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छत्तीसगढ़ में फिर बदला मौसम का मिजाज, रायपुर समेत कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
छत्तीसगढ़
फ्रेंडशिप डे पर मौसम बिगाड़ सकता है आउटिंग का प्लान, कई जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी, आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी
छत्तीसगढ़ में अगस्त की शुरुआत के साथ ही मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने रविवार को राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली को लेकर अलर्ट जारी किया है। ऐसे में फ्रेंडशिप डे पर दोस्तों के साथ बाहर घूमने या पिकनिक का प्लान बना रहे लोगों को मौसम का ध्यान रखने की सलाह दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेश में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण अगले 24 घंटों तक कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है।
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अनेक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। रामानुजनगर, लोरमी और अकलतरा में तीन-तीन सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं ओरछा, लालपुर थाना, बेलतरा, भोपालपटनम, सीपत, बड़े बचेली, अजगरबहार और छोटेडोंगर में दो-दो सेंटीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा भैसमा, भैरमगढ़, नारायणपुर, बलौदा, दरभा, बारसूर, पाली, कटघोरा, कोहकामेटा, तोकापाल, पोंडी बचरा, मस्तूरी, हरदीबाजार और अंतागढ़ सहित कई क्षेत्रों में एक सेंटीमीटर तक वर्षा दर्ज की गई। लगातार हो रही बारिश से तापमान में हल्की गिरावट आई है और लोगों को उमस से राहत मिली है।
मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में समुद्र तल पर सक्रिय मानसून द्रोणिका जैसलमेर, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान, बांदा, डेहरी, मालदा होते हुए मणिपुर तक फैली हुई है। इसके साथ ही दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तर-पूर्व बिहार तक एक अन्य द्रोणिका भी सक्रिय बनी हुई है। इन दोनों प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं और आने वाले दिनों में भी मौसम का यही रुख रहने की संभावना है।
राजधानी रायपुर में रविवार को दिनभर बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक शहर का अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। सुबह और शाम के समय हल्की बारिश या फुहारें पड़ने की संभावना है, जबकि कुछ इलाकों में तेज बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर अधिक समय तक नहीं रुकने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है।
प्रदेश के दक्षिणी और बस्तर संभाग के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर और कोंडागांव जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इन जिलों में प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
इसके अलावा बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम और मुंगेली जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है। मौसम विभाग ने किसानों, यात्रियों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
फ्रेंडशिप डे के अवसर पर बड़ी संख्या में युवा पार्क, पर्यटन स्थलों, कैफे और पिकनिक स्पॉट्स पर जाने की योजना बनाते हैं। मौसम विभाग का कहना है कि यदि बाहर जाने का कार्यक्रम बना रहे हैं तो मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें। भारी बारिश या बिजली चमकने की स्थिति में खुले मैदान, नदी-नालों और पेड़ों के नीचे रुकने से बचें। वाहन चलाते समय भी अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी क्योंकि बारिश के कारण सड़कों पर फिसलन बढ़ सकती है।
बारिश का यह दौर कृषि क्षेत्र के लिए भी राहत लेकर आया है। धान की खेती वाले क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा से खेतों में पर्याप्त नमी बनी हुई है, जिससे किसानों को सिंचाई की चिंता कम हुई है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी क्षेत्र में बहुत अधिक बारिश होती है तो जलभराव की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में खेतों की नियमित निगरानी और जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखना जरूरी होगा।
राज्य के कई शहरों में रविवार को छुट्टी होने के कारण बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ रहने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। बिजली गिरने की आशंका वाले समय में मोबाइल फोन का सीमित उपयोग, ऊंचे पेड़ों से दूरी और सुरक्षित स्थानों पर रहने जैसी सावधानियां अपनाने की सलाह भी दी गई है।
अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा और कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम के बदलते मिजाज को ध्यान में रखते हुए अपनी दैनिक गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह दी गई है। यदि मौसम का पूर्वानुमान अनुकूल नहीं हो तो अनावश्यक यात्रा टालना ही बेहतर रहेगा।
