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बलौदाबाजार में 8 हत्याओं का सनसनीखेज खुलासा, ‘जहर शराब’ से मारने वाला साइको किलर गिरफ्तार
Digital Desk
कुत्ते पर जहर का ट्रायल कर लोगों को पिलाई जहरीली शराब, अंतिम संस्कार में शामिल होकर छुपाता था अपनी पहचान
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के खर्वे गांव में सामने आया मामला पूरे इलाके को हिला देने वाला है। पुलिस ने 8 लोगों की हत्या के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए गांव के ही रामसहाय जायसवाल को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में ये सभी मौतें सामान्य या बीमारी से हुई बताई जा रही थीं, लेकिन लगातार बढ़ती संदिग्ध मौतों ने जब शक पैदा किया तो पूरा मामला खुलता चला गया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पिछले तीन महीनों के भीतर एक-एक कर 8 लोगों को जहरीली शराब पिलाकर मौत के घाट उतारा। जांच में सामने आया है कि आरोपी लोगों को पहले शराब में जहर मिलाकर पिलाता था और फिर उनके बीमार पड़ने या मौत के बाद खुद भी अंतिम संस्कार और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होता था ताकि किसी को उस पर शक न हो। गांव में जब पहली कुछ मौतें हुईं तो लोगों ने इसे प्राकृतिक कारण मानकर अंतिम संस्कार कर दिया, और इसी का फायदा आरोपी ने उठाया। बाद में एक व्यक्ति कार्तिक नाम के शख्स ने जहरीली शराब पीने के बाद किसी तरह जान बचाई और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। यही बयान पूरे मामले का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की गहराई से जांच शुरू की। पहले चरण में 7 कब्रों से शव निकालकर रायपुर भेजे गए, जबकि एक मृतक बुधराम जायसवाल का अंतिम संस्कार पहले ही किया जा चुका था। पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि मृतकों की मौत सामान्य नहीं थी बल्कि उन्हें जहर दिया गया था। रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने हत्या की कड़ी को जोड़ना शुरू किया और जांच का दायरा बढ़ाया। कॉल रिकॉर्ड, मृतकों के संपर्क और घटनाओं के पैटर्न की जांच की गई तो सभी मृतकों का संबंध एक ही व्यक्ति रामसहाय जायसवाल से सामने आया। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने चूहा मारने वाला जहर खरीदा था और उसी का इस्तेमाल इन हत्याओं में किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने पहले इस जहर का परीक्षण एक कुत्ते पर किया था ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उसका असर घातक है या नहीं। इसके बाद उसने गांव के लोगों को निशाना बनाना शुरू किया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने छोटी-छोटी बातों को लेकर रंजिश पाल ली थी और फिर योजनाबद्ध तरीके से हत्या को अंजाम देता रहा।
बताया जा रहा है कि आरोपी की मानसिक स्थिति भी सामान्य नहीं थी। उसने हत्या के पीछे कई कारण बताए हैं, जिनमें पुरानी रंजिश, जमीन विवाद, पैसों का लेनदेन, पत्नी पर शक और टोना-टोटका जैसी शंकाएं शामिल हैं। इन सभी वजहों को आधार बनाकर वह लोगों को अपना शिकार बनाता रहा। पुलिस का कहना है कि आरोपी को गांव में किसी को उस पर शक न हो, इसलिए वह सामाजिक तौर पर सक्रिय रहता था और अंतिम संस्कार से लेकर अन्य कार्यक्रमों में शामिल होता था।ग्रामीणों के अनुसार गांव में लगातार हो रही मौतों को लेकर पहले किसी ने गंभीरता से नहीं सोचा। सभी ने इसे अलग-अलग कारणों से हुई मौत मान लिया था। लेकिन जब एक के बाद एक मौतों का पैटर्न एक जैसा दिखने लगा तो शक गहराया। इसके बाद ग्रामीणों ने 6 जून को कसडोल थाने में आवेदन देकर पूरे मामले की जांच की मांग की। पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच टीम गठित की और जांच शुरू की।
पुलिस की सख्ती के बाद जब आरोपी से पूछताछ की गई तो वह पहले इन आरोपों से इनकार करता रहा। लेकिन फॉरेंसिक रिपोर्ट, गवाहों के बयान और तकनीकी सबूतों के सामने आने के बाद वह टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह मामला बेहद गंभीर और योजनाबद्ध हत्याओं का है, जिसमें आरोपी ने लंबे समय तक गांव में डर और भ्रम की स्थिति बनाए रखी। इस पूरे मामले ने प्रशासन और ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार तीन महीने तक हो रही मौतों के बावजूद शुरुआती स्तर पर जांच न होना कई तरह की लापरवाही की ओर इशारा करता है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है। गांव में अब भी दहशत का माहौल है और लोग इस बात से सहमे हुए हैं कि इतने लंबे समय तक एक व्यक्ति इस तरह की घटनाओं को अंजाम देता रहा और किसी को भनक तक नहीं लगी। पुलिस का कहना है कि मामले में और भी पहलुओं की जांच की जा रही है और यह भी देखा जा रहा है कि क्या इसमें कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।
