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रायपुर में प्रेम संबंधों के विवाद में 4 साल के मासूम की हत्या, 7 महीने बाद आरोपी गिरफ्तार
रायपुर,(छ.ग.)
मां के सामने तकिए से दबाकर ली बच्चे की जान, पुलिस जांच में सामने आया अफेयर और हत्या का चौंकाने वाला कारण
रायपुर में सामने आए एक सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने सात महीने बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला चार साल के एक मासूम बच्चे की हत्या से जुड़ा है, जिसकी मौत को शुरुआत में सामान्य घटना माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच ने पूरे मामले की सच्चाई उजागर कर दी। जांच में सामने आया कि बच्चे की हत्या उसकी मां के कथित प्रेमी ने की थी। पुलिस के अनुसार आरोपी बच्चे को अपने और महिला के संबंधों में बाधा मानता था। इसी वजह से उसने मासूम की जान लेने जैसा खौफनाक कदम उठाया।
जानकारी के मुताबिक यह मामला रायपुर के आमानाका थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार 1 नवंबर 2025 को चार वर्षीय मयंक मिश्रा को अचेत अवस्था में अस्पताल ले जाया गया था। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआती स्तर पर मामले को संदिग्ध मौत मानते हुए मर्ग कायम किया गया और जांच शुरू की गई। परिवार और आसपास के लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन शुरुआत में हत्या जैसी कोई स्पष्ट बात सामने नहीं आई। हालांकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। रिपोर्ट में बच्चे की मौत दम घुटने और गला दबाने से होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी।
पुलिस जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने मामले को और गंभीर बना दिया। अधिकारियों के मुताबिक मृतक बच्चे की मां अपने पति से अलग रह रही थी और रायपुर में किराए के मकान में रहती थी। इसी दौरान उसकी पहचान टाटीबंध निवासी जयदीप सिंह से हुई थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और आरोपी का महिला के घर आना-जाना भी होने लगा। जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी बच्चे को पसंद नहीं करता था और उसे अपने संबंधों के बीच रुकावट मानता था। पुलिस का कहना है कि इसी सोच ने उसे अपराध की ओर धकेल दिया।
प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला कि घटना वाले दिन आरोपी महिला के घर पर मौजूद था। किसी बात को लेकर वह बच्चे से नाराज हो गया। बताया जा रहा है कि गुस्से में उसने बच्चे का मुंह और नाक तकिए से दबा दिया। उस समय बच्चे की मां भी वहीं मौजूद थी। कुछ ही देर में बच्चे की हालत बिगड़ गई और उसकी सांसें थम गईं। वारदात के बाद आरोपी मौके से निकल गया। बाद में बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घटना के बाद परिवार और आसपास के लोगों में भी तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं, लेकिन हत्या की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकी।
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की, लेकिन वह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा। पुलिस के अनुसार जयदीप सिंह पेशे से ट्रक चालक है और वारदात के बाद वह अलग-अलग राज्यों में ट्रक लेकर घूमता रहा। इससे उसकी लोकेशन ट्रैक करना आसान नहीं था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य जानकारियों के आधार पर उसकी तलाश जारी रखी। इस दौरान कई संभावित ठिकानों पर दबिश भी दी गई। सात महीने तक आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर रहा, लेकिन जांच टीम लगातार उसके पीछे लगी रही।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार 10 जून 2026 को मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली, जिसके बाद विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी से घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी ली गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों को केस डायरी में शामिल किया गया और कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान मिले तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों ने आरोपी तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अधिकारियों के मुताबिक हत्या के इस मामले में सभी आवश्यक पहलुओं की जांच की गई है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि पारिवारिक और व्यक्तिगत संबंधों के विवाद का सबसे बड़ा असर कई बार मासूम बच्चों पर पड़ता है।
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रायपुर में प्रेम संबंधों के विवाद में 4 साल के मासूम की हत्या, 7 महीने बाद आरोपी गिरफ्तार
रायपुर,(छ.ग.)
रायपुर में सामने आए एक सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने सात महीने बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला चार साल के एक मासूम बच्चे की हत्या से जुड़ा है, जिसकी मौत को शुरुआत में सामान्य घटना माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच ने पूरे मामले की सच्चाई उजागर कर दी। जांच में सामने आया कि बच्चे की हत्या उसकी मां के कथित प्रेमी ने की थी। पुलिस के अनुसार आरोपी बच्चे को अपने और महिला के संबंधों में बाधा मानता था। इसी वजह से उसने मासूम की जान लेने जैसा खौफनाक कदम उठाया।
जानकारी के मुताबिक यह मामला रायपुर के आमानाका थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार 1 नवंबर 2025 को चार वर्षीय मयंक मिश्रा को अचेत अवस्था में अस्पताल ले जाया गया था। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआती स्तर पर मामले को संदिग्ध मौत मानते हुए मर्ग कायम किया गया और जांच शुरू की गई। परिवार और आसपास के लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन शुरुआत में हत्या जैसी कोई स्पष्ट बात सामने नहीं आई। हालांकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। रिपोर्ट में बच्चे की मौत दम घुटने और गला दबाने से होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी।
पुलिस जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने मामले को और गंभीर बना दिया। अधिकारियों के मुताबिक मृतक बच्चे की मां अपने पति से अलग रह रही थी और रायपुर में किराए के मकान में रहती थी। इसी दौरान उसकी पहचान टाटीबंध निवासी जयदीप सिंह से हुई थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और आरोपी का महिला के घर आना-जाना भी होने लगा। जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी बच्चे को पसंद नहीं करता था और उसे अपने संबंधों के बीच रुकावट मानता था। पुलिस का कहना है कि इसी सोच ने उसे अपराध की ओर धकेल दिया।
प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला कि घटना वाले दिन आरोपी महिला के घर पर मौजूद था। किसी बात को लेकर वह बच्चे से नाराज हो गया। बताया जा रहा है कि गुस्से में उसने बच्चे का मुंह और नाक तकिए से दबा दिया। उस समय बच्चे की मां भी वहीं मौजूद थी। कुछ ही देर में बच्चे की हालत बिगड़ गई और उसकी सांसें थम गईं। वारदात के बाद आरोपी मौके से निकल गया। बाद में बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घटना के बाद परिवार और आसपास के लोगों में भी तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं, लेकिन हत्या की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकी।
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की, लेकिन वह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा। पुलिस के अनुसार जयदीप सिंह पेशे से ट्रक चालक है और वारदात के बाद वह अलग-अलग राज्यों में ट्रक लेकर घूमता रहा। इससे उसकी लोकेशन ट्रैक करना आसान नहीं था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य जानकारियों के आधार पर उसकी तलाश जारी रखी। इस दौरान कई संभावित ठिकानों पर दबिश भी दी गई। सात महीने तक आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर रहा, लेकिन जांच टीम लगातार उसके पीछे लगी रही।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार 10 जून 2026 को मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली, जिसके बाद विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी से घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी ली गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों को केस डायरी में शामिल किया गया और कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान मिले तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों ने आरोपी तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अधिकारियों के मुताबिक हत्या के इस मामले में सभी आवश्यक पहलुओं की जांच की गई है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि पारिवारिक और व्यक्तिगत संबंधों के विवाद का सबसे बड़ा असर कई बार मासूम बच्चों पर पड़ता है।
