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रील के चक्कर में गई जान, नदी में डूबता रहा युवक और दोस्त बनाते रहे वीडियो
कोरबा (छ.ग.)
कोरबा की अहिरन नदी में रील बनाते समय युवक डूब गया। दोस्त वीडियो बनाते रहे, 48 घंटे बाद शव बरामद हुआ।
मीडिया के लिए रील बनाने का शौक पाल रखा था। कुसमुंडा थाना क्षेत्र की अहिरन नदी में नहाने गए 25 साल के निखिल सिंह डूब गए। एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें निखिल पानी में करीब तीन मिनट तक हाथ-पैर मारते नजर आते हैं। इस दौरान किनारे पर मौजूद उसके दोस्तों ने इसे मजाक और स्टंट समझकर मोबाइल से वीडियो बनाते रहे। इस घटना के बाद इलाके में काफी चर्चा हो रही है और लोग इस पर हैरानी जता रहे हैं। बताया जा रहा है कि निखिल SECL कुसमुंडा में काम करने वाले डंपर ऑपरेटर का बेटा था और वह अपने दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया था। वहीं, उसने सोशल मीडिया पर डालने के लिए रील शूट करने की बात कही और ऊंचाई से नदी में कूद गया। शुरुआत में दोस्तों को लगा कि वह बस तैर रहा है और कैमरे के लिए एक्टिंग कर रहा है। वीडियो में कुछ देर तक हंसी-मजाक की आवाजें सुनाई भी देती हैं। लेकिन कुछ ही समय बाद हालात अचानक बदल गए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, निखिल जब नदी के बीच पहुंचा, तो वह पानी में संघर्ष करता नजर आया। वह लगातार हाथ-पैर मार रहा था, लेकिन उसके दोस्तों को ये समझ नहीं आया कि वह सच में डूब रहा है। ऐसा कहा जा रहा है कि किसी ने तुरंत नदी में उतरकर उसे बचाने की कोशिश नहीं की। जब निखिल अचानक पानी में चला गया और काफी देर तक बाहर नहीं आया, तब दोस्तों के होश उड़ गए। जिसके बाद परिवार और पुलिस को सूचना दी गई। मंगलवार दोपहर से ही पुलिस, स्थानीय गोताखोर और बाद में एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। देर शाम तक नदी में खोज जारी रही, लेकिन युवक का कोई पता नहीं चला। बुधवार को भी सर्च ऑपरेशन हुआ। हालाँकि, खराब मौसम के कारण रेस्क्यू टीम को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि नदी का बहाव और गहराई दोनों ज्यादा थे, जिससे खोज अभियान प्रभावित हुआ। कुछ समय के लिए ऑपरेशन भी रोकना पड़ा था। अंततः बुधवार देर शाम निखिल का शव पानी की सतह पर दिखाई दिया और उसे निकाल लिया गया।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम छा गया है। परिजनों का बुरा हाल है और वो रो-रोकर बेहाल हैं। गुरुवार को पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया। अब पुलिस वीडियो और घटनास्थल पर मौजूद युवकों से पूछताछ कर रही है। सूत्रों के अनुसार, हादसे के समय वहां मौजूद सभी दोस्त घबराए हुए थे और उन्हें शुरू में स्थिति की गंभीरता समझ नहीं आई। दूसरी ओर, बचाव अभियान के दौरान संसाधनों की कमी का मामला भी सामने आया है। बिलासपुर से आई एनडीआरएफ टीम ऑक्सीजन सिलेंडर और वॉटरप्रूफ कैमरों जैसी जरूरी चीजों की कमी से जूझती रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर शुरुआती कुछ मिनटों में सही मदद मिल जाती, तो शायद युवक की जान बचाई जा सकती थी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर भी बहस छिड़ गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि रील और वायरल होने की चाह किस तरह युवाओं को जोखिम भरे स्टंट करने के लिए उकसा रही है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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रील के चक्कर में गई जान, नदी में डूबता रहा युवक और दोस्त बनाते रहे वीडियो
कोरबा (छ.ग.)
मीडिया के लिए रील बनाने का शौक पाल रखा था। कुसमुंडा थाना क्षेत्र की अहिरन नदी में नहाने गए 25 साल के निखिल सिंह डूब गए। एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें निखिल पानी में करीब तीन मिनट तक हाथ-पैर मारते नजर आते हैं। इस दौरान किनारे पर मौजूद उसके दोस्तों ने इसे मजाक और स्टंट समझकर मोबाइल से वीडियो बनाते रहे। इस घटना के बाद इलाके में काफी चर्चा हो रही है और लोग इस पर हैरानी जता रहे हैं। बताया जा रहा है कि निखिल SECL कुसमुंडा में काम करने वाले डंपर ऑपरेटर का बेटा था और वह अपने दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया था। वहीं, उसने सोशल मीडिया पर डालने के लिए रील शूट करने की बात कही और ऊंचाई से नदी में कूद गया। शुरुआत में दोस्तों को लगा कि वह बस तैर रहा है और कैमरे के लिए एक्टिंग कर रहा है। वीडियो में कुछ देर तक हंसी-मजाक की आवाजें सुनाई भी देती हैं। लेकिन कुछ ही समय बाद हालात अचानक बदल गए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, निखिल जब नदी के बीच पहुंचा, तो वह पानी में संघर्ष करता नजर आया। वह लगातार हाथ-पैर मार रहा था, लेकिन उसके दोस्तों को ये समझ नहीं आया कि वह सच में डूब रहा है। ऐसा कहा जा रहा है कि किसी ने तुरंत नदी में उतरकर उसे बचाने की कोशिश नहीं की। जब निखिल अचानक पानी में चला गया और काफी देर तक बाहर नहीं आया, तब दोस्तों के होश उड़ गए। जिसके बाद परिवार और पुलिस को सूचना दी गई। मंगलवार दोपहर से ही पुलिस, स्थानीय गोताखोर और बाद में एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। देर शाम तक नदी में खोज जारी रही, लेकिन युवक का कोई पता नहीं चला। बुधवार को भी सर्च ऑपरेशन हुआ। हालाँकि, खराब मौसम के कारण रेस्क्यू टीम को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि नदी का बहाव और गहराई दोनों ज्यादा थे, जिससे खोज अभियान प्रभावित हुआ। कुछ समय के लिए ऑपरेशन भी रोकना पड़ा था। अंततः बुधवार देर शाम निखिल का शव पानी की सतह पर दिखाई दिया और उसे निकाल लिया गया।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम छा गया है। परिजनों का बुरा हाल है और वो रो-रोकर बेहाल हैं। गुरुवार को पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया। अब पुलिस वीडियो और घटनास्थल पर मौजूद युवकों से पूछताछ कर रही है। सूत्रों के अनुसार, हादसे के समय वहां मौजूद सभी दोस्त घबराए हुए थे और उन्हें शुरू में स्थिति की गंभीरता समझ नहीं आई। दूसरी ओर, बचाव अभियान के दौरान संसाधनों की कमी का मामला भी सामने आया है। बिलासपुर से आई एनडीआरएफ टीम ऑक्सीजन सिलेंडर और वॉटरप्रूफ कैमरों जैसी जरूरी चीजों की कमी से जूझती रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर शुरुआती कुछ मिनटों में सही मदद मिल जाती, तो शायद युवक की जान बचाई जा सकती थी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर भी बहस छिड़ गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि रील और वायरल होने की चाह किस तरह युवाओं को जोखिम भरे स्टंट करने के लिए उकसा रही है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
