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20 वर्षीय याकूब मेन्सिक ने रचा इतिहास, पहली बार पहुंचे फ्रेंच ओपन सेमीफाइनल में
स्पोर्ट्स डेस्क
चेक रिपब्लिक के युवा टेनिस स्टार याकूब मेन्सिक ने जोआओ फोंसेका को हराकर अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम सेमीफाइनल हासिल किया, 20 साल पुराने नडाल-जोकोविच रिकॉर्ड की बराबरी की।
फ्रेंच ओपन 2026 में युवा खिलाड़ियों का दबदबा लगातार देखने को मिल रहा है और इसी कड़ी में चेक रिपब्लिक के 20 वर्षीय टेनिस खिलाड़ी याकूब मेन्सिक ने एक नया इतिहास रच दिया है। मेन्सिक ने अपने करियर में पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। पेरिस में खेले गए पुरुष एकल क्वार्टर फाइनल मुकाबले में उन्होंने ब्राजील के 19 वर्षीय खिलाड़ी जोआओ फोंसेका को सीधे सेटों में 6-4, 6-3, 7-6(3) से हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया। यह मुकाबला सिर्फ जीत और हार तक सीमित नहीं था, बल्कि युवा टेनिस प्रतिभाओं के उभार का प्रतीक भी बना। दोनों खिलाड़ियों के बीच खेला गया यह क्वार्टर फाइनल पिछले दो दशकों में सबसे युवा मुकाबलों में से एक रहा। इससे पहले 2006 में फ्रेंच ओपन के क्वार्टर फाइनल में 20 वर्षीय राफेल नडाल और 19 वर्षीय नोवाक जोकोविच आमने-सामने आए थे। अब मेन्सिक और फोंसेका ने उसी ऐतिहासिक उपलब्धि की बराबरी कर दी है।
याकूब मेन्सिक का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में शानदार आत्मविश्वास और परिपक्वता का परिचय दिया है। कम उम्र के बावजूद उनके खेल में अनुभव और मानसिक मजबूती साफ दिखाई दे रही है। फ्रेंच ओपन जैसे बड़े मंच पर दबाव को संभालना आसान नहीं होता, लेकिन मेन्सिक ने यह साबित कर दिया कि वे भविष्य के बड़े सितारों में शामिल होने की क्षमता रखते हैं। क्वार्टर फाइनल मुकाबले की बात करें तो मैच की शुरुआत से ही मेन्सिक ने आक्रामक रवैया अपनाया। उन्होंने पहले सेट में अपने सर्विस गेम पर पूरा नियंत्रण बनाए रखा और महत्वपूर्ण मौकों पर अंक जुटाकर 6-4 से सेट अपने नाम किया। दूसरे सेट में भी उन्होंने लय बरकरार रखी और फोंसेका को वापसी का मौका नहीं दिया। 6-3 से दूसरा सेट जीतकर उन्होंने मुकाबले में मजबूत बढ़त बना ली।
तीसरे सेट में हालांकि ब्राजील के युवा खिलाड़ी जोआओ फोंसेका ने जोरदार संघर्ष किया। उन्होंने कुछ बेहतरीन शॉट लगाए और मेन्सिक पर दबाव बनाने की कोशिश की। एक समय ऐसा भी आया जब मेन्सिक ब्रेक पॉइंट गंवाने के कारण पीछे दिखाई दे रहे थे। लेकिन उन्होंने धैर्य नहीं खोया और लगातार फोकस बनाए रखा। मुकाबला टाई-ब्रेकर तक पहुंचा, जहां मेन्सिक ने अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाते हुए सेट और मैच दोनों अपने नाम कर लिए। दो घंटे 33 मिनट तक चले इस मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों ने कई शानदार रैलियां खेलीं। दर्शकों को युवा ऊर्जा और बेहतरीन टेनिस का शानदार मिश्रण देखने को मिला। हालांकि अंत में अनुभव और मानसिक मजबूती के दम पर मेन्सिक ने जीत हासिल की।
इस ऐतिहासिक जीत के साथ याकूब मेन्सिक कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों के मालिक बन गए हैं। वे 2004 या उसके बाद जन्म लेने वाले पहले पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने किसी ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। इसके अलावा वे चेक रिपब्लिक के इतिहास में ग्रैंड स्लैम सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले सबसे युवा खिलाड़ी भी बन गए हैं। मैच के बाद मेन्सिक ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मुकाबले की शुरुआत में दोनों खिलाड़ी थोड़े नर्वस थे, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, खेल का स्तर बेहतर होता गया। उन्होंने कहा कि तीसरे सेट में पीछे होने के बावजूद उन्होंने खुद पर भरोसा बनाए रखा और अंत तक लड़ते रहे। यही मानसिकता उन्हें जीत दिलाने में सफल रही।
