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भोपाल मेट्रो का नया शेड्यूल: रविवार को 70 फेरे, 15 मिनट में ट्रेन
भोपाल (म.प्र.)
17 अगस्त से बदली समय-सारणी लागू होगी, सोमवार से शनिवार 62 और रविवार व सार्वजनिक अवकाश पर 70 फेरे लगाएगी मेट्रो
भोपाल में मेट्रो सेवा की समय-सारणी एक बार फिर बदली जा रही है। 17 अगस्त से लागू होने वाले नए शेड्यूल में रविवार और सार्वजनिक अवकाश के दिन ट्रेनों के फेरे बढ़ाए जाएंगे। इन दिनों सुभाष नगर से एम्स के बीच कुल 70 फेरे लगाए जाएंगे, जबकि यात्रियों को हर 15 मिनट में मेट्रो उपलब्ध कराने की व्यवस्था रहेगी। सप्ताह के सामान्य दिनों में दोनों दिशाओं को मिलाकर 62 फेरे चलेंगे। मेट्रो प्रबंधन ने यह बदलाव यात्रियों की आवाजाही और मौजूदा मांग को ध्यान में रखकर किया है। भोपाल में मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद परिचालन समय में पहले भी बदलाव किए जा चुके हैं। शुरुआती समय में सुबह जल्दी सेवा शुरू की गई थी, लेकिन उस दौरान यात्रियों की संख्या अपेक्षा के मुताबिक नहीं रही। अब सुबह की शुरुआत कुछ देर से होगी और छुट्टी वाले दिनों में सेवा रात तक जारी रहेगी। इससे रविवार को शहर में आने-जाने वाले लोगों को पहले की तुलना में ज्यादा समय तक सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिलेगा।
नई समय-सारणी में सोमवार से शनिवार तक मेट्रो सेवा सुबह 11.30 बजे शुरू होगी। सुभाष नगर स्टेशन से पहली ट्रेन इसी समय रवाना होगी, जबकि एम्स स्टेशन से पहली मेट्रो दोपहर 12 बजे चलेगी। सामान्य दिनों में सेवा शाम तक जारी रहेगी। सुभाष नगर से आखिरी ट्रेन शाम 7 बजे और एम्स से अंतिम ट्रेन शाम 7.30 बजे रवाना होगी। इस दौरान दोनों दिशाओं को मिलाकर 62 फेरे निर्धारित किए गए हैं। प्रबंधन के अनुसार, ट्रेनों के बीच करीब 15 मिनट का अंतर रखा जाएगा। यानी यात्रियों को किसी एक ट्रेन के छूट जाने के बाद अगली ट्रेन के लिए बहुत ज्यादा देर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। खास बात यह है कि पूरे परिचालन समय में अंतराल को लगभग समान रखने की कोशिश की जाएगी। इससे मेट्रो का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए यात्रा की योजना बनाना आसान हो सकता है। सुभाष नगर और एम्स के बीच मेट्रो का संचालन दोनों ट्रैक पर हो रहा है और इसी मार्ग पर यात्रियों को नियमित सेवा दी जा रही है।
रविवार और सार्वजनिक अवकाश के दिन व्यवस्था थोड़ी अलग होगी। इन दिनों मेट्रो सुबह 11.30 बजे से रात 8.30 बजे तक उपलब्ध रहेगी। सुभाष नगर से अंतिम ट्रेन रात 8 बजे और एम्स स्टेशन से आखिरी मेट्रो रात 8.30 बजे रवाना होगी। छुट्टी वाले दिनों में कुल 70 फेरे लगाए जाएंगे। सामान्य दिनों के मुकाबले यह आठ फेरे ज्यादा होंगे। प्रबंधन ने छुट्टी के दिन सेवा का समय बढ़ाने का फैसला संभवतः इस बात को ध्यान में रखते हुए किया है कि रविवार को शहर में लोगों की आवाजाही का पैटर्न अलग रहता है। कई लोग खरीदारी, घूमने, निजी काम या परिवार के साथ बाहर निकलते हैं। ऐसे में शाम के समय मेट्रो सेवा उपलब्ध रहने से सड़क परिवहन पर निर्भरता कुछ कम हो सकती है। रात 8.30 बजे तक एम्स से ट्रेन मिलने का मतलब है कि यात्रियों को छुट्टी वाले दिन शाम के बाद भी मेट्रो का विकल्प मिलेगा। 15 मिनट का अंतराल बनाए रखने की व्यवस्था भी इसी दौरान लागू रहेगी।
