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अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में 10% आरक्षण, 500 करोड़ का AI मिशन मंजूर
रायपुर (छ.ग.)
रायपुर में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सीएम विष्णु देव साय ने शिक्षक भर्ती, खेल प्रतिभाओं और तकनीक को लेकर कई बड़े ऐलान किए
रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में शनिवार सुबह स्वतंत्रता दिवस का राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। समारोह में बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के संबोधन में इस बार युवाओं, रोजगार, सुरक्षा व्यवस्था और नई तकनीक पर खास जोर दिखाई दिया। सीएम साय ने ऐलान किया कि छत्तीसगढ़ में पुलिस भर्ती के दौरान अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। सरकार के इस फैसले से सेना में सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए राज्य पुलिस में भर्ती का रास्ता आसान होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने शिक्षक भर्ती को लेकर भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में भर्ती की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा और युवाओं को सरकारी सेवा में अवसर देने पर सरकार का फोकस रहेगा। समारोह में खेल के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने वाली ज्ञानेश्वरी यादव का भी जिक्र हुआ।
कॉमनवेल्थ प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीतने वाली ज्ञानेश्वरी को पुलिस विभाग में DSP बनाने की घोषणा मुख्यमंत्री ने की। इस ऐलान के बाद समारोह स्थल पर मौजूद लोगों में भी उत्साह देखने को मिला। सरकार की ओर से खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर सुविधाएं और सम्मान मिलना जरूरी है। खासकर अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में अवसर देने से दूसरे युवाओं को भी खेल के क्षेत्र में आगे आने की प्रेरणा मिलेगी। ज्ञानेश्वरी यादव की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए सीएम ने साफ किया कि प्रदेश सरकार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के साथ खड़ी है। शिक्षक भर्ती और पुलिस भर्ती से जुड़े ऐलानों के बीच रोजगार का मुद्दा भी समारोह के भाषण में प्रमुख रहा।
इस स्वतंत्रता दिवस समारोह में तकनीक को लेकर भी सरकार ने बड़ा ऐलान किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ रुपए के AI मिशन को मंजूरी देने की बात कही। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए प्रदेश स्तर पर काम किया जाएगा। सरकार की योजना प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और युवाओं से जुड़े क्षेत्रों में नई तकनीक का उपयोग बढ़ाने की है। AI मिशन के जरिए राज्य में तकनीकी क्षमता विकसित करने, युवाओं को नए दौर की स्किल से जोड़ने और सरकारी कामकाज में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री के संबोधन में इस बात पर भी जोर रहा कि आने वाले समय में रोजगार की प्रकृति तेजी से बदल रही है, ऐसे में युवाओं को पारंपरिक पढ़ाई के साथ नई तकनीक की जानकारी भी देनी होगी। कार्यक्रम में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी भी खास रही।
कुल 17 टोलियों ने परेड में हिस्सा लिया और मुख्यमंत्री को सलामी दी। BSF, CRPF, ITBP, CISF और SSB की टुकड़ियों ने परेड में भाग लिया। इस बार बिहार पुलिस की टुकड़ी भी समारोह का हिस्सा बनी। अलग-अलग सुरक्षा बलों के जवानों की कदमताल के दौरान मैदान में देशभक्ति का माहौल बना रहा। सुबह से ही पुलिस परेड ग्राउंड के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी। समारोह में प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य सरकार की ओर से आने वाले समय की प्राथमिकताओं को भी सामने रखा गया। अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में आरक्षण देने का फैसला जहां पूर्व सैनिकों के लिए रोजगार के अवसर से जुड़ा है, वहीं 500 करोड़ रुपए का AI मिशन छत्तीसगढ़ को तकनीकी क्षेत्र में आगे ले जाने की सरकार की योजना का हिस्सा बताया गया।
शिक्षक भर्ती और खिलाड़ियों को सरकारी जिम्मेदारी देने की घोषणाओं के साथ मुख्यमंत्री ने युवाओं को केंद्र में रखकर कई मुद्दे सामने रखे। कॉमनवेल्थ में रजत पदक जीतने वाली ज्ञानेश्वरी यादव को DSP बनाने की घोषणा भी इसी कड़ी में हुई। समारोह में परेड की तैयारियां सुबह से चल रही थीं और अलग-अलग टुकड़ियों ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हिस्सा लिया। रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने तिरंगा फहराया और प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में 10% आरक्षण, 500 करोड़ का AI मिशन मंजूर
रायपुर (छ.ग.)
रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में शनिवार सुबह स्वतंत्रता दिवस का राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। समारोह में बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के संबोधन में इस बार युवाओं, रोजगार, सुरक्षा व्यवस्था और नई तकनीक पर खास जोर दिखाई दिया। सीएम साय ने ऐलान किया कि छत्तीसगढ़ में पुलिस भर्ती के दौरान अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। सरकार के इस फैसले से सेना में सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए राज्य पुलिस में भर्ती का रास्ता आसान होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने शिक्षक भर्ती को लेकर भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में भर्ती की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा और युवाओं को सरकारी सेवा में अवसर देने पर सरकार का फोकस रहेगा। समारोह में खेल के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने वाली ज्ञानेश्वरी यादव का भी जिक्र हुआ।
कॉमनवेल्थ प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीतने वाली ज्ञानेश्वरी को पुलिस विभाग में DSP बनाने की घोषणा मुख्यमंत्री ने की। इस ऐलान के बाद समारोह स्थल पर मौजूद लोगों में भी उत्साह देखने को मिला। सरकार की ओर से खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर सुविधाएं और सम्मान मिलना जरूरी है। खासकर अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में अवसर देने से दूसरे युवाओं को भी खेल के क्षेत्र में आगे आने की प्रेरणा मिलेगी। ज्ञानेश्वरी यादव की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए सीएम ने साफ किया कि प्रदेश सरकार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के साथ खड़ी है। शिक्षक भर्ती और पुलिस भर्ती से जुड़े ऐलानों के बीच रोजगार का मुद्दा भी समारोह के भाषण में प्रमुख रहा।
इस स्वतंत्रता दिवस समारोह में तकनीक को लेकर भी सरकार ने बड़ा ऐलान किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ रुपए के AI मिशन को मंजूरी देने की बात कही। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए प्रदेश स्तर पर काम किया जाएगा। सरकार की योजना प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और युवाओं से जुड़े क्षेत्रों में नई तकनीक का उपयोग बढ़ाने की है। AI मिशन के जरिए राज्य में तकनीकी क्षमता विकसित करने, युवाओं को नए दौर की स्किल से जोड़ने और सरकारी कामकाज में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री के संबोधन में इस बात पर भी जोर रहा कि आने वाले समय में रोजगार की प्रकृति तेजी से बदल रही है, ऐसे में युवाओं को पारंपरिक पढ़ाई के साथ नई तकनीक की जानकारी भी देनी होगी। कार्यक्रम में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी भी खास रही।
कुल 17 टोलियों ने परेड में हिस्सा लिया और मुख्यमंत्री को सलामी दी। BSF, CRPF, ITBP, CISF और SSB की टुकड़ियों ने परेड में भाग लिया। इस बार बिहार पुलिस की टुकड़ी भी समारोह का हिस्सा बनी। अलग-अलग सुरक्षा बलों के जवानों की कदमताल के दौरान मैदान में देशभक्ति का माहौल बना रहा। सुबह से ही पुलिस परेड ग्राउंड के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी। समारोह में प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य सरकार की ओर से आने वाले समय की प्राथमिकताओं को भी सामने रखा गया। अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में आरक्षण देने का फैसला जहां पूर्व सैनिकों के लिए रोजगार के अवसर से जुड़ा है, वहीं 500 करोड़ रुपए का AI मिशन छत्तीसगढ़ को तकनीकी क्षेत्र में आगे ले जाने की सरकार की योजना का हिस्सा बताया गया।
शिक्षक भर्ती और खिलाड़ियों को सरकारी जिम्मेदारी देने की घोषणाओं के साथ मुख्यमंत्री ने युवाओं को केंद्र में रखकर कई मुद्दे सामने रखे। कॉमनवेल्थ में रजत पदक जीतने वाली ज्ञानेश्वरी यादव को DSP बनाने की घोषणा भी इसी कड़ी में हुई। समारोह में परेड की तैयारियां सुबह से चल रही थीं और अलग-अलग टुकड़ियों ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हिस्सा लिया। रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने तिरंगा फहराया और प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
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