अष्टधातु का कड़ा पहनने से बदल सकती है किस्मत, जानें फायदे और नियम

धर्म डेस्क

By Rohit.P
On

जानें अष्टधातु का कड़ा किसे पहनना चाहिए, इसे धारण करने के नियम क्या हैं और ज्योतिष में इसे इतना शुभ क्यों माना जाता है।

ज्योतिष शास्त्र में अष्टधातु का कड़ा काफी खास माना जाता है। पिछले कुछ समय से लोगों के बीच इसे पहनने का चलन भी तेजी से बढ़ा है। माना जाता है कि अष्टधातु का कड़ा व्यक्ति के जीवन में चल रही कई तरह की परेशानियों को कम करने में मदद करता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इसमें आठ धातुओं का मिश्रण होता है, इसलिए इसका संबंध कई ग्रहों से माना जाता है। यही वजह है कि इसे पहनने से ग्रहों की नकारात्मकता कम होने और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ने की बात कही जाती है। कई लोग इसे भाग्य मजबूत करने वाला कड़ा भी मानते हैं।

बताया जाता है कि अष्टधातु का कड़ा सोना, चांदी, तांबा, जस्ता, लोहा, सीसा, टिन और पारा जैसी धातुओं से तैयार किया जाता है। ज्योतिष के साथ-साथ आयुर्वेद में भी इन धातुओं को शरीर और ऊर्जा संतुलन के लिए लाभकारी माना गया है। ऐसे में जिन लोगों को बार-बार करियर में रुकावट, आर्थिक परेशानी या मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है, उन्हें इसे धारण करने की सलाह दी जाती है। कई बार ऐसा देखा जाता है कि मेहनत करने के बावजूद काम पूरे नहीं हो पाते, आत्मविश्वास कमजोर पड़ने लगता है या घर में लगातार तनाव बना रहता है। ऐसी स्थिति में अष्टधातु का कड़ा पहनना शुभ माना गया है।

मान्यताओं के मुताबिक यह कड़ा नजर दोष और नकारात्मक प्रभावों से भी बचाने का काम करता है। कुछ लोग इसे सुरक्षा कवच की तरह पहनते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मेष, वृश्चिक, धनु, मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए अष्टधातु का कड़ा अधिक लाभकारी माना गया है। हालांकि बाकी राशियों के लोग भी इसे पहन सकते हैं, लेकिन बिना सलाह के धारण करने से बचने की बात कही जाती है। जानकारों का कहना है कि हर व्यक्ति की कुंडली और ग्रह स्थिति अलग होती है, इसलिए किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से सलाह लेना जरूरी माना जाता है।

अष्टधातु का कड़ा पहनने के कुछ नियम भी बताए गए हैं। मान्यता है कि इसे मंगलवार या शनिवार के दिन पहनना ज्यादा शुभ रहता है। कड़ा धारण करने से पहले उसका शुद्धिकरण किया जाता है। आमतौर पर लोग इसे गंगाजल या दूध से साफ करते हैं। इसके बाद अपने इष्ट देव या हनुमान जी के सामने रखकर पूजा करने की परंपरा भी बताई जाती है। धूप-दीप दिखाने के बाद इसे पहना जाता है। महिलाओं को बाएं हाथ में और पुरुषों को दाएं हाथ में अष्टधातु का कड़ा पहनने की सलाह दी जाती है।

ऐसा कहा जाता है कि अष्टधातु धारण करने के बाद व्यक्ति को अपनी दिनचर्या और व्यवहार में भी संयम रखना चाहिए। कई ज्योतिषाचार्य मांस और मदिरा से दूरी बनाए रखने की सलाह देते हैं, ताकि शुभ प्रभाव बना रहे।

Edited By: Rohit.P

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
07 May 2026 By Rohit.P

अष्टधातु का कड़ा पहनने से बदल सकती है किस्मत, जानें फायदे और नियम

धर्म डेस्क

ज्योतिष शास्त्र में अष्टधातु का कड़ा काफी खास माना जाता है। पिछले कुछ समय से लोगों के बीच इसे पहनने का चलन भी तेजी से बढ़ा है। माना जाता है कि अष्टधातु का कड़ा व्यक्ति के जीवन में चल रही कई तरह की परेशानियों को कम करने में मदद करता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इसमें आठ धातुओं का मिश्रण होता है, इसलिए इसका संबंध कई ग्रहों से माना जाता है। यही वजह है कि इसे पहनने से ग्रहों की नकारात्मकता कम होने और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ने की बात कही जाती है। कई लोग इसे भाग्य मजबूत करने वाला कड़ा भी मानते हैं।

