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रायपुर पुलिस का बड़ा अभियान: एक सप्ताह में 154 अपराधी जेल भेजे गए, वारंटियों और संदिग्धों पर कड़ी कार्रवाई
रायपुर,(छ.ग.)
मध्य जोन पुलिस की विशेष मुहिम से अपराधियों में बढ़ा खौफ, कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए लगातार जारी रहेगा अभियान
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने शहर में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए एक व्यापक विशेष अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत मध्य जोन पुलिस ने एक सप्ताह के भीतर 154 अपराधियों, वारंटियों और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई को राजधानी में अपराध पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह अभियान पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) उमेश गुप्ता के निर्देशन में संचालित किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य फरार वारंटियों को पकड़ना, आदतन अपराधियों की गतिविधियों पर नियंत्रण रखना तथा असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई करना था। अभियान के दौरान पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगातार दबिश देकर अपराधियों की पहचान की और उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की।
61 वारंटियों की गिरफ्तारी
विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे 61 स्थायी और गिरफ्तारी वारंटियों को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। पुलिस का कहना है कि कई आरोपी लंबे समय से कानून की पकड़ से बाहर थे, लेकिन लगातार निगरानी और सूचना तंत्र की मदद से उन्हें गिरफ्तार करने में सफलता मिली। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि फरार वारंटियों की गिरफ्तारी से कानून के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत होता है और अपराधियों में भय का वातावरण बनता है। इसी उद्देश्य से आगे भी ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे।
93 संदिग्धों पर भी हुई कार्रवाई
अभियान के दौरान केवल वारंटियों तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रही। सार्वजनिक शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस ने 93 संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की। इन लोगों पर विभिन्न संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने का संदेह था। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 170 के तहत इन व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। पुलिस का कहना है कि यह कदम भविष्य में संभावित अपराधों को रोकने और समाज में शांति बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
विभिन्न थाना क्षेत्रों में चला अभियान
मध्य जोन के अंतर्गत आने वाले कई थाना क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई की गई। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सबसे अधिक कार्रवाई गंज और तेलीबांधा थाना क्षेत्रों में देखने को मिली। थाना-वार आंकड़ों के अनुसार कोतवाली क्षेत्र में 19 लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई। गोलबाजार थाना क्षेत्र में 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया। मौदहापारा में 10, गंज में 36, सिविल लाइन में 25, तेलीबांधा में 34 और देवेंद्र नगर थाना क्षेत्र में 12 लोगों के खिलाफ कार्रवाई दर्ज की गई। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि पुलिस ने शहर के विभिन्न हिस्सों में समन्वित तरीके से अभियान चलाकर अपराधियों पर दबाव बनाया है।
अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
रायपुर पुलिस का मानना है कि अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ लगातार कार्रवाई ही अपराध नियंत्रण का सबसे प्रभावी तरीका है। विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने न केवल अपराधियों की धरपकड़ की बल्कि स्थानीय स्तर पर निगरानी तंत्र को भी मजबूत किया। अधिकारियों के अनुसार शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस नियमित रूप से संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी कर रही है। इसके अलावा अपराध रिकॉर्ड रखने वाले व्यक्तियों की गतिविधियों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है।
डीसीपी उमेश गुप्ता ने क्या कहा
पुलिस उपायुक्त उमेश गुप्ता ने बताया कि अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाया गया यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल गिरफ्तारी करना नहीं बल्कि अपराध की संभावनाओं को कम करना और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति के प्रति नरमी नहीं बरती जाएगी। अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि शहर में शांति और सुरक्षा बनी रहे। डीसीपी ने यह भी कहा कि पुलिस और आम जनता के सहयोग से अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
शहरवासियों में बढ़ा सुरक्षा का भरोसा
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद शहर के कई क्षेत्रों में लोगों ने राहत महसूस की है। लगातार हो रही गिरफ्तारी और निगरानी से अपराधियों के मन में भय का माहौल बनने की उम्मीद है। पुलिस का मानना है कि ऐसे अभियान न केवल अपराधियों को कानून के दायरे में लाते हैं बल्कि आम लोगों के बीच सुरक्षा की भावना को भी मजबूत करते हैं।
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रायपुर पुलिस का बड़ा अभियान: एक सप्ताह में 154 अपराधी जेल भेजे गए, वारंटियों और संदिग्धों पर कड़ी कार्रवाई
रायपुर,(छ.ग.)
