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खजाना मिलने का झांसा देकर बेचते थे नकली सोना, 5 ठग गिरफ्तार
Digital Desk
ग्रामीणों को आधी कीमत में सोना देने का लालच, पुलिस ने नकली बिस्किट, कार और मोबाइल किए जब्त
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में खजाना मिलने की कहानी सुनाकर लोगों से ठगी करने वाले एक गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। उतई थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो ग्रामीण और मजदूर वर्ग के लोगों को जमीन में दबा खजाना मिलने की झूठी कहानी सुनाकर अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद वे नकली धातु से तैयार किए गए सोने जैसे दिखने वाले बिस्किट को असली सोना बताकर सस्ते दाम में बेचने का लालच देते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने जैसे दिखने वाले नकली धातु के बिस्किट, एक नकली सिक्का, कार, मोबाइल फोन और अन्य सामान जब्त किया है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब बोरसी निवासी मजदूर जीतेंद्र साहू ने पुलिस को शिकायत दी। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने पहले जीतेंद्र को अपने झांसे में लिया और उसे करीब 10 हजार रुपए में सोने जैसा दिखने वाला एक बिस्किट बेच दिया। इसके बाद उन्होंने दावा किया कि उनके पास और भी सोना मौजूद है, जो जमीन में दबे एक पुराने खजाने से मिला है। आरोपियों ने कहा कि यदि वह चाहे तो बाजार भाव से आधी कीमत में यह सोना खरीद सकता है। शुरुआत में जीतेंद्र को उनकी बातों पर भरोसा हो गया, लेकिन बाद में उसे संदेह हुआ। शक होने पर उसने मामले की जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद जांच शुरू की गई।
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि गिरोह के सदस्य लंबे समय से इसी तरीके से लोगों को ठग रहे थे। पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके पास से करीब 1 किलो 242 ग्राम वजन का सोने जैसा दिखने वाला नकली मेटल बरामद किया गया। इसके अलावा एक नकली सिक्का और वारदात में इस्तेमाल की गई वैगनआर कार भी जब्त की गई। पुलिस का कहना है कि बरामद सामग्री का इस्तेमाल लोगों को असली सोना होने का विश्वास दिलाने के लिए किया जाता था।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी किसी सुनसान स्थान या गांव में लोगों से संपर्क करते थे। बातचीत के दौरान वे बताते थे कि खेत या पुराने मकान की खुदाई में उन्हें एक हांडी मिली, जिसमें सोने के बिस्किट और पुराने सिक्के रखे थे। कई बार वे यह भी दावा करते थे कि खजाना मिलने की बात प्रशासन को पता चल गई तो सारा सामान जब्त हो जाएगा, इसलिए वे इसे जल्दी और सस्ते में बेचना चाहते हैं। इस कहानी के जरिए वे लोगों की सहानुभूति और लालच दोनों का फायदा उठाते थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी खुद ही विभिन्न धातुओं को मिलाकर सोने जैसा दिखने वाला नकली मेटल तैयार करते थे। बाद में उसे चमकदार बनाकर इस तरह तैयार किया जाता था कि पहली नजर में वह असली सोने जैसा दिखाई दे। कई मामलों में आरोपी लोगों को छोटे-छोटे टुकड़े दिखाकर भरोसा दिलाते थे और फिर बड़ी रकम लेकर नकली बिस्किट थमा देते थे। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग और कम पढ़े-लिखे व्यक्ति अक्सर इनके निशाने पर होते थे।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरफ्तार आरोपियों में शामिल पन्नालाल पहले भी इसी तरह के मामलों में संलिप्त रहा है। वहीं आरोपी दिनेश कुमार टंडन के खिलाफ मारपीट और संपत्ति से जुड़े अपराध दर्ज होने की जानकारी भी पुलिस को मिली है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उन्होंने प्रदेश के अन्य जिलों में भी इस तरह की ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं।
पुलिस को आशंका है कि गिरोह का नेटवर्क कई क्षेत्रों तक फैला हो सकता है। पूछताछ में कुछ और नाम भी सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि नकली सोना तैयार करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली धातुएं कहां से लाई जाती थीं और इस काम में कौन-कौन लोग शामिल थे। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
एएसपी ग्रामीण मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि आरोपियों से बरामद नकली सोने जैसे धातु के बिस्किट को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। लैब रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि इसमें किन धातुओं का इस्तेमाल किया गया था। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि इसे असली सोने जैसा दिखाने के लिए किस प्रकार की प्रक्रिया अपनाई गई थी। पुलिस का मानना है कि तकनीकी जांच से गिरोह के काम करने के तरीके के बारे में और जानकारी मिल सकती है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति जमीन में खजाना मिलने या बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर सोना बेचने का दावा करे तो उसकी बातों में न आएं। ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस को सूचना दें। अधिकारियों का कहना है कि कम समय में अधिक फायदा कमाने की चाहत ही ऐसे ठगों की सबसे बड़ी ताकत बनती है।
