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छत्तीसगढ़ में बारिश बनी आफत, शिवनाथ नदी में डूबे दूसरे युवक का शव मिला, पूर्व सरपंच दंपती की तलाश जारी
छत्तीसगढ़
दुर्ग और सारंगढ़ में लगातार रेस्क्यू अभियान जारी, मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट किया जारी
छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के बीच नदी और नालों का जलस्तर बढ़ने से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है। दुर्ग जिले में डूबने की दो अलग-अलग घटनाओं में तीन युवाओं की मौत हो गई है। वहीं सारंगढ़-बरमकेला मार्ग पर तेज बहाव के बीच एक कार नाले में गिरने से पूर्व सरपंच और उनकी पत्नी लापता हो गए हैं। दोनों की तलाश के लिए राहत और बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं। इस बीच मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले चार दिनों तक मानसून सक्रिय रहने और कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
दुर्ग जिले के पुलगांव क्षेत्र स्थित शिवनाथ नदी में जन्मदिन पार्टी के दौरान डूबे दूसरे युवक का शव सोमवार सुबह बरामद कर लिया गया। युवक शुक्रवार शाम अपने दोस्तों के साथ नदी किनारे गया था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और तेज बहाव में डूब गया। घटना के बाद से एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी। कई घंटों की खोजबीन के बाद सोमवार सुबह उसका शव नदी से बरामद किया गया।
इसी जिले के पाटन क्षेत्र स्थित जामराव एनीकट में रविवार शाम एक अन्य युवक पानी के तेज बहाव में बह गया था। सूचना मिलने के बाद बचाव दल ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया, लेकिन रात होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। सोमवार सुबह फिर से अभियान शुरू किया गया और कुछ देर बाद युवक का शव बरामद कर लिया गया। दोनों घटनाओं ने क्षेत्र में शोक का माहौल बना दिया है।
एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने दोनों स्थानों पर कई घंटों तक लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया। अधिकारियों ने बताया कि बारिश के कारण नदी और एनीकट में पानी का बहाव काफी तेज था, जिससे बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण रहा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में नदी, एनीकट और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचें तथा सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
उधर सारंगढ़-बरमकेला मार्ग पर रविवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार घोटलाबड़े गांव के पूर्व सरपंच देवनारायण पटेल अपनी पत्नी के साथ कार से जा रहे थे। इसी दौरान उनकी कार लाट नाले में अनियंत्रित होकर गिर गई। तेज पानी के बहाव में दोनों बह गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे और देर रात तक तलाश अभियान चलाया गया, लेकिन दोनों का कोई सुराग नहीं मिल सका।
सोमवार को भी राहत और बचाव दल ने सर्च ऑपरेशन जारी रखा। प्रशासन का कहना है कि पानी का बहाव अधिक होने के कारण अभियान में कठिनाई आ रही है, फिर भी सभी संभावित स्थानों पर तलाश की जा रही है। स्थानीय ग्रामीण भी प्रशासन के साथ मिलकर खोज अभियान में सहयोग कर रहे हैं।
बारिश के कारण प्रदेश के कई जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं। मौसम विभाग ने बताया है कि बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में अगले चार दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा। इस दौरान अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है। कई क्षेत्रों के लिए गरज-चमक और तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस मानसून सीजन में अब तक राज्य में सामान्य से लगभग 19 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। हालांकि विभाग ने इसे अभी भी सामान्य श्रेणी में माना है और आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी की संभावना जताई है।
राजधानी रायपुर में भी सोमवार को दिनभर बादल छाए रहने और एक-दो दौर की बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। शहर का अधिकतम तापमान लगभग 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
प्रदेश के तापमान की बात करें तो पेंड्रा रोड सबसे अलग रहा। यहां अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी 22.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। लगातार बारिश के कारण अधिकांश क्षेत्रों में तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि लगातार बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से नदी, नाले, एनीकट और पुल-पुलियों के पास न जाएं। यदि किसी क्षेत्र में जलभराव या तेज बहाव की स्थिति हो तो वहां से गुजरने से बचें। मौसम विभाग की चेतावनियों और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने से दुर्घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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छत्तीसगढ़ में बारिश बनी आफत, शिवनाथ नदी में डूबे दूसरे युवक का शव मिला, पूर्व सरपंच दंपती की तलाश जारी
छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के बीच नदी और नालों का जलस्तर बढ़ने से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है। दुर्ग जिले में डूबने की दो अलग-अलग घटनाओं में तीन युवाओं की मौत हो गई है। वहीं सारंगढ़-बरमकेला मार्ग पर तेज बहाव के बीच एक कार नाले में गिरने से पूर्व सरपंच और उनकी पत्नी लापता हो गए हैं। दोनों की तलाश के लिए राहत और बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं। इस बीच मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले चार दिनों तक मानसून सक्रिय रहने और कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
दुर्ग जिले के पुलगांव क्षेत्र स्थित शिवनाथ नदी में जन्मदिन पार्टी के दौरान डूबे दूसरे युवक का शव सोमवार सुबह बरामद कर लिया गया। युवक शुक्रवार शाम अपने दोस्तों के साथ नदी किनारे गया था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और तेज बहाव में डूब गया। घटना के बाद से एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी। कई घंटों की खोजबीन के बाद सोमवार सुबह उसका शव नदी से बरामद किया गया।
इसी जिले के पाटन क्षेत्र स्थित जामराव एनीकट में रविवार शाम एक अन्य युवक पानी के तेज बहाव में बह गया था। सूचना मिलने के बाद बचाव दल ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया, लेकिन रात होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। सोमवार सुबह फिर से अभियान शुरू किया गया और कुछ देर बाद युवक का शव बरामद कर लिया गया। दोनों घटनाओं ने क्षेत्र में शोक का माहौल बना दिया है।
एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने दोनों स्थानों पर कई घंटों तक लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया। अधिकारियों ने बताया कि बारिश के कारण नदी और एनीकट में पानी का बहाव काफी तेज था, जिससे बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण रहा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में नदी, एनीकट और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचें तथा सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
उधर सारंगढ़-बरमकेला मार्ग पर रविवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार घोटलाबड़े गांव के पूर्व सरपंच देवनारायण पटेल अपनी पत्नी के साथ कार से जा रहे थे। इसी दौरान उनकी कार लाट नाले में अनियंत्रित होकर गिर गई। तेज पानी के बहाव में दोनों बह गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे और देर रात तक तलाश अभियान चलाया गया, लेकिन दोनों का कोई सुराग नहीं मिल सका।
सोमवार को भी राहत और बचाव दल ने सर्च ऑपरेशन जारी रखा। प्रशासन का कहना है कि पानी का बहाव अधिक होने के कारण अभियान में कठिनाई आ रही है, फिर भी सभी संभावित स्थानों पर तलाश की जा रही है। स्थानीय ग्रामीण भी प्रशासन के साथ मिलकर खोज अभियान में सहयोग कर रहे हैं।
बारिश के कारण प्रदेश के कई जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं। मौसम विभाग ने बताया है कि बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में अगले चार दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा। इस दौरान अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है। कई क्षेत्रों के लिए गरज-चमक और तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस मानसून सीजन में अब तक राज्य में सामान्य से लगभग 19 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। हालांकि विभाग ने इसे अभी भी सामान्य श्रेणी में माना है और आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी की संभावना जताई है।
राजधानी रायपुर में भी सोमवार को दिनभर बादल छाए रहने और एक-दो दौर की बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। शहर का अधिकतम तापमान लगभग 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
प्रदेश के तापमान की बात करें तो पेंड्रा रोड सबसे अलग रहा। यहां अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी 22.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। लगातार बारिश के कारण अधिकांश क्षेत्रों में तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि लगातार बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से नदी, नाले, एनीकट और पुल-पुलियों के पास न जाएं। यदि किसी क्षेत्र में जलभराव या तेज बहाव की स्थिति हो तो वहां से गुजरने से बचें। मौसम विभाग की चेतावनियों और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने से दुर्घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
