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इंदौर निगम में ‘वंदे मातरम’ न गाने पर हंगामा: कांग्रेस-भाजपा पार्षदों में विवाद तेज
इंदौर (म.प्र.)
फौजिया शेख ने कहा – इस्लाम में अनुमति नहीं, भाजपा पार्षदों ने किया विरोध, सदन में कार्यवाही बाधित
इंदौर नगर निगम में मंगलवार को 8,455 करोड़ रुपए के बजट पर चर्चा के दौरान ‘वंदे मातरम’ को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम ने राष्ट्रगीत गाने से इनकार कर दिया, जिससे भाजपा पार्षद भड़क उठे और सभापति मुन्नालाल यादव के आसन के पास जाकर विरोध जताया। हंगामा इतना बढ़ा कि सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए बाधित हो गई।
सभापति ने फौजिया शेख को बाहर जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सदन से बाहर जाते समय मीडिया से कहा कि उनका धर्म इस्लाम उन्हें ‘वंदे मातरम’ गाने की अनुमति नहीं देता। इस बयान ने राजनीतिक और धार्मिक संवेदनशीलता को बढ़ा दिया।
नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस पार्षद चिंटू चौकसे ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ गाने का निर्णय व्यक्तिगत राय का विषय हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सदन में हंगामा केवल राष्ट्रगीत तक सीमित नहीं रहा। कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया ने नगर निगम की संपत्तियों और अधिकारियों के कामकाज पर सवाल उठाए। इसी बीच उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को ‘गद्दार’ कह दिया, जिससे भाजपा पार्षदों ने जोरदार विरोध किया। राजू भदौरिया ने बाद में माफी मांग ली, जिससे कार्यवाही पुनः शुरू हो सकी।
इससे पहले कांग्रेस पार्षद रूबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम ने ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई को अमेरिकी-इजराइली हमले में मृत्यु पर श्रद्धांजलि दी। भाजपा पार्षदों ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाकर विरोध जताया।
महापौर ने मीडिया से चर्चा में कहा, “आजादी के इतने वर्षों के बाद भी कुछ लोग गुलामी की मानसिकता रखते हुए राष्ट्रगीत का विरोध कर रहे हैं। हम इस मामले के कानूनी पहलुओं पर भी विचार करेंगे।”
सदन में इस विवाद के बीच बाउंसर तैनात किए गए और बजट सत्र के दौरान दर्शक दीर्घा में जाने वाले लोगों को चेकिंग के बाद ही प्रवेश दिया गया।
नगर निगम प्रशासन ने कहा कि फौजिया और अन्य पार्षदों के व्यक्तिगत धार्मिक विचारों का सम्मान किया जाएगा, लेकिन नियम और कार्यवाही के अनुसार सभी सदस्यों को अनुशासन का पालन करना होगा।
नगर निगम सत्र में सदस्यों को चेतावनी दी गई है कि व्यक्तिगत राय और धार्मिक दृष्टिकोण के बावजूद, सार्वजनिक और संवैधानिक गान के समय सदन में व्यवधान नहीं पैदा किया जाएगा। विवाद के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों ने अपने-अपने प्रदेश नेतृत्व को जानकारी दी है।
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इंदौर निगम में ‘वंदे मातरम’ न गाने पर हंगामा: कांग्रेस-भाजपा पार्षदों में विवाद तेज
इंदौर (म.प्र.)
इंदौर नगर निगम में मंगलवार को 8,455 करोड़ रुपए के बजट पर चर्चा के दौरान ‘वंदे मातरम’ को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम ने राष्ट्रगीत गाने से इनकार कर दिया, जिससे भाजपा पार्षद भड़क उठे और सभापति मुन्नालाल यादव के आसन के पास जाकर विरोध जताया। हंगामा इतना बढ़ा कि सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए बाधित हो गई।
सभापति ने फौजिया शेख को बाहर जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सदन से बाहर जाते समय मीडिया से कहा कि उनका धर्म इस्लाम उन्हें ‘वंदे मातरम’ गाने की अनुमति नहीं देता। इस बयान ने राजनीतिक और धार्मिक संवेदनशीलता को बढ़ा दिया।
नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस पार्षद चिंटू चौकसे ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ गाने का निर्णय व्यक्तिगत राय का विषय हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सदन में हंगामा केवल राष्ट्रगीत तक सीमित नहीं रहा। कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया ने नगर निगम की संपत्तियों और अधिकारियों के कामकाज पर सवाल उठाए। इसी बीच उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को ‘गद्दार’ कह दिया, जिससे भाजपा पार्षदों ने जोरदार विरोध किया। राजू भदौरिया ने बाद में माफी मांग ली, जिससे कार्यवाही पुनः शुरू हो सकी।
इससे पहले कांग्रेस पार्षद रूबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम ने ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई को अमेरिकी-इजराइली हमले में मृत्यु पर श्रद्धांजलि दी। भाजपा पार्षदों ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाकर विरोध जताया।
महापौर ने मीडिया से चर्चा में कहा, “आजादी के इतने वर्षों के बाद भी कुछ लोग गुलामी की मानसिकता रखते हुए राष्ट्रगीत का विरोध कर रहे हैं। हम इस मामले के कानूनी पहलुओं पर भी विचार करेंगे।”
सदन में इस विवाद के बीच बाउंसर तैनात किए गए और बजट सत्र के दौरान दर्शक दीर्घा में जाने वाले लोगों को चेकिंग के बाद ही प्रवेश दिया गया।
नगर निगम प्रशासन ने कहा कि फौजिया और अन्य पार्षदों के व्यक्तिगत धार्मिक विचारों का सम्मान किया जाएगा, लेकिन नियम और कार्यवाही के अनुसार सभी सदस्यों को अनुशासन का पालन करना होगा।
नगर निगम सत्र में सदस्यों को चेतावनी दी गई है कि व्यक्तिगत राय और धार्मिक दृष्टिकोण के बावजूद, सार्वजनिक और संवैधानिक गान के समय सदन में व्यवधान नहीं पैदा किया जाएगा। विवाद के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों ने अपने-अपने प्रदेश नेतृत्व को जानकारी दी है।
