लखनऊ रेल मंडल में ऑटोमेटिक सिग्नलिंग का काम: रायपुर मंडल की दो ट्रेनों का रूट बदला जाएगा

रायपुर (छ.ग.)

On

26 फरवरी को ब्लॉक में नॉन इंटरलॉकिंग के तहत तकनीकी कार्य, गोंदिया-बरौनी और दुर्ग-नौतनवा एक्सप्रेस प्रभावित

उत्तर रेलवे ने लखनऊ रेल मंडल में ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सुधार के लिए 26 फरवरी को ब्लॉक लेकर नॉन इंटरलॉकिंग तकनीकी कार्य करने की घोषणा की है। इस कारण रायपुर मंडल से चलने वाली दो प्रमुख ट्रेनों—15232 गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस और 18201 दुर्ग–नौतनवा एक्सप्रेस—को उनके नियमित मार्ग के बजाय वैकल्पिक मार्ग से चलाया जाएगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जांच करने की अपील की है।

रेलवे के अनुसार, गाड़ी संख्या 15232 गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस 25 फरवरी को अब चुनार–प्रयागराज–फाफामऊ–जंघई–जौनपुर मार्ग से संचालित होगी। वहीं, 18201 दुर्ग–नौतनवा एक्सप्रेस प्रयागराज के बाद मां बेल्हा देवी धाम, प्रतापगढ़, सुलतानपुर और अयोध्या होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेगी।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह तकनीकी कार्य रेल ट्रैफिक की सुरक्षा और परिचालन दक्षता को बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली ट्रेनों की आवाजाही को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाएगी। नॉन इंटरलॉकिंग के तहत कार्य करने का उद्देश्य रेल सेवाओं में रुकावट कम करना और ट्रेन संचालन को सुचारू बनाए रखना है।

यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने विशेष सूचना जारी की है। अधिकारियों ने कहा, “यात्रियों से अनुरोध है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या अपने स्टेशन पर ट्रेन की वास्तविक स्थिति जरूर जांच लें। इससे किसी भी असुविधा से बचा जा सकेगा।”

रेलवे विशेषज्ञों के अनुसार, ऑटोमेटिक सिग्नलिंग तकनीक में इंसानी हस्तक्षेप कम होता है और यह ट्रेन की गति और दूरी को स्वतः नियंत्रित कर सकता है। इससे दुर्घटना की संभावना घटती है और रेल संचालन अधिक विश्वसनीय बनता है।

इस पहल को रेलवे प्रशासन ने लंबी अवधि में रेल नेटवर्क की दक्षता बढ़ाने के कदम के रूप में प्रस्तुत किया है। पिछले कुछ वर्षों में उत्तर रेलवे ने लगातार तकनीकी सुधार और सिग्नलिंग अपग्रेडेशन पर ध्यान दिया है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और समय पर सेवा मिल सके।

यात्रियों और पब्लिक ट्रैवलर्स के लिए ट्रैफिक डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी पहले ही जारी कर दी गई है। रायपुर मंडल के अधिकारी विशेष रूप से गाइडेड पैथ और सूचना बोर्ड के माध्यम से यात्रियों को मार्ग बदलने की सुविधा प्रदान करेंगे।

इस तकनीकी अपग्रेड के बाद उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में गोंदिया-बरौनी और दुर्ग-नौतनवा एक्सप्रेस सहित अन्य प्रमुख ट्रेनों का संचालन और भी प्रभावी और सुरक्षित होगा। रेलवे ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में ऐसे अपग्रेड और अन्य तकनीकी सुधार पूरे उत्तर रेलवे नेटवर्क में लागू किए जाएंगे।

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