भोपाल मेट्रो की समय-सारणी में बदलाव का एक कारण यात्रियों की वास्तविक संख्या भी रही है। मेट्रो शुरू होने के शुरुआती दौर में सुबह 9.30 बजे से सेवा चलाने का प्रावधान था। लेकिन सुबह के उस समय यात्रियों की संख्या कम रहने के कारण परिचालन में बदलाव किया गया। अब प्रबंधन ने सेवा शुरू करने का समय आगे कर दिया है। यह बदलाव इस बात का संकेत है कि मेट्रो का परिचालन यात्रियों की मांग के हिसाब से तय किया जा रहा है। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में ट्रेन चलाने का समय और फेरे तय करते समय यात्रियों की संख्या का काफी महत्व होता है। बहुत कम मांग वाले समय में अतिरिक्त फेरे चलाने से परिचालन लागत बढ़ सकती है, जबकि अधिक भीड़ वाले समय में पर्याप्त ट्रेन न होने पर यात्रियों को परेशानी होती है। नई समय-सारणी में इसी संतुलन को साधने की कोशिश की गई है। सप्ताह के दिनों में सीमित फेरे और रविवार तथा सार्वजनिक अवकाश पर ज्यादा फेरे रखने से अलग-अलग दिनों की मांग के अनुसार सेवा उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।
नई व्यवस्था के तहत यात्रियों को सबसे बड़ा बदलाव रविवार और सार्वजनिक अवकाश वाले दिनों में दिखाई देगा। पहले की तुलना में इन दिनों सेवा ज्यादा देर तक चलेगी और फेरे भी बढ़ेंगे। हालांकि सुबह की शुरुआत 11.30 बजे ही होगी। यानी मेट्रो का परिचालन देर रात तक नहीं रहेगा, लेकिन शाम के समय यात्रियों के लिए विकल्प पहले से लंबा होगा। सुभाष नगर और एम्स के बीच चलने वाली मेट्रो फिलहाल भोपाल की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रही है। दोनों ट्रैक पर परिचालन होने से यात्रियों को आने-जाने में सुविधा मिल रही है। मेट्रो के विस्तार के साथ भविष्य में यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है, ऐसे में समय-सारणी में भी आगे बदलाव हो सकते हैं। फिलहाल 17 अगस्त से लागू होने वाला नया शेड्यूल यात्रियों को सप्ताह के अलग-अलग दिनों में अलग परिचालन समय देगा। सामान्य दिनों में 62 फेरे और छुट्टी के दिनों में 70 फेरे निर्धारित किए गए हैं।
मेट्रो प्रबंधन की नई व्यवस्था में सबसे ज्यादा जोर नियमित अंतराल पर ट्रेन उपलब्ध कराने पर है। हर 15 मिनट में ट्रेन मिलने से यात्रियों को समय की योजना बनाने में सुविधा हो सकती है। खासकर उन लोगों के लिए यह व्यवस्था उपयोगी होगी, जो रोजाना मेट्रो से सफर करते हैं और उन्हें ट्रेन के लिए लंबे समय तक स्टेशन पर रुकना नहीं पड़ता। रविवार और सार्वजनिक अवकाश पर रात 8.30 बजे तक सेवा मिलने से शाम के यात्रियों को भी राहत मिलेगी। वहीं सामान्य दिनों में सुभाष नगर से शाम 7 बजे और एम्स से 7.30 बजे आखिरी ट्रेन रवाना होगी। नई समय-सारणी 17 अगस्त से लागू होगी और इसके बाद यात्रियों को इसी के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनानी होगी।
भोपाल मेट्रो का नया शेड्यूल: रविवार को 70 फेरे, 15 मिनट में ट्रेन
भोपाल (म.प्र.)
