- Hindi News
- राज्य
- छत्तीसगढ़
- रायगढ़ में अवैध शराब के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन, महिलाओं-पुरुषों ने कलेक्टर से लगाई रोक की गुहार...
रायगढ़ में अवैध शराब के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन, महिलाओं-पुरुषों ने कलेक्टर से लगाई रोक की गुहार
रायगढ़ (छ.ग)
रायगढ़ अवैध शराब के खिलाफ ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बिक्री पर रोक और सख्त कार्रवाई की मांग की।
रायगढ़ जिले में अवैध शराब की बढ़ती बिक्री के खिलाफ अब ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आ रहा है। शहरी इलाकों के साथ-साथ गांवों में भी इस समस्या के गहराने से लोग परेशान हैं। इसी कड़ी में अमलीभौना गांव के महिला-पुरुष बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
गांव में लंबे समय से जारी है अवैध शराब का कारोबार
ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम पंचायत छोटे भंडार के अंतर्गत आने वाले अमलीभौना में लंबे समय से अवैध देशी शराब की बिक्री हो रही है। कई बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदारों द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए गए, जिससे यह कारोबार लगातार फैलता गया। गांव के कुछ लोग इस अवैध गतिविधि में शामिल बताए जा रहे हैं।
युवा पीढ़ी पर पड़ रहा नकारात्मक असर
ग्रामीणों ने बताया कि अवैध शराब की उपलब्धता का सबसे बुरा असर युवाओं और बच्चों पर पड़ रहा है। कम उम्र के बच्चे भी नशे की चपेट में आ रहे हैं, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। इसके चलते गांव का सामाजिक माहौल भी बिगड़ता जा रहा है।
घरेलू हिंसा और असामाजिक घटनाओं में वृद्धि
शराब की लत के कारण गांव में घरेलू हिंसा के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। परिवारों में विवाद बढ़ रहे हैं और कई बार मारपीट की घटनाएं भी सामने आती हैं। इसके अलावा नशे में वाहन तेज चलाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की शिकायतें भी बढ़ी हैं।
ग्रामीणों की मांग, गांव को बनाया जाए नशा मुक्त
छोटे भंडार के सरपंच अशोक कुमार सिदार ने बताया कि अवैध शराब की वजह से पूरा गांव परेशान है। लोगों की एक ही मांग है कि गांव को पूरी तरह नशा मुक्त बनाया जाए और इस धंधे में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने प्रशासन से नियमित निगरानी और कार्रवाई की भी मांग की।
महिलाओं ने उठाई आवाज, सौंपा ज्ञापन
अमलीभौना की निवासी पल्लवी सिदार ने कहा कि गांव की महिलाएं विशेष रूप से इस समस्या से प्रभावित हैं। शराब के कारण परिवारों में तनाव बढ़ रहा है और घरेलू हिंसा के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की अपील की है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
रायगढ़ में अवैध शराब के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन, महिलाओं-पुरुषों ने कलेक्टर से लगाई रोक की गुहार
रायगढ़ (छ.ग)
रायगढ़ जिले में अवैध शराब की बढ़ती बिक्री के खिलाफ अब ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आ रहा है। शहरी इलाकों के साथ-साथ गांवों में भी इस समस्या के गहराने से लोग परेशान हैं। इसी कड़ी में अमलीभौना गांव के महिला-पुरुष बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
गांव में लंबे समय से जारी है अवैध शराब का कारोबार
ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम पंचायत छोटे भंडार के अंतर्गत आने वाले अमलीभौना में लंबे समय से अवैध देशी शराब की बिक्री हो रही है। कई बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदारों द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए गए, जिससे यह कारोबार लगातार फैलता गया। गांव के कुछ लोग इस अवैध गतिविधि में शामिल बताए जा रहे हैं।
युवा पीढ़ी पर पड़ रहा नकारात्मक असर
ग्रामीणों ने बताया कि अवैध शराब की उपलब्धता का सबसे बुरा असर युवाओं और बच्चों पर पड़ रहा है। कम उम्र के बच्चे भी नशे की चपेट में आ रहे हैं, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। इसके चलते गांव का सामाजिक माहौल भी बिगड़ता जा रहा है।
घरेलू हिंसा और असामाजिक घटनाओं में वृद्धि
शराब की लत के कारण गांव में घरेलू हिंसा के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। परिवारों में विवाद बढ़ रहे हैं और कई बार मारपीट की घटनाएं भी सामने आती हैं। इसके अलावा नशे में वाहन तेज चलाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की शिकायतें भी बढ़ी हैं।
ग्रामीणों की मांग, गांव को बनाया जाए नशा मुक्त
छोटे भंडार के सरपंच अशोक कुमार सिदार ने बताया कि अवैध शराब की वजह से पूरा गांव परेशान है। लोगों की एक ही मांग है कि गांव को पूरी तरह नशा मुक्त बनाया जाए और इस धंधे में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने प्रशासन से नियमित निगरानी और कार्रवाई की भी मांग की।
महिलाओं ने उठाई आवाज, सौंपा ज्ञापन
अमलीभौना की निवासी पल्लवी सिदार ने कहा कि गांव की महिलाएं विशेष रूप से इस समस्या से प्रभावित हैं। शराब के कारण परिवारों में तनाव बढ़ रहा है और घरेलू हिंसा के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की अपील की है।
