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साउथ अफ्रीका ने पहली बार वर्ल्ड कप नॉकआउट में बनाई जगह
स्पोर्ट्स डेस्क
साउथ कोरिया को 1-0 से हराकर ऐतिहासिक उपलब्धि, मैक्सिको ग्रुप टॉप पर पहुंचा
फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-ए में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। साउथ अफ्रीका ने साउथ कोरिया को 1-0 से हराकर पहली बार वर्ल्ड कप के नॉकआउट चरण में जगह बना ली है। यह जीत टीम के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि इससे पहले वह कभी भी नॉकआउट तक नहीं पहुंच सकी थी। मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल 63वें मिनट में थापेलो मासेको ने किया, जिसने पूरे मुकाबले की दिशा बदल दी। मैच की शुरुआत से ही साउथ अफ्रीका ने आक्रामक रुख अपनाया और शुरुआती मिनटों में ही कोरिया की डिफेंस पर दबाव बना दिया। कई मौकों पर टीम गोल के बेहद करीब पहुंची लेकिन साउथ कोरिया के गोलकीपर किम स्युंगग्यु ने शानदार बचाव करते हुए स्कोर को बराबर बनाए रखा। पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला और कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं हो सकी। दूसरे हाफ में साउथ कोरिया ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए तीन अहम सब्स्टीट्यूशन किए। टीम के स्टार खिलाड़ी सोन ह्युंग-मिन को भी मैदान में उतारा गया, जिससे अटैकिंग गेम और तेज हुआ। कोरिया ने लगातार दबाव बनाने की कोशिश की लेकिन साउथ अफ्रीका की डिफेंस लाइन मजबूत बनी रही। इसी बीच मैच का निर्णायक पल आया जब तेशपांग मोरेमी ने बाएं फ्लैंक से शानदार रन बनाते हुए मासेको को पास दिया और उन्होंने सटीक शॉट लगाकर गोल दाग दिया।
गोल खाने के बाद साउथ कोरिया ने बराबरी के लिए कई प्रयास किए लेकिन साउथ अफ्रीका के गोलकीपर और डिफेंस ने हर कोशिश को नाकाम कर दिया। अंतिम सीटी बजते ही साउथ अफ्रीका की टीम ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली और नॉकआउट में अपनी जगह पक्की कर ली। यह जीत टीम के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई देने वाली मानी जा रही है। ग्रुप-ए के एक अन्य मुकाबले में मेजबान मैक्सिको ने चेक गणराज्य को 3-0 से हराकर ग्रुप में टॉप स्थान हासिल किया। इस जीत के साथ मैक्सिको ने पहली बार ग्रुप स्टेज के तीनों मैच जीतने का रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले टीम का प्रदर्शन मिश्रित रहा था, लेकिन इस बार उसने पूरी तरह दबदबा बनाया। मैक्सिको सिटी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दूसरे हाफ में खेल का रुख पूरी तरह बदल गया। 55वें मिनट में मातेओ चावेज ने पहला गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इसके कुछ ही मिनट बाद 61वें मिनट में जूलियन क्विन्योनेस ने दूसरा गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया। इंजुरी टाइम में अल्वारो फिडाल्गो ने तीसरा गोल कर जीत को पूरी तरह पक्का कर दिया। इस जीत के साथ मैक्सिको ने ग्रुप में अपनी मजबूत स्थिति बना ली। हालांकि मैच के दौरान एक विवाद भी सामने आया। स्टेडियम में कुछ दर्शकों द्वारा समलैंगिक-विरोधी नारा लगाया गया, जिस पर फीफा पहले भी कार्रवाई कर चुका है। यह नारा गोलकीपर के गोल किक के दौरान सुनाई दिया, जिसके बाद एक बार फिर फुटबॉल में दर्शकों के व्यवहार को लेकर चर्चा शुरू हो गई। मैक्सिको फुटबॉल महासंघ लंबे समय से इस तरह की घटनाओं को रोकने के प्रयास कर रहा है, लेकिन पूरी तरह सफलता नहीं मिल पाई है।
इस बीच साउथ अफ्रीका की जीत को फुटबॉल विशेषज्ञ एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देख रहे हैं। टीम ने न केवल मजबूत डिफेंस का प्रदर्शन किया बल्कि मौके का सही इस्तेमाल करते हुए इतिहास रच दिया। अब नॉकआउट चरण में पहुंचने के बाद टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है और आगे के मुकाबलों में उससे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। ग्रुप-ए का यह पूरा दौर फुटबॉल प्रशंसकों के लिए रोमांच और आश्चर्य से भरा रहा, जहां एक तरफ साउथ अफ्रीका ने इतिहास रचा, वहीं मैक्सिको ने अपने मजबूत प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया।