भोपाल में मेट्रो सेवा की समय-सारणी एक बार फिर बदली जा रही है। 17 अगस्त से लागू होने वाले नए शेड्यूल में रविवार और सार्वजनिक अवकाश के दिन ट्रेनों के फेरे बढ़ाए जाएंगे। इन दिनों सुभाष नगर से एम्स के बीच कुल 70 फेरे लगाए जाएंगे, जबकि यात्रियों को हर 15 मिनट में मेट्रो उपलब्ध कराने की व्यवस्था रहेगी। सप्ताह के सामान्य दिनों में दोनों दिशाओं को मिलाकर 62 फेरे चलेंगे। मेट्रो प्रबंधन ने यह बदलाव यात्रियों की आवाजाही और मौजूदा मांग को ध्यान में रखकर किया है। भोपाल में मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद परिचालन समय में पहले भी बदलाव किए जा चुके हैं। शुरुआती समय में सुबह जल्दी सेवा शुरू की गई थी, लेकिन उस दौरान यात्रियों की संख्या अपेक्षा के मुताबिक नहीं रही। अब सुबह की शुरुआत कुछ देर से होगी और छुट्टी वाले दिनों में सेवा रात तक जारी रहेगी। इससे रविवार को शहर में आने-जाने वाले लोगों को पहले की तुलना में ज्यादा समय तक सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिलेगा।
नई समय-सारणी में सोमवार से शनिवार तक मेट्रो सेवा सुबह 11.30 बजे शुरू होगी। सुभाष नगर स्टेशन से पहली ट्रेन इसी समय रवाना होगी, जबकि एम्स स्टेशन से पहली मेट्रो दोपहर 12 बजे चलेगी। सामान्य दिनों में सेवा शाम तक जारी रहेगी। सुभाष नगर से आखिरी ट्रेन शाम 7 बजे और एम्स से अंतिम ट्रेन शाम 7.30 बजे रवाना होगी। इस दौरान दोनों दिशाओं को मिलाकर 62 फेरे निर्धारित किए गए हैं। प्रबंधन के अनुसार, ट्रेनों के बीच करीब 15 मिनट का अंतर रखा जाएगा। यानी यात्रियों को किसी एक ट्रेन के छूट जाने के बाद अगली ट्रेन के लिए बहुत ज्यादा देर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। खास बात यह है कि पूरे परिचालन समय में अंतराल को लगभग समान रखने की कोशिश की जाएगी। इससे मेट्रो का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए यात्रा की योजना बनाना आसान हो सकता है। सुभाष नगर और एम्स के बीच मेट्रो का संचालन दोनों ट्रैक पर हो रहा है और इसी मार्ग पर यात्रियों को नियमित सेवा दी जा रही है।
रविवार और सार्वजनिक अवकाश के दिन व्यवस्था थोड़ी अलग होगी। इन दिनों मेट्रो सुबह 11.30 बजे से रात 8.30 बजे तक उपलब्ध रहेगी। सुभाष नगर से अंतिम ट्रेन रात 8 बजे और एम्स स्टेशन से आखिरी मेट्रो रात 8.30 बजे रवाना होगी। छुट्टी वाले दिनों में कुल 70 फेरे लगाए जाएंगे। सामान्य दिनों के मुकाबले यह आठ फेरे ज्यादा होंगे। प्रबंधन ने छुट्टी के दिन सेवा का समय बढ़ाने का फैसला संभवतः इस बात को ध्यान में रखते हुए किया है कि रविवार को शहर में लोगों की आवाजाही का पैटर्न अलग रहता है। कई लोग खरीदारी, घूमने, निजी काम या परिवार के साथ बाहर निकलते हैं। ऐसे में शाम के समय मेट्रो सेवा उपलब्ध रहने से सड़क परिवहन पर निर्भरता कुछ कम हो सकती है। रात 8.30 बजे तक एम्स से ट्रेन मिलने का मतलब है कि यात्रियों को छुट्टी वाले दिन शाम के बाद भी मेट्रो का विकल्प मिलेगा। 15 मिनट का अंतराल बनाए रखने की व्यवस्था भी इसी दौरान लागू रहेगी।
