- Hindi News
- राज्य
- छत्तीसगढ़
- छत्तीसगढ़ में फिर सक्रिय हुआ मानसून, रायगढ़-जशपुर समेत 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
छत्तीसगढ़ में फिर सक्रिय हुआ मानसून, रायगढ़-जशपुर समेत 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
छत्तीसगढ़
बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसमी तंत्र से बदलेगा मौसम, कई जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी
छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसमी तंत्र और मानसून द्रोणिका के सामान्य स्थिति में लौटने से प्रदेश के मौसम में बदलाव आया है। मौसम विभाग ने कई जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि बाकी हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा और बौछारें पड़ने का अनुमान है।
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बना मौसमी तंत्र अगले कुछ समय में और मजबूत हो सकता है। इसके बाद इसके निम्न दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ते हुए उत्तर ओडिशा, झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ की तरफ बढ़ सकता है। इसके असर से प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
रायगढ़ समेत इन जिलों में भारी बारिश के आसार
नए मौसम सिस्टम का सबसे ज्यादा असर उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों में देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने रायगढ़ और उससे लगे इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
भारी बारिश के संभावित जिलों में शामिल हैं:
- रायगढ़
- जशपुर
- सक्ती
- कोरबा
- सारंगढ़-बिलाईगढ़
इन जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। प्रशासन और स्थानीय लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी बारिश का दौर
उत्तर छत्तीसगढ़ के अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मानसून की गतिविधियां बनी रहेंगी। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
मानसून द्रोणिका के सामान्य स्थिति में लौटने के कारण बारिश का दायरा बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, बारिश की तीव्रता सभी जिलों में एक जैसी नहीं रहेगी। कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है, जबकि कई जगह केवल बादल छाने और हल्की बौछारों तक मौसम सीमित रह सकता है।
रायपुर में बादल छाए रहेंगे, उमस भी परेशान करेगी
राजधानी रायपुर में आज आसमान पर बादलों का डेरा रहने की संभावना है। दिनभर बादल छाए रह सकते हैं और कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं।
हालांकि, बादल छाए रहने के बावजूद पर्याप्त बारिश नहीं होने से लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। वातावरण में नमी अधिक होने के कारण चिपचिपी गर्मी महसूस हो रही है। बारिश होने के बाद कुछ समय के लिए तापमान में राहत मिलने की उम्मीद है।
कई जिलों में तेज हवाओं का अलर्ट
बारिश के साथ मौसम विभाग ने कुछ जिलों में तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी है। बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम और मुंगेली में गरज-चमक के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है।
राजधानी रायपुर में भी करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। ऐसे में खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों और वाहन चालकों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी। तेज हवा और बारिश के दौरान पेड़ या कमजोर संरचनाओं के आसपास रुकने से बचना बेहतर रहेगा।
तापमान में भी ज्यादा बदलाव नहीं
बारिश और बादलों के बीच प्रदेश के तापमान में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई है। रायपुर में अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य के आसपास रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो सामान्य से करीब 2.7 डिग्री अधिक रहा।
दुर्ग प्रदेश में सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी तरफ पेंड्रा में सबसे कम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अलग-अलग इलाकों में बादल और बारिश के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
किसानों के लिए बारिश राहत लेकर आ सकती है
छत्तीसगढ़ में खेती काफी हद तक मानसून पर निर्भर रहती है। ऐसे में बारिश का यह दौर किसानों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिन क्षेत्रों में अब तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, वहां अच्छी वर्षा होने से खेतों में नमी बढ़ सकती है और खरीफ फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, बहुत कम समय में अत्यधिक बारिश होने पर खेतों में पानी भरने की समस्या भी बन सकती है। खासकर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को तेज बारिश के दौरान स्थानीय स्थिति पर नजर रखने की जरूरत होगी।
मौसम विभाग की चेतावनी पर रखें नजर
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले समय में बंगाल की खाड़ी का नया सिस्टम और मजबूत हो सकता है। इसके उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने के साथ छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। खासकर उत्तर छत्तीसगढ़ में इसका असर ज्यादा रहने का अनुमान है।