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बलौदाबाजार में 8 हत्याओं का सनसनीखेज खुलासा, ‘जहर शराब’ से मारने वाला साइको किलर गिरफ्तार
Digital Desk
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के खर्वे गांव में सामने आया मामला पूरे इलाके को हिला देने वाला है। पुलिस ने 8 लोगों की हत्या के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए गांव के ही रामसहाय जायसवाल को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में ये सभी मौतें सामान्य या बीमारी से हुई बताई जा रही थीं, लेकिन लगातार बढ़ती संदिग्ध मौतों ने जब शक पैदा किया तो पूरा मामला खुलता चला गया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पिछले तीन महीनों के भीतर एक-एक कर 8 लोगों को जहरीली शराब पिलाकर मौत के घाट उतारा। जांच में सामने आया है कि आरोपी लोगों को पहले शराब में जहर मिलाकर पिलाता था और फिर उनके बीमार पड़ने या मौत के बाद खुद भी अंतिम संस्कार और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होता था ताकि किसी को उस पर शक न हो। गांव में जब पहली कुछ मौतें हुईं तो लोगों ने इसे प्राकृतिक कारण मानकर अंतिम संस्कार कर दिया, और इसी का फायदा आरोपी ने उठाया। बाद में एक व्यक्ति कार्तिक नाम के शख्स ने जहरीली शराब पीने के बाद किसी तरह जान बचाई और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। यही बयान पूरे मामले का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की गहराई से जांच शुरू की। पहले चरण में 7 कब्रों से शव निकालकर रायपुर भेजे गए, जबकि एक मृतक बुधराम जायसवाल का अंतिम संस्कार पहले ही किया जा चुका था। पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि मृतकों की मौत सामान्य नहीं थी बल्कि उन्हें जहर दिया गया था। रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने हत्या की कड़ी को जोड़ना शुरू किया और जांच का दायरा बढ़ाया। कॉल रिकॉर्ड, मृतकों के संपर्क और घटनाओं के पैटर्न की जांच की गई तो सभी मृतकों का संबंध एक ही व्यक्ति रामसहाय जायसवाल से सामने आया। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने चूहा मारने वाला जहर खरीदा था और उसी का इस्तेमाल इन हत्याओं में किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने पहले इस जहर का परीक्षण एक कुत्ते पर किया था ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उसका असर घातक है या नहीं। इसके बाद उसने गांव के लोगों को निशाना बनाना शुरू किया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने छोटी-छोटी बातों को लेकर रंजिश पाल ली थी और फिर योजनाबद्ध तरीके से हत्या को अंजाम देता रहा।
बताया जा रहा है कि आरोपी की मानसिक स्थिति भी सामान्य नहीं थी। उसने हत्या के पीछे कई कारण बताए हैं, जिनमें पुरानी रंजिश, जमीन विवाद, पैसों का लेनदेन, पत्नी पर शक और टोना-टोटका जैसी शंकाएं शामिल हैं। इन सभी वजहों को आधार बनाकर वह लोगों को अपना शिकार बनाता रहा। पुलिस का कहना है कि आरोपी को गांव में किसी को उस पर शक न हो, इसलिए वह सामाजिक तौर पर सक्रिय रहता था और अंतिम संस्कार से लेकर अन्य कार्यक्रमों में शामिल होता था।ग्रामीणों के अनुसार गांव में लगातार हो रही मौतों को लेकर पहले किसी ने गंभीरता से नहीं सोचा। सभी ने इसे अलग-अलग कारणों से हुई मौत मान लिया था। लेकिन जब एक के बाद एक मौतों का पैटर्न एक जैसा दिखने लगा तो शक गहराया। इसके बाद ग्रामीणों ने 6 जून को कसडोल थाने में आवेदन देकर पूरे मामले की जांच की मांग की। पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच टीम गठित की और जांच शुरू की।
पुलिस की सख्ती के बाद जब आरोपी से पूछताछ की गई तो वह पहले इन आरोपों से इनकार करता रहा। लेकिन फॉरेंसिक रिपोर्ट, गवाहों के बयान और तकनीकी सबूतों के सामने आने के बाद वह टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह मामला बेहद गंभीर और योजनाबद्ध हत्याओं का है, जिसमें आरोपी ने लंबे समय तक गांव में डर और भ्रम की स्थिति बनाए रखी। इस पूरे मामले ने प्रशासन और ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार तीन महीने तक हो रही मौतों के बावजूद शुरुआती स्तर पर जांच न होना कई तरह की लापरवाही की ओर इशारा करता है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है। गांव में अब भी दहशत का माहौल है और लोग इस बात से सहमे हुए हैं कि इतने लंबे समय तक एक व्यक्ति इस तरह की घटनाओं को अंजाम देता रहा और किसी को भनक तक नहीं लगी। पुलिस का कहना है कि मामले में और भी पहलुओं की जांच की जा रही है और यह भी देखा जा रहा है कि क्या इसमें कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।