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साउथ अफ्रीका ने पहली बार वर्ल्ड कप नॉकआउट में बनाई जगह
स्पोर्ट्स डेस्क
फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-ए में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। साउथ अफ्रीका ने साउथ कोरिया को 1-0 से हराकर पहली बार वर्ल्ड कप के नॉकआउट चरण में जगह बना ली है। यह जीत टीम के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि इससे पहले वह कभी भी नॉकआउट तक नहीं पहुंच सकी थी। मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल 63वें मिनट में थापेलो मासेको ने किया, जिसने पूरे मुकाबले की दिशा बदल दी। मैच की शुरुआत से ही साउथ अफ्रीका ने आक्रामक रुख अपनाया और शुरुआती मिनटों में ही कोरिया की डिफेंस पर दबाव बना दिया। कई मौकों पर टीम गोल के बेहद करीब पहुंची लेकिन साउथ कोरिया के गोलकीपर किम स्युंगग्यु ने शानदार बचाव करते हुए स्कोर को बराबर बनाए रखा। पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला और कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं हो सकी। दूसरे हाफ में साउथ कोरिया ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए तीन अहम सब्स्टीट्यूशन किए। टीम के स्टार खिलाड़ी सोन ह्युंग-मिन को भी मैदान में उतारा गया, जिससे अटैकिंग गेम और तेज हुआ। कोरिया ने लगातार दबाव बनाने की कोशिश की लेकिन साउथ अफ्रीका की डिफेंस लाइन मजबूत बनी रही। इसी बीच मैच का निर्णायक पल आया जब तेशपांग मोरेमी ने बाएं फ्लैंक से शानदार रन बनाते हुए मासेको को पास दिया और उन्होंने सटीक शॉट लगाकर गोल दाग दिया।
गोल खाने के बाद साउथ कोरिया ने बराबरी के लिए कई प्रयास किए लेकिन साउथ अफ्रीका के गोलकीपर और डिफेंस ने हर कोशिश को नाकाम कर दिया। अंतिम सीटी बजते ही साउथ अफ्रीका की टीम ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली और नॉकआउट में अपनी जगह पक्की कर ली। यह जीत टीम के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई देने वाली मानी जा रही है। ग्रुप-ए के एक अन्य मुकाबले में मेजबान मैक्सिको ने चेक गणराज्य को 3-0 से हराकर ग्रुप में टॉप स्थान हासिल किया। इस जीत के साथ मैक्सिको ने पहली बार ग्रुप स्टेज के तीनों मैच जीतने का रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले टीम का प्रदर्शन मिश्रित रहा था, लेकिन इस बार उसने पूरी तरह दबदबा बनाया। मैक्सिको सिटी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दूसरे हाफ में खेल का रुख पूरी तरह बदल गया। 55वें मिनट में मातेओ चावेज ने पहला गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इसके कुछ ही मिनट बाद 61वें मिनट में जूलियन क्विन्योनेस ने दूसरा गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया। इंजुरी टाइम में अल्वारो फिडाल्गो ने तीसरा गोल कर जीत को पूरी तरह पक्का कर दिया। इस जीत के साथ मैक्सिको ने ग्रुप में अपनी मजबूत स्थिति बना ली। हालांकि मैच के दौरान एक विवाद भी सामने आया। स्टेडियम में कुछ दर्शकों द्वारा समलैंगिक-विरोधी नारा लगाया गया, जिस पर फीफा पहले भी कार्रवाई कर चुका है। यह नारा गोलकीपर के गोल किक के दौरान सुनाई दिया, जिसके बाद एक बार फिर फुटबॉल में दर्शकों के व्यवहार को लेकर चर्चा शुरू हो गई। मैक्सिको फुटबॉल महासंघ लंबे समय से इस तरह की घटनाओं को रोकने के प्रयास कर रहा है, लेकिन पूरी तरह सफलता नहीं मिल पाई है।
इस बीच साउथ अफ्रीका की जीत को फुटबॉल विशेषज्ञ एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देख रहे हैं। टीम ने न केवल मजबूत डिफेंस का प्रदर्शन किया बल्कि मौके का सही इस्तेमाल करते हुए इतिहास रच दिया। अब नॉकआउट चरण में पहुंचने के बाद टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है और आगे के मुकाबलों में उससे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। ग्रुप-ए का यह पूरा दौर फुटबॉल प्रशंसकों के लिए रोमांच और आश्चर्य से भरा रहा, जहां एक तरफ साउथ अफ्रीका ने इतिहास रचा, वहीं मैक्सिको ने अपने मजबूत प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया।