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खजाना मिलने का झांसा देकर बेचते थे नकली सोना, 5 ठग गिरफ्तार
Digital Desk
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में खजाना मिलने की कहानी सुनाकर लोगों से ठगी करने वाले एक गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। उतई थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो ग्रामीण और मजदूर वर्ग के लोगों को जमीन में दबा खजाना मिलने की झूठी कहानी सुनाकर अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद वे नकली धातु से तैयार किए गए सोने जैसे दिखने वाले बिस्किट को असली सोना बताकर सस्ते दाम में बेचने का लालच देते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने जैसे दिखने वाले नकली धातु के बिस्किट, एक नकली सिक्का, कार, मोबाइल फोन और अन्य सामान जब्त किया है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब बोरसी निवासी मजदूर जीतेंद्र साहू ने पुलिस को शिकायत दी। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने पहले जीतेंद्र को अपने झांसे में लिया और उसे करीब 10 हजार रुपए में सोने जैसा दिखने वाला एक बिस्किट बेच दिया। इसके बाद उन्होंने दावा किया कि उनके पास और भी सोना मौजूद है, जो जमीन में दबे एक पुराने खजाने से मिला है। आरोपियों ने कहा कि यदि वह चाहे तो बाजार भाव से आधी कीमत में यह सोना खरीद सकता है। शुरुआत में जीतेंद्र को उनकी बातों पर भरोसा हो गया, लेकिन बाद में उसे संदेह हुआ। शक होने पर उसने मामले की जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद जांच शुरू की गई।
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि गिरोह के सदस्य लंबे समय से इसी तरीके से लोगों को ठग रहे थे। पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके पास से करीब 1 किलो 242 ग्राम वजन का सोने जैसा दिखने वाला नकली मेटल बरामद किया गया। इसके अलावा एक नकली सिक्का और वारदात में इस्तेमाल की गई वैगनआर कार भी जब्त की गई। पुलिस का कहना है कि बरामद सामग्री का इस्तेमाल लोगों को असली सोना होने का विश्वास दिलाने के लिए किया जाता था।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी किसी सुनसान स्थान या गांव में लोगों से संपर्क करते थे। बातचीत के दौरान वे बताते थे कि खेत या पुराने मकान की खुदाई में उन्हें एक हांडी मिली, जिसमें सोने के बिस्किट और पुराने सिक्के रखे थे। कई बार वे यह भी दावा करते थे कि खजाना मिलने की बात प्रशासन को पता चल गई तो सारा सामान जब्त हो जाएगा, इसलिए वे इसे जल्दी और सस्ते में बेचना चाहते हैं। इस कहानी के जरिए वे लोगों की सहानुभूति और लालच दोनों का फायदा उठाते थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी खुद ही विभिन्न धातुओं को मिलाकर सोने जैसा दिखने वाला नकली मेटल तैयार करते थे। बाद में उसे चमकदार बनाकर इस तरह तैयार किया जाता था कि पहली नजर में वह असली सोने जैसा दिखाई दे। कई मामलों में आरोपी लोगों को छोटे-छोटे टुकड़े दिखाकर भरोसा दिलाते थे और फिर बड़ी रकम लेकर नकली बिस्किट थमा देते थे। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग और कम पढ़े-लिखे व्यक्ति अक्सर इनके निशाने पर होते थे।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरफ्तार आरोपियों में शामिल पन्नालाल पहले भी इसी तरह के मामलों में संलिप्त रहा है। वहीं आरोपी दिनेश कुमार टंडन के खिलाफ मारपीट और संपत्ति से जुड़े अपराध दर्ज होने की जानकारी भी पुलिस को मिली है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उन्होंने प्रदेश के अन्य जिलों में भी इस तरह की ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं।
पुलिस को आशंका है कि गिरोह का नेटवर्क कई क्षेत्रों तक फैला हो सकता है। पूछताछ में कुछ और नाम भी सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि नकली सोना तैयार करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली धातुएं कहां से लाई जाती थीं और इस काम में कौन-कौन लोग शामिल थे। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
एएसपी ग्रामीण मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि आरोपियों से बरामद नकली सोने जैसे धातु के बिस्किट को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। लैब रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि इसमें किन धातुओं का इस्तेमाल किया गया था। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि इसे असली सोने जैसा दिखाने के लिए किस प्रकार की प्रक्रिया अपनाई गई थी। पुलिस का मानना है कि तकनीकी जांच से गिरोह के काम करने के तरीके के बारे में और जानकारी मिल सकती है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति जमीन में खजाना मिलने या बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर सोना बेचने का दावा करे तो उसकी बातों में न आएं। ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस को सूचना दें। अधिकारियों का कहना है कि कम समय में अधिक फायदा कमाने की चाहत ही ऐसे ठगों की सबसे बड़ी ताकत बनती है।