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने शहर में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए एक व्यापक विशेष अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत मध्य जोन पुलिस ने एक सप्ताह के भीतर 154 अपराधियों, वारंटियों और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई को राजधानी में अपराध पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह अभियान पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) उमेश गुप्ता के निर्देशन में संचालित किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य फरार वारंटियों को पकड़ना, आदतन अपराधियों की गतिविधियों पर नियंत्रण रखना तथा असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई करना था। अभियान के दौरान पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगातार दबिश देकर अपराधियों की पहचान की और उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की।
61 वारंटियों की गिरफ्तारी
विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे 61 स्थायी और गिरफ्तारी वारंटियों को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। पुलिस का कहना है कि कई आरोपी लंबे समय से कानून की पकड़ से बाहर थे, लेकिन लगातार निगरानी और सूचना तंत्र की मदद से उन्हें गिरफ्तार करने में सफलता मिली। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि फरार वारंटियों की गिरफ्तारी से कानून के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत होता है और अपराधियों में भय का वातावरण बनता है। इसी उद्देश्य से आगे भी ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे।
93 संदिग्धों पर भी हुई कार्रवाई
अभियान के दौरान केवल वारंटियों तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रही। सार्वजनिक शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस ने 93 संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की। इन लोगों पर विभिन्न संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने का संदेह था। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 170 के तहत इन व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। पुलिस का कहना है कि यह कदम भविष्य में संभावित अपराधों को रोकने और समाज में शांति बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
विभिन्न थाना क्षेत्रों में चला अभियान
मध्य जोन के अंतर्गत आने वाले कई थाना क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई की गई। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सबसे अधिक कार्रवाई गंज और तेलीबांधा थाना क्षेत्रों में देखने को मिली। थाना-वार आंकड़ों के अनुसार कोतवाली क्षेत्र में 19 लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई। गोलबाजार थाना क्षेत्र में 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया। मौदहापारा में 10, गंज में 36, सिविल लाइन में 25, तेलीबांधा में 34 और देवेंद्र नगर थाना क्षेत्र में 12 लोगों के खिलाफ कार्रवाई दर्ज की गई। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि पुलिस ने शहर के विभिन्न हिस्सों में समन्वित तरीके से अभियान चलाकर अपराधियों पर दबाव बनाया है।
अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
रायपुर पुलिस का मानना है कि अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ लगातार कार्रवाई ही अपराध नियंत्रण का सबसे प्रभावी तरीका है। विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने न केवल अपराधियों की धरपकड़ की बल्कि स्थानीय स्तर पर निगरानी तंत्र को भी मजबूत किया। अधिकारियों के अनुसार शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस नियमित रूप से संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी कर रही है। इसके अलावा अपराध रिकॉर्ड रखने वाले व्यक्तियों की गतिविधियों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है।
डीसीपी उमेश गुप्ता ने क्या कहा
पुलिस उपायुक्त उमेश गुप्ता ने बताया कि अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाया गया यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल गिरफ्तारी करना नहीं बल्कि अपराध की संभावनाओं को कम करना और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति के प्रति नरमी नहीं बरती जाएगी। अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि शहर में शांति और सुरक्षा बनी रहे। डीसीपी ने यह भी कहा कि पुलिस और आम जनता के सहयोग से अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
शहरवासियों में बढ़ा सुरक्षा का भरोसा
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद शहर के कई क्षेत्रों में लोगों ने राहत महसूस की है। लगातार हो रही गिरफ्तारी और निगरानी से अपराधियों के मन में भय का माहौल बनने की उम्मीद है। पुलिस का मानना है कि ऐसे अभियान न केवल अपराधियों को कानून के दायरे में लाते हैं बल्कि आम लोगों के बीच सुरक्षा की भावना को भी मजबूत करते हैं।
