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छत्तीसगढ़ में फिर मेहरबान हुआ मानसून, अगले तीन दिन भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट
छत्तीसगढ़
सक्रिय मौसम तंत्र के असर से प्रदेश के अधिकांश जिलों में तेज बारिश की संभावना, उत्तरी इलाकों में सबसे ज्यादा असर; रायपुर में उमस से राहत के आसार कम
सावन के महीने में छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में बने मजबूत मौसम तंत्र के कारण अगले तीन दिनों तक अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकांश जिलों में बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक वर्षा उत्तरी छत्तीसगढ़ के इलाकों में रिकॉर्ड की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है, जिससे कई क्षेत्रों में जलभराव जैसी स्थिति भी बन सकती है।
बारिश की गतिविधियों में आएगी तेजी
मौसम विभाग के अनुसार 4 अगस्त से शुरू हुआ सक्रिय मौसम तंत्र आगामी चार दिनों तक प्रदेश के मौसम को प्रभावित करेगा। राजधानी रायपुर सहित अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। ऐसे में किसानों, यात्रियों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
रायपुर में उमस बनी रहेगी
राजधानी रायपुर में बुधवार को पूरे दिन बादल छाए रहने का अनुमान है। बीच-बीच में बारिश होने की संभावना जताई गई है, लेकिन इसके बावजूद उमस से पूरी राहत मिलने की उम्मीद कम है।
रायपुर का संभावित मौसम
- अधिकतम तापमान: लगभग 33 डिग्री सेल्सियस
- न्यूनतम तापमान: लगभग 27 डिग्री सेल्सियस
- बादल गरजने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना
- कुछ इलाकों में तेज बारिश भी हो सकती है
तीन मजबूत मौसम सिस्टम हैं सक्रिय
मौसम विभाग के मुताबिक इस समय प्रदेश के मौसम को प्रभावित करने वाले तीन प्रमुख सिस्टम सक्रिय हैं।
- समुद्र तल पर मानसून द्रोणिका अनूपगढ़, दिल्ली, शाहजहांपुर, बस्ती, छपरा होते हुए नागालैंड तक बनी हुई है।
- उत्तर-पश्चिम बिहार के आसपास ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
- बंगाल की खाड़ी के ऊपर तथा आंध्र प्रदेश के आसपास भी ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
इन तीनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में लगातार नमी पहुंच रही है, जिसके कारण अच्छी बारिश की स्थिति बन रही है।
इन जिलों में हुई सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान कई इलाकों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार—
- शंकरगढ़ में 11 सेंटीमीटर बारिश
- कुसमी, रतनपुर, सक्ती और भोपालपट्टनम में 7 सेंटीमीटर
- सुकमा और सकोला में 6 सेंटीमीटर
- सरागांव और बीजापुर में 5 सेंटीमीटर
- पेंड्रा, भैरमगढ़, करपावंड, छाल, बरमकेला, सरिया और बम्हनीडीह में 4 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज हुई।
इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड की गई।
सामान्य से अब भी कम है मानसूनी बारिश
हालांकि हाल के दिनों में बारिश बढ़ी है, लेकिन पूरे मानसून सीजन की बात करें तो छत्तीसगढ़ में अब तक सामान्य से लगभग 7 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश का यही दौर जारी रहा तो यह कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।
किसानों के लिए राहत की खबर
प्रदेश में सक्रिय मानसून किसानों के लिए राहत लेकर आया है। धान की खेती वाले इलाकों में इस समय पानी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। लगातार हो रही बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहेगी, जिससे फसल की बढ़वार बेहतर होने की संभावना है। हालांकि अत्यधिक बारिश वाले क्षेत्रों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखने की भी सलाह दी गई है।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
बारिश और वज्रपात को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों के लिए कुछ जरूरी सावधानियां जारी की हैं—
- गरज-चमक के दौरान खुले मैदान में न रहें।
- पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
- बिजली गिरने की संभावना होने पर सुरक्षित भवन में शरण लें।
- जलभराव वाले रास्तों पर वाहन सावधानी से चलाएं।
- नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।
- मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर लगातार नजर रखें।
अगले तीन दिन महत्वपूर्ण
अगले तीन दिन छत्तीसगढ़ के मौसम के लिहाज से काफी अहम रहेंगे। यदि सक्रिय मौसम तंत्र इसी तरह बना रहा तो प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज हो सकती है। इससे जहां किसानों को फायदा मिलेगा, वहीं कुछ क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहेगी। प्रशासन ने भी स्थानीय अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