अब सेमीफाइनल में मेन्सिक का सामना जर्मनी के स्टार खिलाड़ी और टूर्नामेंट के दूसरे वरीय अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा। ज्वेरेव ने अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में युवा स्पेनिश खिलाड़ी राफेल जोदार को 7-6(3), 6-1, 6-3 से हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया। अलेक्जेंडर ज्वेरेव के लिए यह फ्रेंच ओपन का पांचवां सेमीफाइनल होगा। उन्होंने अब तक टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है और पांच मुकाबलों में केवल एक सेट गंवाया है। हालांकि क्वार्टर फाइनल के पहले सेट में वे 2-5 से पीछे चल रहे थे, लेकिन अनुभव और धैर्य के दम पर उन्होंने वापसी करते हुए मैच जीत लिया।
ज्वेरेव ने मुकाबले के बाद कहा कि बंद छत के कारण कोर्ट की परिस्थितियां अलग थीं। गेंद अपेक्षाकृत कम उछाल ले रही थी, जिससे उनके टॉपस्पिन शॉट प्रभावी नहीं हो रहे थे। ऐसे में उन्हें अपनी रणनीति बदलकर फ्लैट शॉट्स खेलने पड़े। उन्होंने माना कि विरोधी खिलाड़ी अच्छा खेल रहे थे, लेकिन सही समय पर मिले अवसर का उन्होंने पूरा फायदा उठाया। अब सभी की निगाहें सेमीफाइनल मुकाबले पर टिकी हैं, जहां युवा सनसनी याकूब मेन्सिक और अनुभवी अलेक्जेंडर ज्वेरेव आमने-सामने होंगे। एक तरफ भविष्य का उभरता सितारा होगा, तो दूसरी तरफ ग्रैंड स्लैम खिताब की तलाश में जुटा अनुभवी खिलाड़ी। यह मुकाबला फ्रेंच ओपन 2026 के सबसे रोमांचक मैचों में से एक साबित हो सकता है। मेन्सिक की अब तक की यात्रा ने साबित कर दिया है कि टेनिस जगत को एक नया सितारा मिल चुका है। यदि वे इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखते हैं, तो आने वाले वर्षों में वे ग्रैंड स्लैम खिताबों के प्रमुख दावेदारों में शामिल हो सकते हैं।
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20 वर्षीय याकूब मेन्सिक ने रचा इतिहास, पहली बार पहुंचे फ्रेंच ओपन सेमीफाइनल में
स्पोर्ट्स डेस्क
फ्रेंच ओपन 2026 में युवा खिलाड़ियों का दबदबा लगातार देखने को मिल रहा है और इसी कड़ी में चेक रिपब्लिक के 20 वर्षीय टेनिस खिलाड़ी याकूब मेन्सिक ने एक नया इतिहास रच दिया है। मेन्सिक ने अपने करियर में पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। पेरिस में खेले गए पुरुष एकल क्वार्टर फाइनल मुकाबले में उन्होंने ब्राजील के 19 वर्षीय खिलाड़ी जोआओ फोंसेका को सीधे सेटों में 6-4, 6-3, 7-6(3) से हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया। यह मुकाबला सिर्फ जीत और हार तक सीमित नहीं था, बल्कि युवा टेनिस प्रतिभाओं के उभार का प्रतीक भी बना। दोनों खिलाड़ियों के बीच खेला गया यह क्वार्टर फाइनल पिछले दो दशकों में सबसे युवा मुकाबलों में से एक रहा। इससे पहले 2006 में फ्रेंच ओपन के क्वार्टर फाइनल में 20 वर्षीय राफेल नडाल और 19 वर्षीय नोवाक जोकोविच आमने-सामने आए थे। अब मेन्सिक और फोंसेका ने उसी ऐतिहासिक उपलब्धि की बराबरी कर दी है।
याकूब मेन्सिक का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में शानदार आत्मविश्वास और परिपक्वता का परिचय दिया है। कम उम्र के बावजूद उनके खेल में अनुभव और मानसिक मजबूती साफ दिखाई दे रही है। फ्रेंच ओपन जैसे बड़े मंच पर दबाव को संभालना आसान नहीं होता, लेकिन मेन्सिक ने यह साबित कर दिया कि वे भविष्य के बड़े सितारों में शामिल होने की क्षमता रखते हैं। क्वार्टर फाइनल मुकाबले की बात करें तो मैच की शुरुआत से ही मेन्सिक ने आक्रामक रवैया अपनाया। उन्होंने पहले सेट में अपने सर्विस गेम पर पूरा नियंत्रण बनाए रखा और महत्वपूर्ण मौकों पर अंक जुटाकर 6-4 से सेट अपने नाम किया। दूसरे सेट में भी उन्होंने लय बरकरार रखी और फोंसेका को वापसी का मौका नहीं दिया। 6-3 से दूसरा सेट जीतकर उन्होंने मुकाबले में मजबूत बढ़त बना ली।
