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सरफराज खान की दो साल बाद टीम इंडिया में वापसी, साई की जगह मौका
स्पोर्ट्स डेस्क
चोटिल साई सुदर्शन की जगह श्रीलंका टेस्ट टीम में शामिल हुए सरफराज, गॉल में 15 अगस्त से मुकाबला
सरफराज खान की करीब दो साल बाद भारतीय टेस्ट टीम में वापसी हुई है। उन्हें श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए चोटिल साई सुदर्शन के स्थान पर टीम में शामिल किया गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने रविवार शाम इसकी जानकारी दी। साई सुदर्शन के चोटिल होने के बाद टीम में एक बल्लेबाज की जगह खाली हुई थी, जिसमें सरफराज को मौका दिया गया। अब वह श्रीलंका पहुंचकर भारतीय टीम के साथ जुड़ेंगे और गॉल टेस्ट से पहले तैयारियों में हिस्सा लेंगे।
भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट मैच 15 अगस्त से गॉल में खेला जाना है। सरफराज के लिए यह वापसी इसलिए भी अहम है क्योंकि उन्होंने अपना पिछला टेस्ट मैच 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला था। इसके बाद उन्हें टेस्ट टीम में लगातार जगह नहीं मिल सकी। घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन जारी रखने के बावजूद वह भारतीय टेस्ट टीम से बाहर रहे। अब साई सुदर्शन की चोट ने उनके लिए एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लौटने का रास्ता खोल दिया है।
सरफराज ने अब तक भारत के लिए सिर्फ 6 टेस्ट मैच खेले हैं। इस दौरान उन्होंने कई मौकों पर अच्छी पारियां खेलकर टीम में अपनी जगह के लिए दावा मजबूत किया था। खास तौर पर घरेलू परिस्थितियों में उनका प्रदर्शन चर्चा में रहा। टेस्ट क्रिकेट में उनके आक्रामक अंदाज और दबाव में रन बनाने की क्षमता को देखते हुए उन्हें टीम में उपयोगी विकल्प माना जाता है। हालांकि श्रीलंका की परिस्थितियां भारत से अलग होंगी और गॉल की पिच पर बल्लेबाजों को स्पिन के खिलाफ धैर्य के साथ खेलना पड़ सकता है।
साई सुदर्शन की गैरमौजूदगी भारतीय टीम के लिए भी एक झटका है। वह हाल के समय में टेस्ट टीम के लिए महत्वपूर्ण विकल्प के तौर पर उभरे हैं। चोट के कारण अब उन्हें सीरीज के शुरुआती मुकाबले से बाहर होना पड़ा है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट के सामने प्लेइंग-11 को लेकर भी कुछ बदलाव करने का विकल्प रहेगा। सरफराज को सीधे अंतिम एकादश में जगह मिलेगी या उन्हें पहले टीम के साथ जुड़कर अपनी बारी का इंतजार करना होगा, यह गॉल टेस्ट से पहले साफ होगा।
सरफराज की टीम में वापसी के बाद घरेलू क्रिकेट में उनके प्रदर्शन की भी चर्चा फिर शुरू हो गई है। भारतीय टीम में जगह बनाने के बाद अब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती मिले मौके को प्रदर्शन में बदलने की होगी। दो साल के अंतराल के बाद इंटरनेशनल टेस्ट क्रिकेट में लौटना आसान नहीं होता, लेकिन टीम के साथ जुड़ने के बाद उनके पास खुद को साबित करने का एक और अवसर रहेगा।
सरफराज खान की दो साल बाद टीम इंडिया में वापसी, साई की जगह मौका
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सरफराज खान की करीब दो साल बाद भारतीय टेस्ट टीम में वापसी हुई है। उन्हें श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए चोटिल साई सुदर्शन के स्थान पर टीम में शामिल किया गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने रविवार शाम इसकी जानकारी दी। साई सुदर्शन के चोटिल होने के बाद टीम में एक बल्लेबाज की जगह खाली हुई थी, जिसमें सरफराज को मौका दिया गया। अब वह श्रीलंका पहुंचकर भारतीय टीम के साथ जुड़ेंगे और गॉल टेस्ट से पहले तैयारियों में हिस्सा लेंगे।
भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट मैच 15 अगस्त से गॉल में खेला जाना है। सरफराज के लिए यह वापसी इसलिए भी अहम है क्योंकि उन्होंने अपना पिछला टेस्ट मैच 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला था। इसके बाद उन्हें टेस्ट टीम में लगातार जगह नहीं मिल सकी। घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन जारी रखने के बावजूद वह भारतीय टेस्ट टीम से बाहर रहे। अब साई सुदर्शन की चोट ने उनके लिए एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लौटने का रास्ता खोल दिया है।
सरफराज ने अब तक भारत के लिए सिर्फ 6 टेस्ट मैच खेले हैं। इस दौरान उन्होंने कई मौकों पर अच्छी पारियां खेलकर टीम में अपनी जगह के लिए दावा मजबूत किया था। खास तौर पर घरेलू परिस्थितियों में उनका प्रदर्शन चर्चा में रहा। टेस्ट क्रिकेट में उनके आक्रामक अंदाज और दबाव में रन बनाने की क्षमता को देखते हुए उन्हें टीम में उपयोगी विकल्प माना जाता है। हालांकि श्रीलंका की परिस्थितियां भारत से अलग होंगी और गॉल की पिच पर बल्लेबाजों को स्पिन के खिलाफ धैर्य के साथ खेलना पड़ सकता है।
साई सुदर्शन की गैरमौजूदगी भारतीय टीम के लिए भी एक झटका है। वह हाल के समय में टेस्ट टीम के लिए महत्वपूर्ण विकल्प के तौर पर उभरे हैं। चोट के कारण अब उन्हें सीरीज के शुरुआती मुकाबले से बाहर होना पड़ा है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट के सामने प्लेइंग-11 को लेकर भी कुछ बदलाव करने का विकल्प रहेगा। सरफराज को सीधे अंतिम एकादश में जगह मिलेगी या उन्हें पहले टीम के साथ जुड़कर अपनी बारी का इंतजार करना होगा, यह गॉल टेस्ट से पहले साफ होगा।
सरफराज की टीम में वापसी के बाद घरेलू क्रिकेट में उनके प्रदर्शन की भी चर्चा फिर शुरू हो गई है। भारतीय टीम में जगह बनाने के बाद अब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती मिले मौके को प्रदर्शन में बदलने की होगी। दो साल के अंतराल के बाद इंटरनेशनल टेस्ट क्रिकेट में लौटना आसान नहीं होता, लेकिन टीम के साथ जुड़ने के बाद उनके पास खुद को साबित करने का एक और अवसर रहेगा।
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