भोपाल मेट्रो की समय-सारणी में बदलाव का एक कारण यात्रियों की वास्तविक संख्या भी रही है। मेट्रो शुरू होने के शुरुआती दौर में सुबह 9.30 बजे से सेवा चलाने का प्रावधान था। लेकिन सुबह के उस समय यात्रियों की संख्या कम रहने के कारण परिचालन में बदलाव किया गया। अब प्रबंधन ने सेवा शुरू करने का समय आगे कर दिया है। यह बदलाव इस बात का संकेत है कि मेट्रो का परिचालन यात्रियों की मांग के हिसाब से तय किया जा रहा है। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में ट्रेन चलाने का समय और फेरे तय करते समय यात्रियों की संख्या का काफी महत्व होता है। बहुत कम मांग वाले समय में अतिरिक्त फेरे चलाने से परिचालन लागत बढ़ सकती है, जबकि अधिक भीड़ वाले समय में पर्याप्त ट्रेन न होने पर यात्रियों को परेशानी होती है। नई समय-सारणी में इसी संतुलन को साधने की कोशिश की गई है। सप्ताह के दिनों में सीमित फेरे और रविवार तथा सार्वजनिक अवकाश पर ज्यादा फेरे रखने से अलग-अलग दिनों की मांग के अनुसार सेवा उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।
नई व्यवस्था के तहत यात्रियों को सबसे बड़ा बदलाव रविवार और सार्वजनिक अवकाश वाले दिनों में दिखाई देगा। पहले की तुलना में इन दिनों सेवा ज्यादा देर तक चलेगी और फेरे भी बढ़ेंगे। हालांकि सुबह की शुरुआत 11.30 बजे ही होगी। यानी मेट्रो का परिचालन देर रात तक नहीं रहेगा, लेकिन शाम के समय यात्रियों के लिए विकल्प पहले से लंबा होगा। सुभाष नगर और एम्स के बीच चलने वाली मेट्रो फिलहाल भोपाल की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रही है। दोनों ट्रैक पर परिचालन होने से यात्रियों को आने-जाने में सुविधा मिल रही है। मेट्रो के विस्तार के साथ भविष्य में यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है, ऐसे में समय-सारणी में भी आगे बदलाव हो सकते हैं। फिलहाल 17 अगस्त से लागू होने वाला नया शेड्यूल यात्रियों को सप्ताह के अलग-अलग दिनों में अलग परिचालन समय देगा। सामान्य दिनों में 62 फेरे और छुट्टी के दिनों में 70 फेरे निर्धारित किए गए हैं।
मेट्रो प्रबंधन की नई व्यवस्था में सबसे ज्यादा जोर नियमित अंतराल पर ट्रेन उपलब्ध कराने पर है। हर 15 मिनट में ट्रेन मिलने से यात्रियों को समय की योजना बनाने में सुविधा हो सकती है। खासकर उन लोगों के लिए यह व्यवस्था उपयोगी होगी, जो रोजाना मेट्रो से सफर करते हैं और उन्हें ट्रेन के लिए लंबे समय तक स्टेशन पर रुकना नहीं पड़ता। रविवार और सार्वजनिक अवकाश पर रात 8.30 बजे तक सेवा मिलने से शाम के यात्रियों को भी राहत मिलेगी। वहीं सामान्य दिनों में सुभाष नगर से शाम 7 बजे और एम्स से 7.30 बजे आखिरी ट्रेन रवाना होगी। नई समय-सारणी 17 अगस्त से लागू होगी और इसके बाद यात्रियों को इसी के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनानी होगी।
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