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टेनिस में बढ़ा AI का इस्तेमाल, खिलाड़ी विरोधी की रणनीति समझ रहे
स्पोर्ट्स डेस्क
ट्रेनिंग से लेकर मैच प्लान और निजी कामों तक पहुंचा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कुछ खिलाड़ियों ने इसे उपयोगी माना तो कुछ ने जताई आपत्ति
टेनिस कोर्ट पर अब सिर्फ रैकेट, फिटनेस और कोच की रणनीति ही काम नहीं आती। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI भी खिलाड़ियों की तैयारी का हिस्सा बनता जा रहा है। दुनिया के कई टॉप टेनिस खिलाड़ी इसका इस्तेमाल अपने खेल को समझने, विरोधियों की कमजोरियां तलाशने और ट्रेनिंग से जुड़े फैसले लेने के लिए कर रहे हैं। कुछ खिलाड़ी AI को ऐसा टूल मानते हैं, जो कम समय में काफी ज्यादा जानकारी सामने ला सकता है। वहीं कुछ का मानना है कि तकनीक पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता खिलाड़ियों की अपनी सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
ब्रिटेन की एमा राडुकानू AI का इस्तेमाल सिर्फ टेनिस तक सीमित नहीं रखतीं। वह इतिहास, कला और भाषाओं से जुड़े सवालों के जवाब लेने के लिए भी इसका इस्तेमाल करती हैं। बताया जाता है कि उन्होंने AI की मदद से अपना पर्सनैलिटी एनालिसिस भी कराया था। इसके नतीजे देखकर वह इस बात से हैरान थीं कि तकनीक उनके बारे में कितनी जानकारी जुटाकर उसका विश्लेषण कर सकती है। अमेरिका की जेसिका पेगुला ने बताया कि उनके पति अक्सर विरोधी खिलाड़ियों को लेकर AI से तैयार रिपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं। इन रिपोर्ट्स में किसी खिलाड़ी की तकनीक, खेलने का तरीका और संभावित कमजोरियों को समझने की कोशिश की जाती है।
विरोधी खिलाड़ी की रणनीति पढ़ने में AI का सहारा
टेनिस में किसी खिलाड़ी की सर्विस, फोरहैंड, बैकहैंड, मूवमेंट और दबाव में खेलने का तरीका समझना मैच की तैयारी का अहम हिस्सा होता है। ऐसे में AI बड़ी मात्रा में उपलब्ध वीडियो और आंकड़ों को खंगालकर खिलाड़ियों को अतिरिक्त जानकारी दे सकता है। कनाडा की बियांका आंद्रेस्कू ने भी एक ऐसे विरोधी की रणनीति समझने के लिए AI का इस्तेमाल किया था, जिसके बारे में इंटरनेट पर ज्यादा वीडियो उपलब्ध नहीं थे। सीमित जानकारी के बीच तकनीक से रिसर्च कराने का विकल्प उनके लिए मददगार साबित हुआ। AI का इस्तेमाल केवल विरोधियों का गेम प्लान समझने तक नहीं रुक रहा। कई खिलाड़ी इसे अपने रोजमर्रा के कामों में भी शामिल कर रहे हैं। इगा स्वातेक ईमेल का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए AI की मदद लेती हैं। वहीं एलिना स्वितोलिना ने फैशन से जुड़ी सलाह लेने के लिए भी AI का सहारा लिया। यानी खिलाड़ियों के लिए यह तकनीक धीरे-धीरे ट्रेनिंग टूल से आगे बढ़कर निजी सहायक जैसी भूमिका में भी दिखाई दे रही है।
ATP ने भी शुरू किया AI आधारित प्लेटफॉर्म
टेनिस की प्रोफेशनल दुनिया में भी AI और डेटा एनालिसिस का इस्तेमाल बढ़ रहा है। ATP ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन और उनके शॉट्स की क्वालिटी से जुड़े आंकड़ों को समझने के लिए ‘टेनिस IQ’ प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इसका मकसद खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन से जुड़े डेटा को ज्यादा आसानी से समझने और उसका इस्तेमाल तैयारी में करने में मदद देना है। मैच के दौरान हर शॉट का असर, खिलाड़ी की स्थिति और विरोधी के खिलाफ रणनीति जैसी चीजों को आंकड़ों के जरिए देखना अब पहले की तुलना में आसान हो गया है। कोचिंग टीम भी इस तरह के डेटा से मैच के बाद उन हिस्सों को पहचान सकती है जहां खिलाड़ी ने अच्छा प्रदर्शन किया या जहां सुधार की जरूरत है। हालांकि, AI से मिलने वाली हर सलाह को कोर्ट पर लागू करना आसान नहीं होता।
