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आरंग में अवैध खनन पर हाईकोर्ट सख्त, 400 एकड़ खेती बंजर होने पर लीज एरिया से बाहर उत्खनन रोकने के निर्देश
बिलासपुर (छ.ग.)
मुख्य न्यायाधीश की डिवीजन बेंच ने खनिज सचिव से मांगा शपथपत्र; 30 करोड़ के जुर्माने का नोटिस, 26 फरवरी को अगली सुनवाई
रायपुर से सटे आरंग क्षेत्र के ग्राम निसदा में कथित अवैध खनन के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने लीज क्षेत्र के बाहर हो रहे उत्खनन पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने खनिज विभाग के सचिव को व्यक्तिगत शपथपत्र दाखिल कर वर्तमान जांच स्थिति और कार्रवाई का ब्योरा देने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी तय की गई है।
जनहित याचिका ग्राम निसदा के निवासी ओम प्रकाश सेन ने दायर की है। याचिका के अनुसार, फ्लैग स्टोन और चूना पत्थर के उत्खनन के लिए 15 व्यक्तियों को लीज दी गई थी, लेकिन लीजधारकों ने स्वीकृत सीमा से कई गुना अधिक क्षेत्र में खनन शुरू कर दिया। आरोप है कि खनन से निकला मलबा और पत्थर महानदी में डंप किए जा रहे हैं, जिससे नदी के प्रवाह पर असर पड़ा है और आसपास की करीब 400 एकड़ कृषि भूमि बंजर होने की कगार पर पहुंच गई है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि संबंधित खदानों की पर्यावरणीय अनुमति तीन वर्ष पहले समाप्त हो चुकी है, इसके बावजूद क्षेत्र में उत्खनन और ब्लास्टिंग जारी रही। अदालत ने राज्य से स्पष्ट किया कि पर्यावरणीय मंजूरी समाप्त होने के बाद गतिविधियां कैसे संचालित हुईं और निगरानी तंत्र ने क्या कदम उठाए।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग ने जांच की। जांच में सात लीजधारकों को नियम उल्लंघन का दोषी पाया गया है। इन पर 30 करोड़ रुपये के जुर्माने का नोटिस जारी किया गया है। हालांकि, अदालत ने पूछा कि महानदी में माइनिंग वेस्ट फेंकने के आरोपों पर आपराधिक या दंडात्मक कार्रवाई क्या हुई और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए क्या कदम उठाए गए।
डिवीजन बेंच ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई लीजधारक जारी कार्रवाई के खिलाफ अलग से याचिका दायर करता है, तो उसे इसी जनहित याचिका के साथ टैग कर सुनवाई की जाएगी, ताकि मामले की समग्रता बनी रहे। अदालत के निर्देशों के बाद खनन गतिविधियों की निगरानी और पर्यावरणीय अनुपालन पर प्रशासन की सक्रियता बढ़ने की संभावना है।
यह मामला पब्लिक इंटरेस्ट स्टोरी के रूप में उभरा है, क्योंकि इसका सीधा असर कृषि, जल स्रोत और स्थानीय आजीविका पर पड़ रहा है। आज की ताज़ा खबरें और भारत समाचार अपडेट के तहत यह मुद्दा हिन्दी न्यूज़ पोर्टल्स पर प्रमुखता से उभर रहा है। आगे की सुनवाई में राज्य का शपथपत्र और विस्तृत रिपोर्ट अहम होगी।
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