कुल मिलाकर प्रदेश में मानसून की सक्रियता बढ़ने से बारिश का दौर फिर तेज होने की संभावना है। रायगढ़, जशपुर, सक्ती, कोरबा और सारंगढ़-बिलाईगढ़ में भारी बारिश के आसार हैं, जबकि रायपुर समेत अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं मौसम का मिजाज बदल सकती हैं।
Recommended for You
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
छत्तीसगढ़ में फिर सक्रिय हुआ मानसून, रायगढ़-जशपुर समेत 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसमी तंत्र और मानसून द्रोणिका के सामान्य स्थिति में लौटने से प्रदेश के मौसम में बदलाव आया है। मौसम विभाग ने कई जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि बाकी हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा और बौछारें पड़ने का अनुमान है।
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बना मौसमी तंत्र अगले कुछ समय में और मजबूत हो सकता है। इसके बाद इसके निम्न दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ते हुए उत्तर ओडिशा, झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ की तरफ बढ़ सकता है। इसके असर से प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
रायगढ़ समेत इन जिलों में भारी बारिश के आसार
नए मौसम सिस्टम का सबसे ज्यादा असर उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों में देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने रायगढ़ और उससे लगे इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
भारी बारिश के संभावित जिलों में शामिल हैं:
- रायगढ़
- जशपुर
- सक्ती
- कोरबा
- सारंगढ़-बिलाईगढ़
इन जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। प्रशासन और स्थानीय लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी बारिश का दौर
उत्तर छत्तीसगढ़ के अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मानसून की गतिविधियां बनी रहेंगी। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
मानसून द्रोणिका के सामान्य स्थिति में लौटने के कारण बारिश का दायरा बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, बारिश की तीव्रता सभी जिलों में एक जैसी नहीं रहेगी। कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है, जबकि कई जगह केवल बादल छाने और हल्की बौछारों तक मौसम सीमित रह सकता है।
रायपुर में बादल छाए रहेंगे, उमस भी परेशान करेगी
राजधानी रायपुर में आज आसमान पर बादलों का डेरा रहने की संभावना है। दिनभर बादल छाए रह सकते हैं और कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं।
हालांकि, बादल छाए रहने के बावजूद पर्याप्त बारिश नहीं होने से लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। वातावरण में नमी अधिक होने के कारण चिपचिपी गर्मी महसूस हो रही है। बारिश होने के बाद कुछ समय के लिए तापमान में राहत मिलने की उम्मीद है।
कई जिलों में तेज हवाओं का अलर्ट
बारिश के साथ मौसम विभाग ने कुछ जिलों में तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी है। बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम और मुंगेली में गरज-चमक के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है।
राजधानी रायपुर में भी करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। ऐसे में खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों और वाहन चालकों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी। तेज हवा और बारिश के दौरान पेड़ या कमजोर संरचनाओं के आसपास रुकने से बचना बेहतर रहेगा।
तापमान में भी ज्यादा बदलाव नहीं
बारिश और बादलों के बीच प्रदेश के तापमान में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई है। रायपुर में अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य के आसपास रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो सामान्य से करीब 2.7 डिग्री अधिक रहा।
दुर्ग प्रदेश में सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी तरफ पेंड्रा में सबसे कम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अलग-अलग इलाकों में बादल और बारिश के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
किसानों के लिए बारिश राहत लेकर आ सकती है
छत्तीसगढ़ में खेती काफी हद तक मानसून पर निर्भर रहती है। ऐसे में बारिश का यह दौर किसानों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिन क्षेत्रों में अब तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, वहां अच्छी वर्षा होने से खेतों में नमी बढ़ सकती है और खरीफ फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, बहुत कम समय में अत्यधिक बारिश होने पर खेतों में पानी भरने की समस्या भी बन सकती है। खासकर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को तेज बारिश के दौरान स्थानीय स्थिति पर नजर रखने की जरूरत होगी।
मौसम विभाग की चेतावनी पर रखें नजर
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले समय में बंगाल की खाड़ी का नया सिस्टम और मजबूत हो सकता है। इसके उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने के साथ छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। खासकर उत्तर छत्तीसगढ़ में इसका असर ज्यादा रहने का अनुमान है।
कुल मिलाकर प्रदेश में मानसून की सक्रियता बढ़ने से बारिश का दौर फिर तेज होने की संभावना है। रायगढ़, जशपुर, सक्ती, कोरबा और सारंगढ़-बिलाईगढ़ में भारी बारिश के आसार हैं, जबकि रायपुर समेत अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं मौसम का मिजाज बदल सकती हैं।