बताया जाता है कि अष्टधातु का कड़ा सोना, चांदी, तांबा, जस्ता, लोहा, सीसा, टिन और पारा जैसी धातुओं से तैयार किया जाता है। ज्योतिष के साथ-साथ आयुर्वेद में भी इन धातुओं को शरीर और ऊर्जा संतुलन के लिए लाभकारी माना गया है। ऐसे में जिन लोगों को बार-बार करियर में रुकावट, आर्थिक परेशानी या मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है, उन्हें इसे धारण करने की सलाह दी जाती है। कई बार ऐसा देखा जाता है कि मेहनत करने के बावजूद काम पूरे नहीं हो पाते, आत्मविश्वास कमजोर पड़ने लगता है या घर में लगातार तनाव बना रहता है। ऐसी स्थिति में अष्टधातु का कड़ा पहनना शुभ माना गया है।

मान्यताओं के मुताबिक यह कड़ा नजर दोष और नकारात्मक प्रभावों से भी बचाने का काम करता है। कुछ लोग इसे सुरक्षा कवच की तरह पहनते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मेष, वृश्चिक, धनु, मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए अष्टधातु का कड़ा अधिक लाभकारी माना गया है। हालांकि बाकी राशियों के लोग भी इसे पहन सकते हैं, लेकिन बिना सलाह के धारण करने से बचने की बात कही जाती है। जानकारों का कहना है कि हर व्यक्ति की कुंडली और ग्रह स्थिति अलग होती है, इसलिए किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से सलाह लेना जरूरी माना जाता है।

अष्टधातु का कड़ा पहनने के कुछ नियम भी बताए गए हैं। मान्यता है कि इसे मंगलवार या शनिवार के दिन पहनना ज्यादा शुभ रहता है। कड़ा धारण करने से पहले उसका शुद्धिकरण किया जाता है। आमतौर पर लोग इसे गंगाजल या दूध से साफ करते हैं। इसके बाद अपने इष्ट देव या हनुमान जी के सामने रखकर पूजा करने की परंपरा भी बताई जाती है। धूप-दीप दिखाने के बाद इसे पहना जाता है। महिलाओं को बाएं हाथ में और पुरुषों को दाएं हाथ में अष्टधातु का कड़ा पहनने की सलाह दी जाती है।

ऐसा कहा जाता है कि अष्टधातु धारण करने के बाद व्यक्ति को अपनी दिनचर्या और व्यवहार में भी संयम रखना चाहिए। कई ज्योतिषाचार्य मांस और मदिरा से दूरी बनाए रखने की सलाह देते हैं, ताकि शुभ प्रभाव बना रहे।

https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/wearing-ashtadhatu-bangle-can-change-your-luck-know-the-benefits/article-52848

खबरें और भी हैं

केला टेढ़ा क्यों होता है? इसके पीछे छिपा है गुरुत्वाकर्षण और सूरज की रोशनी का साइंस। जानें यहां

टाप न्यूज

केला टेढ़ा क्यों होता है? इसके पीछे छिपा है गुरुत्वाकर्षण और सूरज की रोशनी का साइंस। जानें यहां

क्या आपने सोचा है केला हमेशा टेढ़ा ही क्यों होता है? जानिए गुरुत्वाकर्षण, रोशनी और ऑक्सिन हार्मोन से जुड़ा इसका...
लाइफ स्टाइल 
केला टेढ़ा क्यों होता है? इसके पीछे छिपा है गुरुत्वाकर्षण और सूरज की रोशनी का साइंस। जानें यहां

आज होगा पंजाब-मुंबई का मुकाबला, लगातार हार से दबाव में किंग्स की टीम

IPL में आज धर्मशाला में पंजाब किंग्स और मुंबई इंडियंस आमने-सामने होंगे। लगातार हार से दबाव में पंजाब की गेंदबाजी...
स्पोर्ट्स 
आज होगा पंजाब-मुंबई का मुकाबला, लगातार हार से दबाव में किंग्स की टीम

गौतम बुद्ध के अनमोल विचार, जो जीवन को देंगे नई दिशा

गौतम बुद्ध के प्रेरणादायक विचार जानिए, जो जीवन में शांति, सत्य, प्रेम और आत्मसंयम की राह दिखाते हैं।
जीवन के मंत्र 
गौतम बुद्ध के अनमोल विचार, जो जीवन को देंगे नई दिशा

ना DJ, ना लग्जरी कार... बैलगाड़ी पर बारात लेकर गया दूल्हा, लोगों ने कहा- यही असली शादी

नारायणपुर में दूल्हा बैलगाड़ी से बारात लेकर पहुंचा। पेट्रोल-डीजल बचाने और सादगी का संदेश देने वाली शादी चर्चा में है।...
राज्य  छत्तीसगढ़ 
ना DJ, ना लग्जरी कार... बैलगाड़ी पर बारात लेकर गया दूल्हा, लोगों ने कहा- यही असली शादी

बिजनेस

Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.