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कोरबा की दीपका कोयला खदान में ट्रेलर में आग, बड़ा हादसा टला
कोरबा (छ.ग.)
एसईसीएल की फायर ब्रिगेड ने समय रहते पाया काबू, खदान में कुछ देर रुका काम
कोरबा जिले के दीपका थाना क्षेत्र में स्थित एसईसीएल (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) की दीपका कोयला खदान में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब खदान परिसर में खड़े एक अनलोड ट्रेलर में अचानक आग लग गई। घटना के बाद खदान क्षेत्र में काम कर रहे कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही एसईसीएल की फायर ब्रिगेड टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आग जिस ट्रेलर में लगी, वह उस समय कोयला खाली करने के बाद खड़ा था। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग लगते ही ट्रेलर से धुआं और लपटें उठने लगीं, जिसे देखकर आसपास मौजूद कर्मचारी सुरक्षित दूरी पर हट गए। सुरक्षा के लिहाज से खदान के उस हिस्से में वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई।
घटना की जानकारी मिलते ही एसईसीएल प्रबंधन ने तत्काल फायर ब्रिगेड को अलर्ट किया। खदान की आंतरिक दमकल टीम कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंची और फायर टेंडर की मदद से आग को फैलने से पहले ही नियंत्रित कर लिया। अधिकारियों का कहना है कि यदि ट्रेलर में कोयला लोड होता, तो नुकसान कहीं अधिक बड़ा हो सकता था।
बताया जा रहा है कि संबंधित ट्रेलर बृजेश सिंह के डीओ (डिज़ाइनटेड ऑपरेटर) में कार्यरत था और उसका स्वामित्व प्रिंस पांडे के नाम पर दर्ज है। रोड सेल इंचार्ज संतोष सिंह ने बताया कि ट्रेलर पूरी तरह अनलोड था, जिससे आग के बावजूद कोयला खदान को कोई बड़ा आर्थिक या संरचनात्मक नुकसान नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत कार्रवाई की गई।
इस घटना के चलते खदान क्षेत्र में कुछ समय के लिए काम प्रभावित रहा। आग बुझाने और स्थिति सामान्य होने के बाद ही संचालन दोबारा शुरू किया गया। एसईसीएल प्रबंधन ने मामले की आंतरिक जांच के निर्देश दे दिए हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि शॉर्ट सर्किट किस वजह से हुआ और भविष्य में ऐसी घटनाओं को कैसे रोका जा सकता है।
जानकारों का कहना है कि कोयला खदानों में भारी वाहनों की नियमित तकनीकी जांच बेहद जरूरी है। गर्मी के मौसम और लगातार संचालन के कारण वाहनों में आग लगने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में समय-समय पर वायरिंग, बैटरी और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की जांच न की जाए, तो दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
फिलहाल दीपका खदान में स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई जा रही है। एसईसीएल अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सभी वाहनों की अतिरिक्त जांच कराई जाएगी। यह घटना एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा को लेकर सतर्कता की जरूरत को रेखांकित करती है।
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