तीसरे सेट में हालांकि ब्राजील के युवा खिलाड़ी जोआओ फोंसेका ने जोरदार संघर्ष किया। उन्होंने कुछ बेहतरीन शॉट लगाए और मेन्सिक पर दबाव बनाने की कोशिश की। एक समय ऐसा भी आया जब मेन्सिक ब्रेक पॉइंट गंवाने के कारण पीछे दिखाई दे रहे थे। लेकिन उन्होंने धैर्य नहीं खोया और लगातार फोकस बनाए रखा। मुकाबला टाई-ब्रेकर तक पहुंचा, जहां मेन्सिक ने अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाते हुए सेट और मैच दोनों अपने नाम कर लिए। दो घंटे 33 मिनट तक चले इस मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों ने कई शानदार रैलियां खेलीं। दर्शकों को युवा ऊर्जा और बेहतरीन टेनिस का शानदार मिश्रण देखने को मिला। हालांकि अंत में अनुभव और मानसिक मजबूती के दम पर मेन्सिक ने जीत हासिल की।
इस ऐतिहासिक जीत के साथ याकूब मेन्सिक कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों के मालिक बन गए हैं। वे 2004 या उसके बाद जन्म लेने वाले पहले पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने किसी ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। इसके अलावा वे चेक रिपब्लिक के इतिहास में ग्रैंड स्लैम सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले सबसे युवा खिलाड़ी भी बन गए हैं। मैच के बाद मेन्सिक ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मुकाबले की शुरुआत में दोनों खिलाड़ी थोड़े नर्वस थे, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, खेल का स्तर बेहतर होता गया। उन्होंने कहा कि तीसरे सेट में पीछे होने के बावजूद उन्होंने खुद पर भरोसा बनाए रखा और अंत तक लड़ते रहे। यही मानसिकता उन्हें जीत दिलाने में सफल रही।
अब सेमीफाइनल में मेन्सिक का सामना जर्मनी के स्टार खिलाड़ी और टूर्नामेंट के दूसरे वरीय अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा। ज्वेरेव ने अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में युवा स्पेनिश खिलाड़ी राफेल जोदार को 7-6(3), 6-1, 6-3 से हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया। अलेक्जेंडर ज्वेरेव के लिए यह फ्रेंच ओपन का पांचवां सेमीफाइनल होगा। उन्होंने अब तक टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है और पांच मुकाबलों में केवल एक सेट गंवाया है। हालांकि क्वार्टर फाइनल के पहले सेट में वे 2-5 से पीछे चल रहे थे, लेकिन अनुभव और धैर्य के दम पर उन्होंने वापसी करते हुए मैच जीत लिया।
ज्वेरेव ने मुकाबले के बाद कहा कि बंद छत के कारण कोर्ट की परिस्थितियां अलग थीं। गेंद अपेक्षाकृत कम उछाल ले रही थी, जिससे उनके टॉपस्पिन शॉट प्रभावी नहीं हो रहे थे। ऐसे में उन्हें अपनी रणनीति बदलकर फ्लैट शॉट्स खेलने पड़े। उन्होंने माना कि विरोधी खिलाड़ी अच्छा खेल रहे थे, लेकिन सही समय पर मिले अवसर का उन्होंने पूरा फायदा उठाया। अब सभी की निगाहें सेमीफाइनल मुकाबले पर टिकी हैं, जहां युवा सनसनी याकूब मेन्सिक और अनुभवी अलेक्जेंडर ज्वेरेव आमने-सामने होंगे। एक तरफ भविष्य का उभरता सितारा होगा, तो दूसरी तरफ ग्रैंड स्लैम खिताब की तलाश में जुटा अनुभवी खिलाड़ी। यह मुकाबला फ्रेंच ओपन 2026 के सबसे रोमांचक मैचों में से एक साबित हो सकता है। मेन्सिक की अब तक की यात्रा ने साबित कर दिया है कि टेनिस जगत को एक नया सितारा मिल चुका है। यदि वे इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखते हैं, तो आने वाले वर्षों में वे ग्रैंड स्लैम खिताबों के प्रमुख दावेदारों में शामिल हो सकते हैं।