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छत्तीसगढ़ में फिर मेहरबान हुआ मानसून, अगले तीन दिन भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट
छत्तीसगढ़
सावन के महीने में छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में बने मजबूत मौसम तंत्र के कारण अगले तीन दिनों तक अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकांश जिलों में बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक वर्षा उत्तरी छत्तीसगढ़ के इलाकों में रिकॉर्ड की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है, जिससे कई क्षेत्रों में जलभराव जैसी स्थिति भी बन सकती है।
बारिश की गतिविधियों में आएगी तेजी
मौसम विभाग के अनुसार 4 अगस्त से शुरू हुआ सक्रिय मौसम तंत्र आगामी चार दिनों तक प्रदेश के मौसम को प्रभावित करेगा। राजधानी रायपुर सहित अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। ऐसे में किसानों, यात्रियों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
रायपुर में उमस बनी रहेगी
राजधानी रायपुर में बुधवार को पूरे दिन बादल छाए रहने का अनुमान है। बीच-बीच में बारिश होने की संभावना जताई गई है, लेकिन इसके बावजूद उमस से पूरी राहत मिलने की उम्मीद कम है।
रायपुर का संभावित मौसम
- अधिकतम तापमान: लगभग 33 डिग्री सेल्सियस
- न्यूनतम तापमान: लगभग 27 डिग्री सेल्सियस
- बादल गरजने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना
- कुछ इलाकों में तेज बारिश भी हो सकती है
तीन मजबूत मौसम सिस्टम हैं सक्रिय
मौसम विभाग के मुताबिक इस समय प्रदेश के मौसम को प्रभावित करने वाले तीन प्रमुख सिस्टम सक्रिय हैं।
- समुद्र तल पर मानसून द्रोणिका अनूपगढ़, दिल्ली, शाहजहांपुर, बस्ती, छपरा होते हुए नागालैंड तक बनी हुई है।
- उत्तर-पश्चिम बिहार के आसपास ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
- बंगाल की खाड़ी के ऊपर तथा आंध्र प्रदेश के आसपास भी ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
इन तीनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में लगातार नमी पहुंच रही है, जिसके कारण अच्छी बारिश की स्थिति बन रही है।
इन जिलों में हुई सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान कई इलाकों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार—
- शंकरगढ़ में 11 सेंटीमीटर बारिश
- कुसमी, रतनपुर, सक्ती और भोपालपट्टनम में 7 सेंटीमीटर
- सुकमा और सकोला में 6 सेंटीमीटर
- सरागांव और बीजापुर में 5 सेंटीमीटर
- पेंड्रा, भैरमगढ़, करपावंड, छाल, बरमकेला, सरिया और बम्हनीडीह में 4 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज हुई।
इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड की गई।
सामान्य से अब भी कम है मानसूनी बारिश
हालांकि हाल के दिनों में बारिश बढ़ी है, लेकिन पूरे मानसून सीजन की बात करें तो छत्तीसगढ़ में अब तक सामान्य से लगभग 7 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश का यही दौर जारी रहा तो यह कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।
किसानों के लिए राहत की खबर
प्रदेश में सक्रिय मानसून किसानों के लिए राहत लेकर आया है। धान की खेती वाले इलाकों में इस समय पानी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। लगातार हो रही बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहेगी, जिससे फसल की बढ़वार बेहतर होने की संभावना है। हालांकि अत्यधिक बारिश वाले क्षेत्रों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखने की भी सलाह दी गई है।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
बारिश और वज्रपात को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों के लिए कुछ जरूरी सावधानियां जारी की हैं—
- गरज-चमक के दौरान खुले मैदान में न रहें।
- पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
- बिजली गिरने की संभावना होने पर सुरक्षित भवन में शरण लें।
- जलभराव वाले रास्तों पर वाहन सावधानी से चलाएं।
- नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।
- मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर लगातार नजर रखें।
अगले तीन दिन महत्वपूर्ण
अगले तीन दिन छत्तीसगढ़ के मौसम के लिहाज से काफी अहम रहेंगे। यदि सक्रिय मौसम तंत्र इसी तरह बना रहा तो प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज हो सकती है। इससे जहां किसानों को फायदा मिलेगा, वहीं कुछ क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहेगी। प्रशासन ने भी स्थानीय अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