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छत्तीसगढ़ में फिर बदला मौसम का मिजाज, रायपुर समेत कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
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छत्तीसगढ़ में अगस्त की शुरुआत के साथ ही मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने रविवार को राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली को लेकर अलर्ट जारी किया है। ऐसे में फ्रेंडशिप डे पर दोस्तों के साथ बाहर घूमने या पिकनिक का प्लान बना रहे लोगों को मौसम का ध्यान रखने की सलाह दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेश में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण अगले 24 घंटों तक कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है।
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अनेक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। रामानुजनगर, लोरमी और अकलतरा में तीन-तीन सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं ओरछा, लालपुर थाना, बेलतरा, भोपालपटनम, सीपत, बड़े बचेली, अजगरबहार और छोटेडोंगर में दो-दो सेंटीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा भैसमा, भैरमगढ़, नारायणपुर, बलौदा, दरभा, बारसूर, पाली, कटघोरा, कोहकामेटा, तोकापाल, पोंडी बचरा, मस्तूरी, हरदीबाजार और अंतागढ़ सहित कई क्षेत्रों में एक सेंटीमीटर तक वर्षा दर्ज की गई। लगातार हो रही बारिश से तापमान में हल्की गिरावट आई है और लोगों को उमस से राहत मिली है।
मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में समुद्र तल पर सक्रिय मानसून द्रोणिका जैसलमेर, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान, बांदा, डेहरी, मालदा होते हुए मणिपुर तक फैली हुई है। इसके साथ ही दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तर-पूर्व बिहार तक एक अन्य द्रोणिका भी सक्रिय बनी हुई है। इन दोनों प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं और आने वाले दिनों में भी मौसम का यही रुख रहने की संभावना है।
राजधानी रायपुर में रविवार को दिनभर बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक शहर का अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। सुबह और शाम के समय हल्की बारिश या फुहारें पड़ने की संभावना है, जबकि कुछ इलाकों में तेज बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर अधिक समय तक नहीं रुकने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है।
प्रदेश के दक्षिणी और बस्तर संभाग के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर और कोंडागांव जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इन जिलों में प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
इसके अलावा बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम और मुंगेली जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है। मौसम विभाग ने किसानों, यात्रियों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
फ्रेंडशिप डे के अवसर पर बड़ी संख्या में युवा पार्क, पर्यटन स्थलों, कैफे और पिकनिक स्पॉट्स पर जाने की योजना बनाते हैं। मौसम विभाग का कहना है कि यदि बाहर जाने का कार्यक्रम बना रहे हैं तो मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें। भारी बारिश या बिजली चमकने की स्थिति में खुले मैदान, नदी-नालों और पेड़ों के नीचे रुकने से बचें। वाहन चलाते समय भी अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी क्योंकि बारिश के कारण सड़कों पर फिसलन बढ़ सकती है।
बारिश का यह दौर कृषि क्षेत्र के लिए भी राहत लेकर आया है। धान की खेती वाले क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा से खेतों में पर्याप्त नमी बनी हुई है, जिससे किसानों को सिंचाई की चिंता कम हुई है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी क्षेत्र में बहुत अधिक बारिश होती है तो जलभराव की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में खेतों की नियमित निगरानी और जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखना जरूरी होगा।
राज्य के कई शहरों में रविवार को छुट्टी होने के कारण बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ रहने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। बिजली गिरने की आशंका वाले समय में मोबाइल फोन का सीमित उपयोग, ऊंचे पेड़ों से दूरी और सुरक्षित स्थानों पर रहने जैसी सावधानियां अपनाने की सलाह भी दी गई है।
अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा और कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम के बदलते मिजाज को ध्यान में रखते हुए अपनी दैनिक गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह दी गई है। यदि मौसम का पूर्वानुमान अनुकूल नहीं हो तो अनावश्यक यात्रा टालना ही बेहतर रहेगा।