मेदवेदेव को AI की सलाह लगी किताबी
रूस के दिग्गज खिलाड़ी डेनियल मेदवेदेव ने AI से यह जानने की कोशिश की कि कार्लोस अल्कारेज और यानिक सिनर जैसे खिलाड़ियों को कैसे हराया जा सकता है। लेकिन उनका अनुभव बहुत ज्यादा उत्साह बढ़ाने वाला नहीं रहा। मेदवेदेव के मुताबिक AI से मिली सलाह काफी सामान्य और किताबी थी। उनका मानना था कि कागज पर अच्छी दिखने वाली रणनीति को असल मैच में उसी तरह लागू करना आसान नहीं होता। मेदवेदेव AI को लेकर अपनी आशंकाएं भी जाहिर कर चुके हैं। उनका मानना है कि अगर लोग हर छोटी चीज के लिए तकनीक पर निर्भर होने लगें तो इससे खुद सोचने और मेहनत करने की आदत कम हो सकती है। 2017 की फ्रेंच ओपन चैंपियन येलेना ओस्टापेंको भी AI के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर पूरी तरह सहज नहीं हैं। दूसरी तरफ फ्रांसेस टियाफो अभी भी जानकारी जुटाने के लिए पारंपरिक Google Search को प्राथमिकता देते हैं।
पर्यावरण को लेकर भी उठ रहे सवाल
टेनिस खिलाड़ियों के बीच AI को लेकर बहस केवल खेल की रणनीति तक सीमित नहीं है। इसके पर्यावरणीय असर को लेकर भी कुछ खिलाड़ी सवाल उठा रहे हैं। नाओमी ओसाका और कोको गॉफ जैसे खिलाड़ियों ने AI के पीछे काम करने वाले बड़े सर्वरों में पानी और ऊर्जा की खपत को लेकर चिंता जताई है। AI सिस्टम को चलाने के लिए बड़े डेटा सेंटरों की जरूरत होती है, जहां सर्वर को ठंडा रखने और संचालन के लिए संसाधनों की खपत होती है। इसी वजह से कुछ खिलाड़ी हर छोटे काम के लिए AI इस्तेमाल करने से बचने की बात कर रहे हैं। टेनिस की दुनिया में एक तरफ जहां तकनीक प्रदर्शन का विश्लेषण करने का नया रास्ता खोल रही है, वहीं दूसरी तरफ खिलाड़ी इस सवाल पर भी विचार कर रहे हैं कि इसका इस्तेमाल कितना और किस काम के लिए किया जाना चाहिए।
टेनिस में बढ़ा AI का इस्तेमाल, खिलाड़ी विरोधी की रणनीति समझ रहे
स्पोर्ट्स डेस्क
टेनिस कोर्ट पर अब सिर्फ रैकेट, फिटनेस और कोच की रणनीति ही काम नहीं आती। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI भी खिलाड़ियों की तैयारी का हिस्सा बनता जा रहा है। दुनिया के कई टॉप टेनिस खिलाड़ी इसका इस्तेमाल अपने खेल को समझने, विरोधियों की कमजोरियां तलाशने और ट्रेनिंग से जुड़े फैसले लेने के लिए कर रहे हैं। कुछ खिलाड़ी AI को ऐसा टूल मानते हैं, जो कम समय में काफी ज्यादा जानकारी सामने ला सकता है। वहीं कुछ का मानना है कि तकनीक पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता खिलाड़ियों की अपनी सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
ब्रिटेन की एमा राडुकानू AI का इस्तेमाल सिर्फ टेनिस तक सीमित नहीं रखतीं। वह इतिहास, कला और भाषाओं से जुड़े सवालों के जवाब लेने के लिए भी इसका इस्तेमाल करती हैं। बताया जाता है कि उन्होंने AI की मदद से अपना पर्सनैलिटी एनालिसिस भी कराया था। इसके नतीजे देखकर वह इस बात से हैरान थीं कि तकनीक उनके बारे में कितनी जानकारी जुटाकर उसका विश्लेषण कर सकती है। अमेरिका की जेसिका पेगुला ने बताया कि उनके पति अक्सर विरोधी खिलाड़ियों को लेकर AI से तैयार रिपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं। इन रिपोर्ट्स में किसी खिलाड़ी की तकनीक, खेलने का तरीका और संभावित कमजोरियों को समझने की कोशिश की जाती है।
विरोधी खिलाड़ी की रणनीति पढ़ने में AI का सहारा
