायं 06 बजकर 59 मिनट पर होगा। वहीं चंद्रोदय रात्रि 11 बजकर 23 मिनट पर और चंद्रास्त प्रातः 08 बजकर 31 मिनट पर रहेगा। दिनभर की यह खगोलीय स्थिति धार्मिक कार्यों के लिए मिश्रित प्रभाव देती है।
अब बात करें आज के शुभ और अशुभ मुहूर्त की तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 07 मिनट से 04 बजकर 52 मिनट तक रहेगा, जिसे ध्यान, पूजा और साधना के लिए बहुत ही उत्तम माना जाता है। वहीं अमृत काल प्रातः 08 बजकर 42 मिनट से 10 बजकर 30 मिनट तक रहेगा, जो किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अच्छा समय माना जाता है। हालांकि आज अभिजीत मुहूर्त उपलब्ध नहीं है, जो सामान्य दिनों में मध्याह्न का शुभ समय माना जाता है। अशुभ समयों में राहुकाल दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक रहेगा, गुलिक काल सुबह 10:30 से 12:00 बजे तक और यमगंड सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक प्रभावी रहेगा। इन समयों में नए कार्य या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जाती है।
आज किसी बड़े व्रत या त्योहार की जानकारी नहीं है, लेकिन ज्योतिषीय दृष्टि से यह दिन आत्मचिंतन और संयम का संकेत देता है। मूल नक्षत्र में जन्मे लोग सामान्यतः गंभीर स्वभाव, अनुशासन और आध्यात्मिक झुकाव वाले माने जाते हैं। वहीं आज के दिन एक सरल उपाय के रूप में गणेश जी को दूर्वा चढ़ाना और “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप करना शुभ माना गया है। साथ ही बुधवार होने के कारण हरी मूंग दाल का दान भी जीवन में शांति और सफलता के लिए लाभकारी बताया जाता है