टेनिस में किसी खिलाड़ी की सर्विस, फोरहैंड, बैकहैंड, मूवमेंट और दबाव में खेलने का तरीका समझना मैच की तैयारी का अहम हिस्सा होता है। ऐसे में AI बड़ी मात्रा में उपलब्ध वीडियो और आंकड़ों को खंगालकर खिलाड़ियों को अतिरिक्त जानकारी दे सकता है। कनाडा की बियांका आंद्रेस्कू ने भी एक ऐसे विरोधी की रणनीति समझने के लिए AI का इस्तेमाल किया था, जिसके बारे में इंटरनेट पर ज्यादा वीडियो उपलब्ध नहीं थे। सीमित जानकारी के बीच तकनीक से रिसर्च कराने का विकल्प उनके लिए मददगार साबित हुआ। AI का इस्तेमाल केवल विरोधियों का गेम प्लान समझने तक नहीं रुक रहा। कई खिलाड़ी इसे अपने रोजमर्रा के कामों में भी शामिल कर रहे हैं। इगा स्वातेक ईमेल का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए AI की मदद लेती हैं। वहीं एलिना स्वितोलिना ने फैशन से जुड़ी सलाह लेने के लिए भी AI का सहारा लिया। यानी खिलाड़ियों के लिए यह तकनीक धीरे-धीरे ट्रेनिंग टूल से आगे बढ़कर निजी सहायक जैसी भूमिका में भी दिखाई दे रही है।
ATP ने भी शुरू किया AI आधारित प्लेटफॉर्म
टेनिस की प्रोफेशनल दुनिया में भी AI और डेटा एनालिसिस का इस्तेमाल बढ़ रहा है। ATP ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन और उनके शॉट्स की क्वालिटी से जुड़े आंकड़ों को समझने के लिए ‘टेनिस IQ’ प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इसका मकसद खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन से जुड़े डेटा को ज्यादा आसानी से समझने और उसका इस्तेमाल तैयारी में करने में मदद देना है। मैच के दौरान हर शॉट का असर, खिलाड़ी की स्थिति और विरोधी के खिलाफ रणनीति जैसी चीजों को आंकड़ों के जरिए देखना अब पहले की तुलना में आसान हो गया है। कोचिंग टीम भी इस तरह के डेटा से मैच के बाद उन हिस्सों को पहचान सकती है जहां खिलाड़ी ने अच्छा प्रदर्शन किया या जहां सुधार की जरूरत है। हालांकि, AI से मिलने वाली हर सलाह को कोर्ट पर लागू करना आसान नहीं होता।
मेदवेदेव को AI की सलाह लगी किताबी
रूस के दिग्गज खिलाड़ी डेनियल मेदवेदेव ने AI से यह जानने की कोशिश की कि कार्लोस अल्कारेज और यानिक सिनर जैसे खिलाड़ियों को कैसे हराया जा सकता है। लेकिन उनका अनुभव बहुत ज्यादा उत्साह बढ़ाने वाला नहीं रहा। मेदवेदेव के मुताबिक AI से मिली सलाह काफी सामान्य और किताबी थी। उनका मानना था कि कागज पर अच्छी दिखने वाली रणनीति को असल मैच में उसी तरह लागू करना आसान नहीं होता। मेदवेदेव AI को लेकर अपनी आशंकाएं भी जाहिर कर चुके हैं। उनका मानना है कि अगर लोग हर छोटी चीज के लिए तकनीक पर निर्भर होने लगें तो इससे खुद सोचने और मेहनत करने की आदत कम हो सकती है। 2017 की फ्रेंच ओपन चैंपियन येलेना ओस्टापेंको भी AI के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर पूरी तरह सहज नहीं हैं। दूसरी तरफ फ्रांसेस टियाफो अभी भी जानकारी जुटाने के लिए पारंपरिक Google Search को प्राथमिकता देते हैं।
पर्यावरण को लेकर भी उठ रहे सवाल
टेनिस खिलाड़ियों के बीच AI को लेकर बहस केवल खेल की रणनीति तक सीमित नहीं है। इसके पर्यावरणीय असर को लेकर भी कुछ खिलाड़ी सवाल उठा रहे हैं। नाओमी ओसाका और कोको गॉफ जैसे खिलाड़ियों ने AI के पीछे काम करने वाले बड़े सर्वरों में पानी और ऊर्जा की खपत को लेकर चिंता जताई है। AI सिस्टम को चलाने के लिए बड़े डेटा सेंटरों की जरूरत होती है, जहां सर्वर को ठंडा रखने और संचालन के लिए संसाधनों की खपत होती है। इसी वजह से कुछ खिलाड़ी हर छोटे काम के लिए AI इस्तेमाल करने से बचने की बात कर रहे हैं। टेनिस की दुनिया में एक तरफ जहां तकनीक प्रदर्शन का विश्लेषण करने का नया रास्ता खोल रही है, वहीं दूसरी तरफ खिलाड़ी इस सवाल पर भी विचार कर रहे हैं कि इसका इस्तेमाल कितना और किस काम के लिए किया जाना चाहिए।
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